असंगठित क्षेत्र के मजदूरों हेतु विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
| Rainbow News - May 22 2019 5:46PM

अम्बेडकरनगर। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लॉन आफ एक्शन 2019-20 के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर अमरजीत त्रिपाठी के निर्देशानुसार 20 मई 2019 को ड्वाकरा हाल, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों हेतु विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर को सम्बोधित करते हुये सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर श्रीमती पूजा विश्वकर्मा द्वारा उपस्थित मजदूरांे का उनके द्वारा ईमानदारी एवं परिश्रम से कार्य के बल पर जीवन निर्वाह की प्रशंसा व गर्वपूर्ण स्थिति को रेखांकित करते हुए मजदूरों के संरक्षण हेतु निर्मित विधियों तथाकथित न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, बाल श्रम (निषेध एवं नियन्त्रण) 1986, कारखाना अधिनियम, वर्कमैन कंपनसेशन एक्ट, मनरेगा अधिनियम, ई0पी0एफ0 एक्ट, औद्योगिक विवाद अधिनियम आदि विधि प्राविधानों से मजदूरों को अवगत कराया गया। जिसका उपयोग करके वह अपना शोषण होने से खुद को बचा सकते हैं।

इस सम्बन्ध में मजदूरों के हितों से सम्बन्धित भारतीय संविधान में नीति-निर्देशक तत्वों के अनुच्छेद व मूल अधिकारों से सम्बन्धित अनुच्छेद 23 एवं 39 से उन्हें अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा संचालित टेली-लॉ स्कीम के तहत पराविधिक स्वयं सेवकों का प्रशिक्षण कराया गया है, वह प्रशिक्षित स्वयं सेवक गरीब एवं मजदूर व्यक्तियों, जो उचित जानकारी न होने के कारण सही मंच पर अपनी शिकायत नहीं कर पाते, उनके समस्याओं को कामन सर्विस सेण्टर पर दर्ज कराकर आसानी से उनकी समस्याओं को सुलझा देते हैं। सचिव द्वारा जिला श्रम अधिकारी को मजदूरों के रजिस्ट्रेशन हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने मजदूरों के विधिक अधिकारांे के बारे में बताते हुए कहा कि जिस मजदूर के पारिश्रमिक का भुगतान उचित एवं समय से नहीं किया जाता तो वह नियोक्ता के विरूद्ध न्यायालय/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का दरवाजा खटखटा सकते हैं। 

कार्यक्रम का संचालन करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता रामचन्द्र वर्मा ने बताया कि श्रम आयोग ने स्वास्थ्य सेवा, मातृत्व सुरक्षा और छोटे बच्चों की देख-रेख प्रोविडेंट फण्ड का लाभ, परिवार सम्बन्धी लाभ, आवास, पेयजल व सफाई सम्बन्धी, अवकाश प्राप्ति व इसके बाद के लाभ, (ग्रेच्यूटी, पेंशन, परिवार की पेंशन) आय अर्जन की समाप्ति या आय अर्जन की क्षमता न रहने की स्थिति में कुछ सुरक्षा मजदूरों की शिक्षा व कुशलता बढ़ाने की स्कीमंे, बाल मजदूरी व बंधक मजदूरी हटाने की स्कीमें व अन्यायपूर्ण श्रम सम्बन्ध हटाने के प्रयास जैसे मुद्दों को असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सामाजिक स्थिति में शामिल करने की सिफारिश की है। 

शिविर में बोलते हुये अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार ने मजदूरों के असंगठित एवं अशिक्षित होने के कारण समाज में उनके शोषण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ‘‘जाके पैर न फटी बिवाई, सो क्या जाने पीर पराई’’। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की दशा दयनीय है, न तो वे सुनिश्चित रोजगार पाते हैं न ही उनको उचित वेतन मिलता है एवं न ही उनके लिये कोई कल्याणकारी योजनायंे उपलब्ध हैं। शिविर में संदीप कुमार, अवधेश कुमार, महेन्द्र कुमार चौहान, राजेश कुमार, अमरनाथ चौरसिया, अर्जुन, देवेन्द्र कुमार, ममता मौर्या, उमेश कुमार विश्वकर्मा, शशिकला, अनूप कुमार, स्वामीनाथ यादव, अरविन्द कुमार यादव, सुमनलता, तारावती, उर्मिला राजभर, रेखा विश्वकर्मा, अंकुर पाण्डेय एवं मो0 फिरोज व ब्लाक के कर्मचारीगण एवं मीडियाकर्मी उपस्थित थे।



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