मुसलमानों को कुरान के अलावा कोई दूसरा कानून मान्य नहीं : आजम खाँ
| Rainbow News - Dec 27 2018 5:29PM

लोकसभा में तीन तलाक बिल पर गुरुवार को होने वाली बहस पर आजम खान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा इससे मुसलमानों का कोई लेना-देना नहीं है। जो लोग मुसलमान हैं जो कुरान को मानते हैं, हदीस को मानते हैं, वह जानते हैं कि तलाक का पूरा प्रोसीजर कुरान में दिया हुआ है। हमारे लिए कुरान के उस प्रोसीजर के अलावा कोई भी कानून मान्य नहीं है। जो कुरान कहता है अगर उसके तहत कोई तलाक नहीं देता खुला नहीं देता तो ना वो तलाक है, ना खुला है। लिहाजा यह बहस की बात नहीं है सिर्फ कुरान का कानून और कोई कानून नहीं हिंदुस्तान ही नहीं पूरी दुनिया के मुसलमानों को कोई कानून मान्य नहीं है सिर्फ कुरान है।

वहीं लोकसभा में होने वाली बहस पर उन्होंने कहा कि पहले लोग उन औरतों को न्याय दें जिन्हें शौहरों ने एक्सेप्ट नहीं किया। जो सड़कों पर फिर रही हैं, शौहरों का घर ढूंढती फिर रही हैं, उन औरतों को तो न्याय दें जिन्हें गुजरात में मारा था। उन्हें न्याय दें, जिन्हें दंगों में मारा है। सखिया जाफरी को इंसाफ दें, क्या वह महिला नहीं है? वह मुस्लिम महिला इंसाफ पाने की मुस्तकीम नहीं है। मुसलमानों के पास पर्सनल लॉ है, ज्यादती मामला हैं, कैसे शादी करेगा, कैसे पूजा इबादत करेगा, कैसे तलाक देगा, सब कुरान में है। यह हमारे मजहबी मामलात हैं। योगी सरकार के 3 मंत्रियों के निजी सचिवों के स्टिंग ऑपरेशन के सवाल पर आजम खान ने कहा कि कौन सी ऐसी बात है जो किसी को मालूम नहीं है।

सब जानते हैं देश का खजाना किसने लूटा कोई स्टिंग से फायदा नहीं है। जिस दिन चार सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और कहा था कि इंसाफ चाहिए उसी दिन पूरे देश को सड़क पर आ जाना चाहिए था। जिस दिन एक रिटायर्ड सम्मानित जज ने सुप्रीम कोर्ट के लिए कहा कि चीफ जस्टिस कोई फैसला खुद नहीं करते थे, फैसले बाहर से आते थे उसी दिन लोगों को समझ में आ जाना चाहिए था जहां न्याय ही नहीं रह गया सुप्रीम कोर्ट खत्म हो गया तो रह क्या गया है।



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