पहली कंस्ट्रक्शन कंपनी, जिसमें सभी महिलाएं
| Rainbow News - May 13 2019 1:29PM

कोझीकोड़ (केरल)। कंस्ट्रक्शन साइटों पर अब तक आपने ठेकेदार, सुपरवाइजर, राजमिस्त्री या पेंटर सिर्फ पुरुष ही देखे होंगे, लेकिन केरल की महिलाओं ने इस ट्रेंड को बदलकर रख दिया है। 30 महिलाओं ने पिंक लैडर (गुलाबी सीढ़ी) नाम की कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाई है। पिंक लैडर जिस भी कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करती है, वहां एक भी पुरुष नजर नहीं आता। बिल्डिंग के डिजाइन से लेकर पेंटिंग तक सारा काम महिलाएं करती हैं। 

1 नवंबर 2018 को शुरू हुई यह कंपनी दो मकान बना चुकी है, तीन और मकानों पर काम चल रहा है। पिंक लैडर की संयोजक नीतू राजन ने बताया, 'पहले हमने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में आर्किटेक्चर, फ्लोरिंग, पेंटिंग करने वाली टीमों से छह महीने की ट्रेनिंग ली। उसके बाद हमें काम मिला। इसे हमने समय पर पूरा किया। फिर हमें प्रोजेक्ट मिलने शुरू हो गए।' 

पिंक लैडर के प्रोजेक्टों में फ्लोरिंग का काम करने वाली 5 महिलाओं की टीम लीडर श्रीजा बताती हैं कि अब तक महिलाएं सिर्फ मजदूरी करती थीं। हमने इस सोच को गलत साबित किया है। मैं राजमिस्त्री हूं। हमें केरल में बाढ़ के बाद नए घर बनाने की परियोजनाओं को शुरू करने के लिए बुलाया गया था। 

महिलाओं को असमान वेतन के खिलाफ बनाई अपनी कंपनी

पिंक लैडर सरकार के सहयोग से कुदुम्बश्री मिशन (महिला सशक्तिकरण आंदोलन) के तहत शुरू की गई कंपनी है। कुदुम्बश्री इकाई के परियोजना अधिकारी रामसे इस्माइल ने बताया कि ट्रेनिंग की कमी के अलावा, असमान वेतन, काम का अनिश्चित समय और यौन उत्पीड़न जैसी समस्याएं भी आम बात है। इन बातों को ध्यान में रखकर कुदुम्बश्री की महिलाओं ने एक अलग पहल की है। उन्होंने काम का समय भी निर्धारित कर रखा है। 

महिलाओं को असमान वेतन के खिलाफ बनाई अपनी कंपनी

केरल में ही एक ऐसा मॉल बना है, जहां सभी क्रू मेंबर महिलाएं हैं। कोझीकोड में 36,000 वर्ग फीट क्षेत्र में 5 करोड़ की लागत से बने इस मॉल में 100 दुकानें हैं। सभी दुकानों की मालिक महिलाएं हैं। यहां फूड कोर्ट, गेम जोन, ब्यूटी पार्लर, बुटीक, ज्वैलरी शॉप, मिनी सुपरमार्केट, डायग्नोस्टिक सेंटर, परिवार परामर्श केंद्र, डे-केयर सेंटर, रूफटॉप रेस्टोरेंट, महिला बैंक, केरल राज्य महिला विकास निगम का दफ्तर और कार वॉश शॉप है।



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