मिलावटी खोए और मिठाई की घर बैठे ऐसे करें पहचान: के.के. उपाध्याय
| Posted by- Editor - Nov 6 2018 5:33PM

व्यस्तता के बावजूद भी मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दिए आवश्यक टिप्स

जीवन की आपा-धापी में घर-परिवार, हित-मित्र, समाज के साथ सामंजस्य बनाकर चलने वाले लोग वास्तव में हिम्मतवाला व दिलेर कहे जाते हैं। इस घोर भौतिकवादी युग में जहाँ हर छोटे-बड़े काम के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा को फेस करके इम्तहान पास करने होते हैं वहाँ बिरले ही सामाजिक कसौटी पर अपने को सुपर हीरो सिद्ध कर पाते हैं। इस समय पर्व त्योहार सिर पर हैं, सरकार, विभाग, विभाग के उच्चाधिकारियों का आदेश-निर्देश इतना कि सरकारी अहलकारों के लिए दो लुकमा खाना व चैन की नींद लेना मुश्किल है। क्या करें सरकारी महकमें की नौकरी और दायित्वों से परिपूर्ण ओहदा, करना तो पड़ेगा ही। तब ऐसे में हमेशा सक्रिय और चैतन्य रहकर ड्यूटी तो करनी ही पड़ेगी। जी हाँ इस वक्त हम बात कर रहे हैं सरकार के ऐसे महकमे से सम्बन्धित पदाधिकारियों/ओहदेदारों की जिनका सीधा सम्बन्ध सर्वजन के स्वास्थ्य से जुड़ा है। 

कहते है कि हेल्थ इज वेल्थ यानि स्वास्थ्य ही धन है। जिस व्यक्ति का स्वास्थ्य गड़बड़ होता है वह धन रहते हुए भी कंगालों सा जीवन जीता है, लेकिन नहीं। उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले के स्वास्थ्य सुरक्षा महकमे के चीफ ने संकल्प ले रखा है कि जब तक वह यहाँ मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पद पर रहेंगे तब तक उनके नेतृत्व काम कर रही टीम अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन करती रहेगी। 

मिलावट और मानक के विपरीत खाद्य पदार्थों का निर्माण व बिक्री कतई नहीं बर्दाश्त की जाएगी। इस कथन को ऐसे तत्व जो अधिक से अधिक मुनाफा कमाने के लिए जनस्वास्थ्य की अनदेखी करते हैं अपने लिए चेतावनी समझ लें। यदि जनस्वास्थ्य विरोधी तत्व अपनी काली कमाई के लिए लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करेंगे तो उनका यह मंसूबा हम कामयाब नहीं होने देंगे और वर्ष के 365 दिन सभी घण्टे, सेकेण्ड किसी भी वक्त छापेमारी करके उनकी दुकानों/प्रतिष्ठानों/कारखानों की चेकिंग करेंगे, नमूने लेंगे, अखाद्य सामग्रियों व पदार्थों को तत्काल नष्ट कराएँगे। 

संदेहास्पद स्थिति में प्राप्त खाद्य पदार्थों को सीज कर अग्रिम कार्रवाई करेंगे................। तात्पर्य यह कि यहाँ हमारे रहते खाद्य सुरक्षा महकमें टीम की सक्रियता हमेशा कायम रहेगी। किसी भी सूचना पर तत्काल प्रभाव से यथा स्थान पर पहुँचकर कार्रवाई की जाएगी और सूचना प्रदाता का नाम गुप्त रखा जाएगा। हमें आम जन और मीडिया का सहयोग व समर्थन मिलना चाहिए। ऐसे समर्थन और सहयोग की सार्थकता को हम सिर आँखों पर रखते हुए हमारा काम और भी तीव्रता के साथ करेंगें। 

उक्त बातें अम्बेडकरनगर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.के. उपाध्याय ने कहीं। उन्होंने रेनबोन्यूज से यह बातें तब कहीं जब उनके नेतृत्व में महकमें की टीम शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की चेकिंग कर रही थी। उपाध्याय ने कहा जिले के एक कोने से दूसरे कोने तक ग्रामीण, बाजार, कस्बा एवं शहर क्षेत्रों में संचालित लगभग हर उस स्थान पर निरीक्षण किया गया जहाँ मिलावटी दूध, खोवा, छेना, अखाद्य तेल, मिठाइयाँ का निर्माण व बिक्री की जाती है। जिले की हर छोटी-बड़ी दुकानों/प्रतिष्ठानों पर महकमें की टीम जा-जाकर जनजागरण करने के साथ-साथ अवैध धन्धेबाजों पर लगाम कस रही है। 

सी.एफ.एस.ओ. उपाध्याय ने बताया कि उनकी टीम द्वारा किए जा रहे ऐसे काम की प्रशंसा भले ही धूम-धड़ाके से न किया जा रहा हो परन्तु अभी तक उनके नेतृत्व में कार्य करने वाले विभागीय सदस्यों पर किसी भी तरह का प्रभुत्व पूर्ण प्रेशर नहीं डाला गया है। यह खुशी की बात है कि यदि ऐसा होता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब जिले से मिलावट व अखाद्य पदार्थों की बिक्री के जरिए लाखों/करोड़ों कमाने वाले धन्ना सेठों को उस रास्ते पर चलता हुआ हर कोई देखेगा जो रास्ता बगैर जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किए ही अपनी मंजिल तक जाता हो। 

