...अब जल्दी ही खुल सकती है अकबरपुर की रेलवे क्रासिंग, दूर होगी जाम की समस्या
| Posted by- Editor - Oct 31 2018 4:39PM

सड़क सुरक्षा समिति ने डी.एम. के माध्यम से शासन को भेजा प्रस्ताव

आशा ही जीवन है और उत्तर प्रदेश के जनपद अम्बेडकरनगर के मुख्यालयी शहर अकबरपुर के वाशिन्दों में आशा की एक किरण जागी है। इस किरण के प्रकाश से 16 वर्षों से चला आ रहा घनघोर अन्धेरा दूर होने की सम्भावना को बल मिला है। जी हाँ! वह अँधेरा क्या है, इसका जिक्र करना जरूरी है। अकबरपुर में रेलवे क्रासिंग के प्रायः बन्द रहने से मुख्य सड़क मार्ग पर गमनागमन में आने वाली दिक्कतों के दृष्टिगत तत्कालीन मुख्यमंत्री/बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष कु. मायावती ने 31 अक्टूबर 2001 को जिला मुख्यालय के दौरे के दौरान लगभग 1 किलोमीटर लम्बा उपरिगामी सेतु निर्माण की घोषणा किया था।

14 करोड़ की लागत से निर्मित इस फ्लाईओवर के निर्माण का औपचारिक शुभारम्भ तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट आशीष गोयल और सेतु निर्माण निगम के सहायक अभियन्ता एस.के. शर्मा ने 22 फरवरी 2002 को भूमि पूजन करके किया था। इसी दिन, दिनांक से अकबरपुर में फ्लाई ओवर के निर्माण को लेकर नगरजनों व बाहरी लोगों में काफी कौतूहल देखा जाने लगा। इस दौरान मुख्य सड़क मार्ग पर बनने वाले पिलर्स और उपरिगामी सेतु के अन्य हिस्सों के निर्माण की वजह से यातायात का डायवर्जन कर दिए जाने से बाहरी व स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 

वाराणसी-जफराबाद-शाहगंज अकबरपुर-फैजाबाद-बाराबंकी-लखनऊ रेल मार्ग पर स्थित अकबरपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिम तरफ मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित रेलवे क्रासिंग के फाटक नम्बर 133 ए पर ताला जड़ दिया गया और बड़े-बड़े पत्थर बोल्डर डालकर सड़क के दोनों तरफ का मार्ग अवरूद्ध कर दिया गया। सड़क मार्ग से आवागमन में आने वाली इस दिक्कत का खात्मा अम्बेडकरनगर के 14वें स्थापना दिवस के अवसर पर 29 सितम्बर 2009 को तब हुआ जब अपने तृतीय मुख्यमंत्रित्व काल में मायावती ने लखनऊ में ही रहकर रिमोट द्वारा फ्लाईओवर को जनता के लिए लोकार्पित किया। 

फरवरी 2002 से 29 सितम्बर 2009 तक मार्ग परिवर्तित किए जाने से सड़क मार्ग पर आवागमन करने वालों को फ्लाई ओवर के लोकार्पण के उपरान्त काफी हद तक सहूलियत मिली। अकबरपुर स्थित फ्लाई ओवर से होकर गुजरने वाले बड़े-छोटे आटो वाहनों के चालक व उनमें यात्रा करने वाले यात्रियों के चेहरे अवश्य ही खिल उठे परन्तु अकबरपुर रेलवे क्रासिंग के पूर्ववत न खुलने से अकबरपुर और शहजादपुर दोनों उपनगरों में रहने वाले स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों, मण्डी, बाजार करने वालों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा जो अभी भी बदस्तूर है। हालांकि कई संगठनों ने 29 सितम्बर 2009 के बाद से साल-दो साल तक कथित रूप से आन्दोलन चलाकर बन्द रेलवे क्रासिंग को खुलवाने का प्रयास किया लेकिन उनका प्रयास विफल रहा। यह चर्चा देश/प्रदेश की महा पंचायत में भी हुई पर बेनतीजा ही निकली। 

जिलाधिकारी सुरेश कुमार (आई.ए.एस.)

