२०१९ के आम चुनाव के पहले ही ध्वस्त होने शुरू हो गए बीजेपी के अभेद्य दुर्ग 
| Rainbow News - Dec 12 2018 12:44PM

क्षत्रपो के विकास माडल को जनता की न

-संतोष तिवारी/ २०१९ के आम चुनाव के पहले हुए पांच राज्यों के नतीजो ने सत्तारुढ बीजेपी के विकास माडल को पूरी तरह नकार दिया हैं! एस सी यस एक्ट को लाना और सवर्णों की अनदेखी करना जहा उसे भारी पड़ा वही राम मंदिर मुद्दे को ठंडे बसते में डालना उसकी हार का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है!

वड़ोदरा निवासी और राजनितिक विश्लेषक प्रहलाद भाई जोशी कहते है की जिस राम के नाम पर बीजेपी २ सीटो से लेकर आज सत्ता के शिखर पर पहुची उन्ही राम के मंदिर मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल कर अपने कोर वोटर के सीधे-सीधे निशाने पर आ गयी!

मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने मिलकर जिस तरह से पार्टी को चुनाव जितवा पार्टी बना दिया था उससे लगने लगा था की आने वाले १०-२० सालो तक बीजेपी के किलो को कोई ध्वस्त नहीं कर पायेगा! लेकिन केंद्र में पांच पूरा करने के पहले ही उसके राज्य के क्षत्रपो ने घुटने टेकने शुरू कर दिए और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ राजस्थान सरीखे उसके गढ़ ध्वस्त हो गये!

अपने कुशल संगठन क्षमता के लिए मशहूर बीजेपी के चाणक्य अमित शाह भी जनता के मूड को भापने में नाकामयाब रहे, एक ओर जहा पिछले उपचुनावों में मिली हार से बीजेपी ने कोई सबक नहीं लिया वही वह राज्यों में कांग्रेस में अंदरूनी कलह से फायदा मिलने की आस लगाये बैठी थी जो पूरी तरह गलत साबित हुआ!

२०१९ के आम चुनाव के पहले बीजेपी के लिए जनता का यह संदेश साफ है की वह अपनी नीतियों में बदलाव लाये और आम अवाम की मंशा को तवज्जो दे वरना उसे भी कांग्रेस की भांति इतिहास बनने में देर नहीं लगेगी!



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