रेनबोन्यूज ने सर्वाधिक व्यस्त और खाद्य पदार्थों की चेकिंग टीम के नेतृत्वकर्ता मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.के. उपाध्याय से सम्पर्क कर उन्हें त्योहार की बधाई दिया और उनसे कहा कि कुछ इससे इतर टिप्स के रूप में बताएँ जिनका प्रकाशन/प्रसारण कर हम अपने हित-मित्रों, शुभचिन्तकों-समस्त को जानकारी से अवगत करा सकें। ऐसा करना भी आपके जनजागरण अभियान का एक अहम हिस्सा ही माना जाएगा। आग्रह सुनने के उपरान्त के.के. उपाध्याय ने बड़े ही सहज भाव से कहा- जब ऐसी ही इच्छा है तो आज के परिप्रेक्ष्य में कुछ टिप्स जान लो। वह आपके लिए और सभी के लिए उपयोगी है। 

के.के. उपाध्याय (मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी) द्वारा बताई गई टिप्स:- 

  • त्योहार का सीजन आते ही बाजार में रंग-बिरंगी मिठाइयों और खोए की आमद  बढ़ जाती है। इनके शुद्धता की परख के लिए एक काँच के बर्तन में थोड़ा सा पनीर या मिठाई को थोड़े से गुनगुने पानी में डालें, अब इसे घुलने दें। यदि इसका रंग नीला हो जाता है तो समझिए कि यह मिलावटी है। पराडीमेथील एमिनो बेनजलडीहाइड मिक्स करने से भी मिलवाट पता चलती है। 
  • दूध में मिलावट की पहचान करना आसान है। थोड़े से दूध में बराबर मात्रा में पानी मिलाएं। अगर उसमें झाग आए तो समझ लें कि इसमें डिटर्जेंट की मिलावट है। सिंथेटिक दूध की पहचान करने के लिए दूध को हथेलियों के बीच रगड़ें। अगर साबुन जैसा लगे तो दूध सिंथेटिक हो सकता है। सिंथेटिक दूध गर्म करने पर हल्का पीला हो जाता है।
  • ऐसे ही मिलावटी खोये की पहचान के लिए फिल्टर पर आयोडीन की दो से तीन बूंदे डालें। अगर यह काला पड़ जाए तो समझ लें कि यह मिलावटी है। खोया यानि मावा अगर दानेदार है तो यह मिलावटी हो सकता है। इसकी पहचान के लिए उंगलियों के बीच इसे मसलें, दाने जैसे लगें तो खोया मिलावटी है।
  • मिलावटी घी की पहचान के लिए इसमें कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर की मिला दें। अगर घी का रंग नीला हो जाए तो ये मिलावटी हो सकता है। अक्सर घी में आलू या शकरकंद की मिलावट की खबरें आती रहती हैं।
  • पनीर को पानी में उबाल कर ठंडा कर लें। इसमें कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर की डालें। अगर पनीर का रंग नीला हो जाए तो समझ लें कि यह मिलावटी है।
  • मिठाई पर चढ़े चांदी के वर्क में एल्युमिनियम धातु की मिलावट की जाती है जो सेहत के लिए अच्छी नहीं होती। एल्युमिनियम की मिलावट की आसानी से जांच की जा सकती है। चांदी के वर्क को जलाने से वह उतने ही वजन की छोटी-सी गेंद जैसी हो जाती है। अगर वर्क मिलावटी हुआ तो वो स्लेटी रंग का जला हुआ कागज बन जाएगा।
  • चॉकलेट, कॉफी या चॉकलेट पाउडर में चिकोरी और गुड़ की मिलावट की जाती है। चॉकलेट का पाउडर बना लें और उस पाउडर पर एक गिलास पानी में छिड़कें। कॉफी और चॉकलेट पाउडर पानी के ऊपर तैरने लगेगा और चिकोरी नीचे बैठ जाएगी।
  • यही हाल गुड़ की मिलावट का है, पानी में चॉकलेट को डालिए अगर गुड तो चिकना मीठा सा लिसलिसा पदार्थ पानी में घुल जाएगा।
  • दूध की शुद्धता की परख करने के लिए कच्चे दूध में कुछ बूंदे नींबू के रस की डालने से यदि वह फट जाए तो समझिए दूध में किसी हानिकारक रसायन का प्रयोग नहीं किया गया है हाँ पानी की मिलावट हो सकती है। 

इतना बताने के उपरान्त के.के. उपाध्याय ने कहा क्षमा करिएगा, अभी कई स्थानों पर जाकर चेकिंग करनी है। उनका प्रयास है कि इस वर्ष के प्रकाशोत्सव पर कहीं भी मिलावट व अखाद्य पदार्थों का निर्माण व बिक्री न होने पाए। लोग जो भी खाएँ शुद्ध खाएँ और स्वस्थ्य रहें। हर्षोल्लास के साथ प्रकाश पर्व का सालीनता के साथ मनाएँ। पर्यावरण के दृष्टिगत कानफोड़ू पटाखों के शोर से बचें। बच्चे फुलझड़ी, अनार आदि का उपयोग करें, शुद्ध मिठाइयाँ खाएँ। घरों में पकवान शुद्ध वातावरण में मिलावट रहित खाद्य पदार्थों से बनाएँ। 



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