श्रध्दांजलि सभा का आयोजन
| Rainbow News - Apr 14 2019 4:05PM

लखनऊ। जलियांवाला बाग हत्याकांड के शताब्दी के मौके पर जलियांवाला बाग कांड शताब्दी स्मृति समिति के तत्वावधान में जीपीओ पार्क में श्रध्दांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस पर उपस्थित जनसमूह ने सभी ज्ञात, अज्ञात व अल्पज्ञात शहीदों को नमन किया। श्रध्दांजलि सभा में बोलते हुए समिति के संयोजक एडवोकेट वीरेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि जलियांवाला बाग के शहीदों की शहादत आजादी के लिए अपने अधिकारों के लिए संघर्ष का प्रतीक है, गुलामी को न बर्दाश्त करने व इससे नफरत करने का प्रतीक है। यह साम्राज्यवाद के खिलाफ जुझारू संघर्ष का प्रतीक है।

वरिष्ठ लेखक अवतार सिंह बहार ने जलियांवाला बाग कांड पर अपनी रचना का पाठ किया जिसमे उन्होंने साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। एआईडब्लूसी के अध्यक्ष ओ पी सिन्हा ने शहीदों को श्रध्दांजलि देते हुए कहा कि जलियांवाला बाग के शताब्दी के अवसर पर हमें यह याद करने की जरूरत है कि इसका रिश्ता रोलेट एक्ट सत्याग्रह से था उन्होंने कहा कि रोलेट एक काला कानून था जो नागरिक अधिकार समाप्त करता था तथा उसी तरह के कई काले कानून अभी भी हमारे देश मे है जो नागरिक  अधिकारों का दमन करते है।

एआईडीएसओ के यादवेन्द्र पाल ने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड को 100 साल पूरे हो गये हैं। अंग्रेज सरकार ने क्रांतिकारी संघर्षों को कुचलने के लिए काला दमनकारी कानून रौलेट एक्ट' बनाया था। इसके विरोध में 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में सभा हो रही थी । सभा करते हजारों लोगों पर अंग्रेज सरकार ने गोलियां चलवा दीं जिसमें हजार से ज्यादा लोग शहीद हो गए। हजारों घायल हो गए। नागरिक परिषद के  के के शुक्ल ने कहा कि इस शहीदी दिवस को हम ऐसे मौके पर याद कर रहे हैं जब कि देश में आम चुनाव हो रहे है!

इन चुनावों में दिन रात हमें बताया जा रहा है कि यहां सबसे बड़ा 'लोकतंत्र है, कि चुनाव इसका 'महापर्व है, कि जनता जिसे चाहे- जिस पार्टी को चाहे जिताये, कि वोट डालना नागरिकों की जिम्मेदारी व अधिकार है। 'वोट के अधिकार पर इतनी चिंता', इतने विज्ञापन और इतना प्रचार!! मगर बात जब 'रोजगार के अधिकार की हो, 'शिक्षा के अधिकार की हो, 'इलाज के अधिकार की हो या फिर 'धरना-प्रदर्शन–विरोध कर सकने व असहमति जताने, सवाल करने के अधिकार की हो! तब जवाब 'लाठियां-मुकदमे और जेल' होता है।

डाॅ राही मासूम रज़ा साहित्य एकेडमी के महामंत्री रामकिशोर ने जलियांवाला बाग कांड के शहीदों को श्रध्दांजलि देते हुए कहा कि उनका संघर्ष ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ था।तथा आशुकान्त सिन्हा ने देशगान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर रामकिशोर ,भगवती सिंह, जय प्रकाश, लक्ष्मी नरायण, उदय सिंह, हरिकिशन, विप्लव सिंह, कौशल किशोर, वन्दना सिंह, भगवती सिंह, डाॅ एस के पंजम, डी एस रावल, के पी यादव, राजीव सिंह, देवेन्द्र वर्मा, डाॅ नरेश कुमार, प्रो जाफरी, संजय खान सहित अन्य लोगों ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम का अन्त इंकलाब जिंदाबाद, साम्राज्यवाद का नाश हो। जैसे नारों से हुआ।

-के. के. शुक्ल , मो: 9454073470



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