अम्बेडकरनगर: अकबरपुर के वार्ड नं. 10 की उसरहवा गली तोड़कर कर दी गई दर्दुशाग्रस्त, आवागमन हुआ मुश्किल
| -By Reeta Vishwakarma - May 17 2017 3:27PM

अकबरपुर नपाप बनी चौपट राजा की अँधेर नगरी

 

इस तस्वीर को देखिए यह किसी पठारी इलाके का नहीं है और न ही विकास से दूर किसी दूर-दराज गाँव का है। यह एक नगरपालिका द्वारा संचालित शहर के प्रमुख मोहल्ले की लगभग 12 फुट चौड़ी गली/सड़क का चित्र है, जिसे आपके अवलोकनार्थ प्रकाशित कर रेनबोन्यूज अपने दायित्व का निर्वहन कर रहा है। 19 मार्च 2017 को जब प्रदेश सरकार की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में आई तभी से यह प्रतीत होने लगा था कि प्रदेश में होने वाले विकास कार्यों में गति आएगी और अकर्मण्य सरकारी मुलाजिम भी सक्रिय होंगे। परन्तु अब ऐसा लगने लगा है कि उनकी हनक कथित रूप से प्रायोजित है, क्योंकि समस्त सरकारी विभागों में ठीक उसी तरह सब कुछ चल रहा है जैसा कि पूर्ववर्ती सरकारों में रहा।

सी.एम. योगी की हनक का कोई असर फिलहाल अम्बेडकरनगर जनपद में नहीं दिखाई पड़ रहा है। विशेषतौर पर विकास कार्यों में बरती जाने वाली शिथिलता यथावत् है। रेनबोन्यूज द्वारा प्रकाशित की गई यह फोटो इस बात का गवाह है कि नगर पालिका परिषद अकबरपुर, अम्बेडकरनगर के जिम्मेदार अहलकार मनमाना कर रहे हैं। उन्हें नगरजनों की सुविधाओं से कोई लेना-देना नहीं है। हफ्ते भर पूर्व अकबरपुर पालिका क्षेत्र के वार्ड नम्बर- 10, उसरहवा मलिन बस्ती की मुख्य गली ठीक-ठाक थी परन्तु अब जबकि उसे खोदकर उस पर बड़ी-बड़ी गिट्टियाँ और मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है तब से इस गली से होकर गुजरने वालों के सामने दिक्कतें ही दिक्कतें हैं।

अकबरपुर नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नम्बर-10 की मुख्य गली को उसके जीर्णोद्धार/इन्टरलाकिंग/ब्रिक सोलिंग की गरज से सप्ताह भर पहले खोद दिया गया। लगभग 100 मीटर तक खोदकर उस पर मिट्टी और बड़ी-बड़ी गिट्टियाँ डाल दी गई हैं। तब से इस सड़क मार्ग से आवागमन करने वालों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। कई बूढ़े और बच्चे इस टूटी ऊबड़-खाबड़ सड़क पर गिरकर चोटिल भी हो गये। नगर पालिका का काम तो सराहनीय कहा जा सकता है, परन्तु अब उस पर रोलर कब चलेगा, समतलीकरण कब किया जाएगा, तारकोल कब डाला जाएगा या फिर इन्टरलॉकिंग (ब्रिक सोलिंग) कब होगी यह पालिका के किसी भी जिम्मेदार ओहदेदार को नहीं मालूम। 

इस मुहल्ले की औरतें, बच्चे, बूढ़ों को कितनी दिक्कतें अभी और उठानी पड़ेंगी.....? यह बताने वाला कोई नहीं है। सभासद का अता-पता ही नहीं- वह तो कमीशन के पैसों से अपना घर, सुख-सुविधा के साधन एकत्र करने में लगा बताया जा रहा है। वर्तमान में 100 मीटर तक गली/सड़क जिस दशा में हैं उस तरफ ध्यान दिए जाने की जरूरत है। लोगों का कहना है कि सड़क की इन्टर लॉकिंग/जीर्णोद्धार की क्या आवश्यकता थी यह पूर्व में जिस स्थिति में थी वैसे ही ठीक थी। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि आगामी महीनों में चुनाव होने वाले हैं शायद इसी वजह से सड़क को बनवाया जा रहा है।

वार्ड नम्बर 10 उसरहवा की टूटी हुई सड़क कब तक आवागमन लायक दुरूस्त होगी इसकी जानकारी के लिए जब रेनबोन्यूज ने नगर पालिका परिषद अकबरपुर के लिपिक/निर्माण से सम्बन्धी कार्य देखने वाले रमाकान्त वर्मा से बात किया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और यदि ऐसा हो रहा है तो हो सकता है निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री के अभाव में कार्य रूका हो, वैसे मैं अभी पता करके बताता हूँ। उनका उत्तर अभी तक प्रतीक्षित है। जब रमाकान्त वर्मा लिपिक से कोई जानकारी नहीं मिल पाई तब अधिशाषी अधिकारी संगीता कुमारी से बात की गई। उन्होंने कहा कि मैं अभी जे.ई. से पूंछती हूँ और सड़क को जल्दी ठीक करवाने के लिए कहती हूँ। उधर अवर अभियन्ता (सिविल) दिनेश राय से सम्पर्क करने पर उत्तर मिलता है कि ठीक है वह ठेकेदार से बात करते हैं। कुल मिलाकर नगर पालिका परिषद अकबरपुर, अम्बेडकरनगर (उत्तर प्रदेश) के जिम्मेदार पदों पर पदासीन मुलाजिमों की बातें सुनकर आश्चर्य होता है कि यह योगी राज नहीं अपितु चौपट राजा की अँधेर नगरी है।

 



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