लोकसभा चुनाव : उम्मीदवारों के खर्च की सीमा जानिए
| Rainbow News Network - Mar 13 2019 6:01PM

लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, चुनाव में ज्यादा से ज्यादी लोगों की नजर उम्मीदवार के खर्च पर होती है। चुनाव में होने वाला खर्च चर्चा का विषय बना रहता है। सभी प्रत्याशी चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए मनमाफिक खर्च करते हैं, लेकिन चुनाव प्रचार में खर्च करने को लेकर भी चुनाव आयोग द्वारा कुछ नियम बनाए गए हैं। बता दें कि चुनाव आयोग ने हर प्रत्याशी की तरफ से खर्च की सीमा निर्धारित की गई है। आयोग की ओर से कहा जाता है कि उम्मीदवारों को उसी सीमा में खर्च करना भी होता है, हालांकि राजनीतिक पार्टियों के लिए खर्च की कोई सीमा नहीं है।

अगर लोकसभा चुनाव की बात करें तो एक उम्मीदवार अपने क्षेत्र में प्रचार के लिए 50 लाख या 70 लाख रुपये खर्च कर सकता है। यह सीमा भी हर राज्य के आधार पर तय की जाती है, किसी एक छोटे राज्य में उम्मीदवार 50 लाख रुपये और बड़े राज्य में 70 लाख रुपये तक खर्च किए जा सकते हैं। चुनावी खर्च की सीमा भी हाल में बढ़ाई गई है। आयोग की ओर से नियम 90 में बदलाव किया गया था, जिसके बाद विधानसभा और लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार के चुनावी खर्चे की सीमा में बढ़ोतरी की गई थी।

सभी राज्यों को जनसंख्या के आधार पर बांटा गया है, पहले खर्चे की सीमा 40 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दी है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार उम्मीदवार को चुनावी खर्च करने के लिए एक अकाउंट खुलवाना होता है, जिसके माध्यम से ही उम्मीदवारों को खर्चा भी करना होता है। वहीं, 20 हजार से ज्यादा के खर्च का भुगतान चैक आदि के माध्यम से करना होगा। हालांकि, किसी पार्टी या पार्टी के नेता की ओर से पार्टी के कार्यक्रम के प्रचार के लिए किए गए खर्च को कवर नहीं किया जाता है। इस साल से सोशल मीडिया पर विज्ञापनों पर खर्च को चुनावी खर्च का हिस्सा माना जाएगा।

वहीं सभी उम्मीदवारों को रोजाना के खर्चे के लिए एक डायरी मेनटेन करनी होती है, जिसमें हर एक खर्चे का ब्यौरा होता है। इसमें चुनावी प्रचार के लिए किया गया छोटे से छोटा खर्चा भी शामिल होता होता है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में किराए के कार्यालयों के लिए मासिक किराया 5,000 व 10,000 रुपये तय किया गया है। यहां तक कि इसमें गुब्बारों, झाड़ू, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों की कीमत भी तय की जाती है।

चाय-समोसे के खर्च को भी इसमें जोड़ा जाता है, हाल ही में पंजाब निर्वाचन कार्यालय ने कहा है कि अगर कोई प्रत्याशी अपने समर्थकों को एक कप चाय और एक समोसा देते हैं तो इसकी कीमत कम से कम 18 रुपये होनी चाहिए। राज्य निर्वाचन समिति एक कप चाय की कीमत 8 रुपये और समोसे की कीमत 10 रुपये तक की है। वहीं बर्फी 200 रुपये प्रति किलो, बिस्कुट 150 रुपये प्रति किलो, एक ब्रेड पकौड़ा दस रुपये का, एक सैंडविच 15 रुपये और जलेबी 140 रुपये प्रति किलो समेत खाने पीने की कई चीजों की कीमतें शामिल की गई हैं।

कार, बस और ऑटो जैसे वाहन किराए लेने की दर प्रति दिन 750 रुपये और 3,000 रुपये के बीच होनी चाहिए, मशहूर गायकों के लिए फीस 2,00,000 रुपये या असली बिल तय किया गया है जबकि स्थानीय गायकों के लिए इसे 30,000 या असली बिल तय किया गया है।



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