लम्बे अन्तराल बाद अब यह समाचार मिल रहा है कि सड़क सुरक्षा समिति ने जिलाधिकारी अम्बेडकरनगर के माध्यम से शहर में लगने वाले जाम को देखते हुए सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है जिसमें यह मांग की गई है कि अकबरपुर रेलवे क्रासिंग को आवागमन के लिए खोल दिया जाए और बस स्टेशन को उसके पुराने स्थान से अन्यत्र शिफ्ट कर दिया जाए। साथ ही वर्तमान बस स्टेशन को कार्यशाला में तब्दील कर दिया जाए। इस खबर को सुनकर आम हुई जाम की समस्या से त्रस्त नगरजनों व बन्द रेलवे क्रासिंग से दिक्कतें झेल रहे स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चो, विद्यालय प्रबन्धकों में यह प्रस्ताव एक बार फिर रे ऑफ होप (आशा की किरण) जैसा लगने लगा है।

बहरहाल कुछ भी हो यदि सरकार उक्त प्रस्ताव को गम्भीरता से लेकर उस पर विचार करे तो अवश्य ही बस स्टेशन अकबरपुर का अन्यत्र स्थानान्तरण एवं बन्द रेलवे क्रासिंग के खुलने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। लोग सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (लोकपाल) जिलाधिकारी सुरेश कुमार (आई.ए.एस.) व समिति के सचिव ए.आर.टी.ओ. के.एन. सिंह के साथ ही समिति के अन्य सदस्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं। यह भी कह रहे हैं कि ऐसे अनुभवी अफसर से इसी तरह के पहल की उम्मीद की जाती है।  के. एन. सिंह सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी जो सड़क सुरक्षा समिति के सचिव हैं ने अम्बेडकरनगर मुख्यालयी शहर अकबरपुर व शहजादपुर में नित्य लगने वाली जाम से उत्पन्न विकट समस्या के स्थाई निवारण के लिए समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी सुरेश कुमार की तरफ से जो विचार सरकार को प्रस्ताव के रूप में भेजवाया है वह काबिल-ए-तारीफ है।

हमने इस बावत उप संभागीय परिवहन अधिकारी कैलाश नाथ सिंह से वार्ता किया तो उन्होंने बताया कि अकबरपुर नगर में दिन भर लगने वाली जाम की समस्या से निबटने हेतु नगर के मध्य बन्द पड़ी रेलवे क्रासिंग को आवागमन के लिए खोले जाने व बस स्टेशन को अन्यत्र स्थानान्तरित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। समस्या को गम्भीरता से लेकर शासन यदि पहल करे तो लोगों को जाम की समस्या से छुटकारा जरूर मिलेगा। ए.आर.टी.ओ. सिंह ने बताया कि बीते दिनों जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने इस गम्भीर समस्या को प्रमुखता से उठाया था। जिस पर समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी व अन्य सदस्यों ने गहन विचार करके अपनी सहमति जताई थी। परिणाम स्वरूप उक्त प्रस्ताव को जिलाधिकारी ने शासन को भेजा है।

प्रस्ताव के बावत विस्तृत जानकारी- गत दिनों जिलाधिकारी/अध्यक्ष सड़क सुरक्षा समिति सुरेश कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त प्रस्ताव जिलाधिकारी सुरेश कुमार के माध्यम से शासन को भेज दिया गया है जिस पर विचार करने के उपरान्त नवम्बर माह के अन्त तक शासन अपना निर्णय सुना सकता है। कुछ भी हो जिले की सड़क सुरक्षा समिति और उसके वर्तमान अध्यक्ष/जिलाधिकारी सुरेश कुमार व सचिव कैलाश नाथ सिंह (ए.आर.टी.ओ.) ने अकबरपुर के लोगों की सोई हुई उम्मीदों को अपनी इस पहल से फिर से जगा दिया है।

यदि सरकार ने समिति के प्रस्ताव पर गम्भीरता से विचार कर उस पर अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी तो निकट भविष्य में जल्द ही अकबरपुर की लाइलाज हो चुकी जाम की समस्या का किसी हद तक इलाज हो जाएगा और बच्चे, बूढ़े, जवानों, महिलाओं एवं स्थानीय नगरजनों को अकबरपुर, शहजादपुर दोनों उपनगरों में आवागमन करने के लिए काफी सहूलियत मिल जाएगी। यदि ऐसा हुआ तो जिलाधिकारी सुरेश कुमार (वरिष्ठ आई.ए.एस.) व कैलाश नाथ सिंह (ए.आर.टी.ओ.) लोगों के लिए द रीयल हीरोज साबित होंगे। 



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