बच्चों की थाली में कुत्ते की हिस्सेदारी
| Rainbow News - Feb 7 2019 4:13PM

केंद्र सरकार बच्चों को स्वच्छ और अच्छा खाना उपलब्ध करवाने के लिए लाख जतन कर ले लेकिन बच्चों को मिलने वाले खाने का सच देखकर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। घाटमपुर के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन (मिडडे मील) में लापरवाही बरती जा रही है।

अमौर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में जहां बच्चों को दूध के नाम पर पानी पिलाया जा रहा है, वहीं खाना परोसने के बाद बच्चों के बीच में एक कुत्ता भी मुंह मारता हुआ दिखा। बुधवार को मिडडे मील के मीनू के अनुसार बच्चों को खाने के साथ 150 ग्राम प्रति बच्चे की दर से दूध पिलाने के आदेश हैं।

जिस बर्तन में दूध रखा था। उसमें दूध के नाम पर पानी ही भरा दिखाई दिया। बच्चे लाइन में बैठकर खाना खा रहे थे। उस समय एक कुत्ता भी थालियों में मुंह मारकर निवाला छीनने को घूमते दिखा। स्कूल की प्रधानाध्यापिका दीपा सिंह ने स्वीकार किया कि स्कूल परिसर में कभी-कभार खाने के लालच में कुत्ते घुस आते हैं।

बच्चों के बीच तक पहुंच जाते हैं। बुधवार को स्कूल में कुल 82 बच्चे उपस्थित थे। लंबी लाइन के बीच कुत्ता घुस आया था। खंड बेसिक शिक्षाधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी ने बताया कि यदि किसी स्कूल में मानक के विपरीत भोजन बनाए जाने की शिकायत मिलती है तो वह तुरंत वहां जांच कराते हैं।

बताया कि अमौर गांव के विद्यालय में यदि पानी जैसा दूध बंटवाया जा रहा है और बच्चों के बीच कुत्ते घुस आते हैं तो वह इसकी जांच करके दोषी लोगों के खिलाफ जांच होगी और अधिकारियों को रिपोर्ट भी देंगे। 



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