मौलाना मोहम्मद अली जौहर की पुण्यतिथि मनाई गई
| Rainbow News - Jan 7 2019 12:49PM

अंबेडकरनगर। नेशनल उर्दू तहरीक के तत्वाधान में शुक्रवार को भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी एवं पत्रकार मौलाना मोहम्मद अली जौहर की पुण्यतिथि के अवसर पर तहरीक के टांडा स्थित मोहल्ला सकरावल उर्दू बाजार कार्यालय में तहरीक के अध्यक्ष अनस मसरूर अंसारी की अध्यक्षता तथा अमीन अहसन अंसारी के संचालन में कार्यक्रम आयोजित हुआ।

इस अवसर पर सितारे उर्दू एवार्ड से सम्मानित मोहम्मद शफी नेशनल इंटर कॉलेज हंसवर के शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने कहा कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ उच्चकोटि के पत्रकार और शायर भी थे, उनके राजनैतिक जीवन का भारतीय इतिहास में  सबसे बड़ा कारनामा ख़िलाफत आंदोलन था जो उन्होंने अंग्रेज़ों के विरुद्ध तुर्की के मुसलमानों के समर्थन में शुरू किया था, बाद में इसी आंदोलन ने स्वतंत्रता संग्राम का रूप धारण करते हुए हिन्दू और मुसलमानों को एक साथ ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध ला खड़ा किया।

तहरीक के अध्यक्ष अनस मसरूर अंसारी ने कहा कि उनका प्रमुख अख़बार “कॉमरेड” जो अंग्रेज़ी में था, जिसका लोहा अंग्रेज़ भी मानते थे, जिसकी महत्ता का अनुमान इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अंग्रेज़ इस अख़बार की प्रतियां अपने साथ लंदन ले जाया करते थे। इस समाचार का मुख्य उद्देश्य अंग्रेज़ों को भारतीय जनता की समस्याओं से अवगत कराना था। अमीन अहसन अंसारी ने कहा कि 1923 में मौलाना जौहर ने भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की वार्षिक अध्यक्षता की जिसमें पंडित नेहरू सचिव बनाए गए।

गोलमेज सम्मेलन लंदन में दिया गया वह प्रसिद्ध भाषण जिसमें मौलाना ने कहा था कि दुनिया की किसी शक्ति ने वो बम नहीं बनाया जो 40 करोड़ भारतीयों को मार सके, हम सभी भारतीयों ने अपने देश पर मर मिटने का फैसला कर लिया है, अब ब्रिटिश हमें ज़्यादा दिनों तक ग़ुलाम नहीं रख सकेंगें। तहरीक के सेक्रेटरी गुफरान कमाली ने कहा कि मौलाना जौहर ने दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की स्थापना की थी। इस अवसर पर हाजी सैफुद्दीन कादरी, अनवारुल हसन अंसारी, कौसर हयात, मेराज नेता, कारी जमाल अशरफ, महेश कुमार आदि उपस्थित थे।

-अली अस्करी नक़वी



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