बाबरी विध्वंस बरसी पर वाराणसी में काला दिवस, 6 हजार दुकानें बंद
| Rainbow News - Dec 6 2018 4:03PM

वाराणसी। 6 दिसंबर 1992 के दिन अयोध्या में विवादित ढांचे को गिराया गया था जिसे लेकर मुस्लिम समाज के लोग काला दिवस के रूप में मनाते हैं। प्रशासन पूरे जिले में सख्त रवैया अपनाते हुए मुस्तैद है और वाराणसी के सेंसटिव एरिया (मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र ) पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। आपको बता दें कि मुस्लिम बाहुल्य इलाके दालमंडी, नई सड़क, मदनपुरा सहित कई इलाकों में करीब 6 हजार से अधिक दुकानें पूरी तरह बंद हैं।

बंदी को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि आज के दिन 1992 में बाबरी मस्जिद का विध्वंस किया गया था जिसे लेकर हम मातम मनाते हैं और पूरे मुस्लिम क्षेत्र में बंदी रहती है। ऐसे में आज हम सभी ने बंदी रखा है और जब तक इस मामले में फैसला नहीं आ जाता और मस्जिद का निर्माण शुरू नहीं हो जाता तब तक 06 दिसंबर के दिन हम ऐसे ही मनाते रहेंगे। काशी में होता है हर साल विरोध 06 दिसंबर को लेकर प्रदेश के कई जिलों में मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में बंदी का असर देखने को मिल रहा है।

ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में बंदी को लेकर तख्तियां लगाई गईं। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर सहित कई स्थानों पर पीएसी और पुलिस के जवान तैनात हैं। इस पूरे मामले पर दाल मंडी के व्यापारी रहमत और साजिद बताते हैं कि उन्हें न्यायालय और न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है। वह दिन जरूर आएगा जब विवादित ढांचा बाबरी मस्जिद गिराए जाने पर फैसला उनके पक्ष में होगा।

रहमत ने कहा कि जब तक मस्जिद के निर्माण का काम नहीं शुरू होगा तब तक हम लोग हर साल मस्जिद गिराए जाने के मातम में ऐसे की दुकान बंद करते रहेंगे। वहीं साजिद ने कहा कि हमें न्याय चाहिए। बता दें करीब 6 हजार दुकानें आज के दिन नहीं खुलती हैं जिससे पूरे मार्केट में लोगों का नुकसान भी होता है। जब हमने साजिद से आर्थिक नुकसान के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि आर्थिक नुकसान की चिंता नहीं न्याय चाहिए।



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