अन्तर्राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
| Rainbow News - May 31 2019 6:28PM

अम्बेडकरनगर। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लॉन आफ एक्शन 2019-20 के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर अमरजीत त्रिपाठी के निर्देशानुसार 31 मई 2019 दिन शुक्रवार को 01.00 बजे से संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकरनगर में अन्तर्राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस (World No Tobaco Day) विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

    शिविर को सम्बोधित करते हुये प्राधिकरण सचिव श्रीमती पूजा विश्वकर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुये बताया कि “तम्बाकू का सेवन करना स्वास्थय के लिये हानिकारक है“ पूरे विश्व के लोगों को तम्बाकू मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिये तथा सभी स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिये तम्बाकू चबाने या धुम्रपान के द्वारा होने वाले सभी परेशानियों और स्वास्थ्य जटिलताओं से तथा लोगों को आसानी से जागरूक बनाने के लिये विश्व भर में एक मान्यता प्राप्त कार्यक्रम के रूप में मनाने के लिये विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पहली बार 07 अप्रैल 1988 को डबलू0एच0ओ0 की वर्षगांठ के अवसर पर मनाया गया किन्तु बाद में हर वर्ष 31 मई को विश्व तम्बाकू दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की गयी।

      आज पूरी दुनिया में प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख लोग तम्बाकू के प्रयोग के कारण मर जाते हैं, इसलिये इस दिन को मनाने के पीछे यही ध्येय है कि आम जनता तम्बाकू से होने वाले नुक्सान को जाने और तम्बाकू से बने पदार्थों से दूर रहे। तम्बाकू एक धीमा जहर है जो सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत के मुॅह में धकेलता रहता है। लोग जाने-अनजाने में तम्बाकू उत्पादों का सेवन करते रहते हैं, धीरे-धीरे शौक लत में परिवर्तित हो जाता है और तब नशा आनन्द प्राप्ति के लिये नहीं बल्कि ना चाहते हुए भी किया जाता है।

    शिविर को सम्बोधित करते हुये डा0 एस0 पी0 गौतम, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकरनगर, ने बताया कि तम्बाकू में मादकता या उत्तेजना देने वाला मुख्य घटक निकोटीन है यही तत्व सबसे ज्यादा घातक भी है। तम्बाकू के सेवन से कैंसर जैसे प्राण घातक बीमारियां उत्पन्न होती हैं। तम्बाकू उत्पादों का सेवन अनेक रूप में किया जाता है, जैसे-बीड़ी, गुटखा, जर्दा, खैनी, हुक्का, चिलम आदि। सिगरेट, बीड़ी और हुक्के का हर कश एवं गुटखे, जर्दे, खैनी की हर चुटकी हर पल मौत की ओर ले जा रही होती है।

    शिविर में बोलते हुये डा0 सर्वेश कुमार, जिला समन्वयक, तम्बाकू नियन्त्रण प्रकोष्ठ, अम्बेडकरनगर ने बताया यह अत्यन्त ही जरूरी है कि वैश्विक स्तर पर तम्बाकू सेवन के प्रयोग पर बैन या इसे रोका जाये क्योंकि इसके सेवन से कई बीमारियां उत्पन्न होती हैं जैसे-दीर्घकालिक अवरोधक फेफड़ों सम्बन्धी बीमारी, फेफड़े का कैंसर, हृदय घात, स्थायी दिल की बीमारी इत्यादि। इसलिये तम्बाकू उत्पादों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाना बहुत जरूरी है।’’  

    शिविर का संचालन करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रामचन्द्र वर्मा ने बताया कि ‘‘तम्बाकू के इस्तेमाल के द्वारा होने वाले सभी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के लिये डबलू0एच0ओ0 और इसके सदस्य राज्यों सहित गैर-सरकारी और सरकारी संगठनों के द्वारा वार्षिक आधार पर विश्व तम्बाकू निषेध दिवस आयोजित किया जाता है। इस शिविर में डा0 हर्षित गुप्ता, अस्पताल प्रबन्धक, वन्दना, रचना सिंह, नवीन चौहान, सुमन देवी, माला, कपिल देव शर्मा, सौरभ सिंह, शकुन्तला, धर्मेन्द्र यादव, बाबूराम यादव, भारतनाथ यादव, चन्द्रभान यादव,  अंकुर पाण्डेय एवं ओमप्रकाश व अन्य अस्पताल के कर्मचारीगण एवं मीड़ियाकर्मी आदि उपस्थित थे। 



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