शिया जामा मस्जिद में रोज़ा इफ्तार का आयोजन
| Rainbow News Network - May 14 2019 3:38PM

रोज़ा एक मुसलमान के लिये जितना फायदेमंद उतना समाज के लिये भी है : मौलाना उरुज हैदर खां

माहे रमजान में इफ्तार का दौर लगातार चल रहा है। इसी क्रम में शिया जामा मस्जिद कसेरी बाजार जौनपुर नगर में प्रख्यात सामाजिक संस्था शेख नुरुल हसन मेमोरियल सोसाइटी के द्वारा रोजा इफ्तार हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 7 रमजान को आयोजित किया गया। जिसमे लगभग 300 रोज़दारो ने शिरकत किया और अल्लाह से मुल्क वह कौम के तरक्की के लिये दुआ की। उक्त अवसर पर मौलाना उरुज हैदर खां साहब ने कहा कि रोज़ा इंसान को सयंमित, धैयवान एवं अनुशासित रहने का पाठ पढ़ता है।

इंसानो से सामाज बनता है। मानव समाज को रोज़े से यह फायदा है कि सामाज में एक वर्ग जो कि रोज़े से है। वह हर बुराई से अपने को दूर रखने की कोशिश करता है। यदि बुराई इंसान से दुर हो जाये तो ईमानदार सामाज, अपराध मुक्त सामाज, देश के निर्माण का भागीदार बनेगा। भ्रष्टाचार पर अकुंश लगेगा और इंसान, इंसनियत का पेरोकार हो जायेगा। कार्यक्रम के संयोजक शेख अली मंजर डेज़ी ने कहा कि हर रोजे़दार व्यक्ति रोज़े के महत्व को जानता है। वह रोजे़ के हालत में कभी झुठ नहीं बोलेगा, रिश्वतखोरी नहीं करेगा, गलत कामो से दूर रहेगा, किसी कि भूमि पर कब्जा नही करेगा, पड़ोसी के हक हो समझेगा चाहे पड़ोसी किसी भी मजहब का हो, रिश्तेदारों के हक को अदा करेगा, मात-पिता, बुजुर्गो का आदर सम्मान करेगा।यानि आर्दश समाज बन जायेगा।

व्यक्तिगत तौर पर अगर इंसान स्वयं रोजा़ रख लेने के बाद संयमित, धैर्यवान, निष्ठावान, समर्पित बन जाता है तो फिर व्यक्ति से ही समाज है एवं एक ईमानदार व्यक्ति आदर्श समाज का प्रतिनिधित्व करता है। इसीलिये रोजा़ आर्दश समाज का निर्माण भी करता है। रोजा़ एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है। रोजा इफ्तार के अवसर पर शिया जामा़ मस्जिद के प्रवक्ता असलम नकवी, तालीब रज़ा शकील, अब्बास हैदर, हाशिम खां, ए.एम. डेजी़, खुर्रम, बबलू खां, महमुदूल, अहमद, इत्यादि मुख्य रुप से उपस्थित थे। 



Browse By Tags



Other News