बहराइच की भाजपा सांसद ने दिया इस्तीफा
| Rainbow News - Dec 6 2018 5:03PM

अपने बयानों से बीजेपी के लिए सिरदर्द बढ़ाने वाली बहराइच से सांसद और दलित नेता सावित्री बाई फुले ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा है कि उनका आज से बीजेपी से कोई लेना देना नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि जबतक उनका कार्यकाल रहेगा वो सांसद बनीं रहेंगी, लेकिन बीजेपी से कोई नाता नहीं रखेंगी।  लखनऊ में बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के मौके पर सावित्री बाई फुले ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी दलित, पिछड़ा और मुस्लिम विरोधी है। साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी देश को मनुस्मृति से चलाना चाहती है और आरक्षण खत्म करने का साजिश रच रही है। साथ ही फुले ने कहा कि जब तक वह जिंदा हैं, दोबारा बीजेपी में वापस नहीं लौटेंगी।

लखनऊ में आयोजित एक प्रेसवार्ता में इस्तीफे के ऐलान के साथ ही फुले ने बीजेपी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला। फुले ने कहा, 'बीजेपी दलितों के विरोध में है। बाबा साहेब की प्रतिमा पूरे देश में कई जगह तोड़ी गई लेकिन तोड़नेवालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। बार-बार बीजेपी के बड़े नेता संविधान बदलने की बात कहते हैं लेकिन आज तक प्राइवेट सेक्टर में एससी-एसटी के लिए आरक्षण लागू करने का वादा नहीं निभाया गया।' केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए सांसद ने कहा कि काला धन विदेश से वापस लाने का वादा भी पूरा नही किया गया। मंदिर-मस्जिद का खौफ दिखाकर आपसी भाईचारा खत्म किया जा रहा है। फुले ने आरोप लगाया कि दलित सांसद होने की वजह से उनकी कभी बात नहीं सुनी गई और हमेशा उपेक्षा की गई।

आपको बता दें कि फुले पहले भी कई बार अपने बयानों से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा चुकी हैं। पिछले दिनों राम मंदिर के मुद्दे को लेकर भी फुले ने बीजेपी पर निशाना साधा था। इस दौरान सांसद ने राम मंदिर को मंदिर न बता देश के 3 फीसदी ब्राह्मणों की कमाई का धंधा करार दिया था। इससे पहले उन्होंने भगवान राम को शक्तिहीन बताते हुए कहा था कि अगर उनमें शक्ति होती तो अयोध्या में राम मंदिर बन जाता। एक अन्य बयान में सांसद ने कहा था कि भगवान हनुमान मनुवादी लोगों के गुलाम थे। फूले ने भगवान राम को मनुवादी बताया और कहा कि अगर हनुमान दलित नहीं थे तो उन्हें इंसान क्यों नहीं बनाया गया? उन्हें बंदर क्यों बनाया गया? उनका मुंह क्यों काला किया गया...?

इससे पहले आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए फुले ने कहा था कि वह बीजेपी की नहीं बल्कि दलित की बेटी हैं। उन्होंने कहा था कि आरक्षण खत्म होने की साजिश चल रही है। इस दौरान उन्होंने कहा था, 'मैं सांसद नहीं बनती अगर बहराइच की सीट सुरक्षित नहीं होती। बीजेपी की मजबूरी थी कि उन्हें जिताऊ उम्मीदवार चाहिए था तो मुझे टिकट दिया गया। मैं उनकी गुलाम नहीं हूं। अगर सांसद होकर भी अपने लोगों की बात न कर सकूं तो क्या फायदा?'



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