कदीम अजादारी का वार्षिक आयोजन
| -Ali Askari Naqvi - Nov 5 2018 4:04PM

अंबेडकरनगर। अंजुमन गुंचये अकबरिया के तत्वावधान में कदीम अजादारी का वार्षिक आयोजन रविवार को इमामबाड़ा राजा साहब मीरानपुर में हुआ। पूरे दिन या हुसैन की आवाज फिजाओं में गूंजती रही। मातमी अंजुमनों के पुरदर्द स्वर तथा जाकरीन के गमनाक बयान से हुसैनियों के दिलों में गमों के शोले भड़कते रहे। परिणाम स्वरूप निरंतर आंखों से अश्रु की धारा जारी रही। 

कार्यक्रम का आरंभ मौलाना काजिम मेहदी उरूज के संबोधन से हुआ। जिसमें उन्होंने कहा कर्बला युध्य नहीं अपितु अन्याय के विरुद्ध एक आंदोलन था। अम्न व इंसानियत का पैगाम देने का नाम कर्बला है। अतः इस्लाम के अनुयायियों को अराजकता, राष्ट्र व समाज विरोधी कृत्यों से विरत रहना चाहिए। प्रत्येक धर्म की भांति मजहब-ए-इस्लाम भी लोगों को तोड़ने की नहीं, जोड़ने की प्रेरणा देता है।

जैबी रिजवी व जर्रार अकबरपुरी के संचालन में अंजुमन हुसैनिया लोरपुर के मौलाना मोहम्मद शब्बर खान व हमनवा ने नौहा पढ़ा- जैनब तड़प के बोलीं जिगर अपना थाम कर, मिस्ल-ए-जईफा खम है सकीना की भी कमर... अंजुमन हैदरिया कदीम अब्दुल्लाहपुर के हसन अलवी आदि ने दूर के मुसाफिर हैं कर्बला के दामन में... शीर्षक से नौहा प्रस्तुत किया।

अंजुमन गरीब-उल-हुसैन मुंबई, आबिदिया वाराणसी, पंजतनी सुल्तानपुर, आबिदिया फैजाबाद, अंजुमन जुल्फेकारिया व अंजुमन हुसैनिया जलालपुर ने भी नौहो-मातम एवं जाकिर-ए-अहलेबैत मौलाना मोहम्मद अब्बास रिजवी तथा मौलाना मोहम्मद असगर रिजवी उर्फ़ शारिब ने तकरीर के माध्यम से अजरे रिसालत अदा किया।

कमर अब्बास अज्मी, वसी रजा, जैगम अब्बास, कायम अब्बास, मुसर्रत हुसैन, राशिद जफर, शुजाअत अब्बास, नुसरत हुसैन, समीर अब्बास, अलमदार हुसैन, इफ़्तेख़ार हुसैन, हसन हैदर, मोनू खान, ज़ामिन अब्बास, आरिफ अब्बास, मोहम्मद हसन, काज़िम रज़ा, कामरान हैदर, जैगम, सलमान, रेहान, शीबू, हसन अब्बास, राजा, मसर्रत, शुजाअत, अस्करी, राशिद आदि ने उत्तरदायित्व संभाला।



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