सद्भावनासंगम का सफल आयोजन बनारस में सम्पन्न
| - RN. Network - Jan 7 2019 12:56PM

अम्बेडकर शिक्षण समिति सारनाथ वाराणसी में पूर्वांचल के कई जिलों के नागरिक समाज के प्रतिनिधि जुटे और विमर्श किया। सबने कहा कि सदियों में विकसित भारत की विविधता में एकता और सामाजिक सद्भाव भाई चारे को बनाये रखना आज एक गम्भीर चुनौती बनता जा रहा है।आजादी के संघर्ष से उपजे हमारे देश की बुनियाद के इन मूल्यों को संविधान में जगह दी गई लेकिन दुर्भाग्य से विघटन कारी अतिवादी ताकतों ने लगातार कोशिशें कर के अपने स्वार्थ के लिए इस एकता को नुकसान पहुचाया है।

आजादी के बाद गांधी की हत्या से शुरुआत हुई उनकी लगातार सक्रियता से नई पीढ़ी में वैचारिक प्रदूषण बड़े पैमाने पर हुआ है। जिसका नतीजा है कि पिछले एक दशक में महिलाओ के साथ हिंसा, मॉबलिंचिंग,समुदायों देश के अलग अलग हिस्सों में क्षेत्रवादी धार्मिक एवम जातिय कट्टरपंथ  पर आधारित हिंसा बढती गई ऐसे दौर में सद्भाव की ताकतों की एकजुटता बहुत जरूरी है। वैसे में हमे लगातार सक्रिय रहने की जरूरत है। हम ये सोचे कि चुनाव आते ही तनाव क्यो होता है।

बांट के राज करने की इस प्रवृत्ति के खिलाफ सद्भावना की शक्ति खड़ी करनी होगी।आइये मिल के संकल्प ले कि हम अब नही होने देंगे देश का माहौल खराब। भटकाने भड़काने नहीं देंगे हम। असफल करेंगे उनको जो राजनीति को नफरत फैलाने का जरिया बनाते है।खेती किसानी रोजगार शिक्षा स्वास्थ्य पर्यावरण सामाजिक सदभाव मुद्दे है विकास के ,उन पर हो राजनीति और चुनाव ये दबाव मीडिया और राजनीतिक दलों ,संगठनों पर बनाये जाएं। आइये जनता के मुद्दों पर जनता की सरकार बनाये, जनता के अधिकारों वाले विकास की चर्चा करें।लोकतंत्र के सजग प्रहरी बने।    

बनारस में सद्भावना संगम के मंच पर आज पुर्वांचल के दस जिलों के सद्भावना सेनानी आगे की रणनीति बनाने जुटे। समाज के वंचित शोषित तबकों जैसे महिला ,दलित मुस्लिम समाज के साथ साथ वर्तमान  आर्थिक विकास मॉडल के प्रभाव स्वरूप वंचित हुए तबकों जैसे किसान ,मजदूर सफाई कर्मी, नाविक , बुनकर, कुरैशीसमाज,पटरी व्यवसायी के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं को रखा। विकास के अन्य मुद्दों जैसे पर्यावरण प्रदूषण में हवा, पानी और गंगा जमीन वन अधिग्रहण के मुद्दों के साथ साथ बनारस में विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के सवाल पर भी चर्चा की गई। आज की चर्चा का उद्देश्य आने वाले दिनों में सभी वंचित शोषित तबकों के सवालों को हल करने के लिए देश की राजनीति के केंद्र में लाना है साथ साथ भारत की साझा संस्कृति और जियो और जीने दो की भावना को मजबूत करना था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और समुदायों की भागीदारी हुई जिसमें मुख्य रूप से राजीव गांधी फाउंडेशन के निदेशक श्री विजय महाजन, सचिव श्री दीपक माथुर और टीम , श्री गौरव कपूर,ऋतु पांडेय, कोंग्रेस से, लियाकत अली, लक्ष्मण प्रसाद जीवन विद्या , सोमचन्द्र भारती, श्री दयानन्द जी, श्री लारी जी, वल्लभ पांडे आशा,रवि ,  जितेंद्र , महेन्द्र राठौर, जगन्नाथ कुशवाहा, इदरीस भाई, अमान अख्तर, फजलुर्रहमान, संजीव सिंहआप, राहुल सिंह, रामदुलार जी ncdhr, सतीश सिंह NAPM, इंदु पांडे साझा संस्कृति मंच, आदि तमाम लोग सक्रिय रूप से भाग लिए और अपनी बात रखी।

संचालन डॉ अनूप श्रमिक ने धन्यवाद ज्ञापन श्री नीति भाई ने किया। कार्यक्रम का आयोजन विजन सन्स्था के द्वारा अम्बेडकर शिक्षा समिति में किया गया था। कार्यक्रम को समाज के हर तबके तक ले कर जाना और सद्भावना सेनानी के रूप में सक्रिय भूमिका लेने की शपथ अंत मे सन्स्था की सचिव जागृति राही ने दिलाई। 



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