मानसिक रूप से बीमार एवं विकलांग व्यक्तियों हेतु विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन 
| Rainbow News Network - Jun 8 2019 5:48PM

अम्बेडकरनगर। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लॉन आफ एक्शन 2019-20 के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर अमरजीत त्रिपाठी के निर्देशानुसार 7 जून 2019 को संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकरनगर में मानसिक रूप से बीमार एवं विकलांग व्यक्तियों हेतु विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।शिविर को सम्बोधित करते हुये श्रीमती पूजा विश्वकर्मा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर ने बताया कि मानसिक रोगियों के साथ भेद-भाव का बर्ताव न करें। मानसिक विकार विश्व में रूग्ण-स्वास्थ्य और विकलांगता उत्पन्न करने वाला प्रमुख कारण है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 450 मिलियन लोग विश्व स्तर पर मानसिक विकार से पीड़ित हैं। इनके साथ सामान्य व्यवहार करते हुये इन्हें खुश करने का प्रयास करें। परिवारीजनों के साथ ही समाज इन रोगियों का सहयोग करे। मानसिक रूप से ग्रसित व्यक्ति का उपचार ऐसे अस्पतालों में करवाये जहां पर उनकी खास तौर पर देख-भाल की जाये। उन्होंने बताया कि पूर्व समय परिवारों का बंटवारा नहीं होता था। तत्समय परिवार का मुखिया ही सबसे जिम्मेदार होता था। अब लोग एकाकी जीवन पसन्द कर रहे हैं। ऐसे में लोग अवसाद से ग्रसित होकर मानसिक रोग की चपेट में आ जाते हैं। सचिव ने कहा कि स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों पर पढ़ाई का बोझ इतना बढ़ा दिया जाता है कि मानसिक रूप से बीमार हो जाते हैं और गलत कदम उठा लेते हैं।

उन्होंने बताया कि मानसिक रोगी को समाज में सामान्य नागरिक के समान बिना किसी भेद-भाव के मूलभूत अधिकार प्राप्त है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मानसिक रोगी को निःशुल्क विधिक सेवा एवं वादों की पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त यह प्राधिकरण का कर्तव्य है कि ऐसी मानसिक रोगी के इलाज हेतु उसकी स्वतंत्र इच्छा अथवा उसके परिजनों की सहमति प्राप्त कर ली गयी है अथवा नहीं इसका ध्यान रखा जाये तथा उनका इलाज अस्पतालों में सही तरीके से हो इस सन्दर्भ में अस्पताल कर्मियों को विशेष ध्यान रखना चाहिये।

शिविर को सम्बोधित करते हुये डा0 एस0पी0 गौतम, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकरनगर, ने बताया कि मानसिक रूप से विकलांग मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिस्पर्धा के इस युग में आज हर व्यक्ति आगे निकलना चाह रहा है। मानसिक रूप से बीमार मरीजों की संख्या भारत में सर्वाधिक है। प्रतिस्पर्धा के इस युग में आज हर व्यक्ति इतना मानसिक दबाव महसूस कर रहा है कि वह इस बीमारी की चपेट में कब आ गया उसे स्वयं ही पता नहीं चल पाता है। हमें अपनी सोच सदैव सकारात्मक रखनी चाहिये। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से बचाने हेतु लोगों में जागरूकता पैदा करनी चाहिये। सरकार द्वारा भी इस सम्बन्ध में कई योजनाएं व कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। 

शिविर का संचालन करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता रामचन्द्र वर्मा ने बताया कि ने बताया कि मानसिक बीमारी से हर छठवां व्यक्ति पीड़ित है। इस बीमारी में सही देेख-भाल की जरूरत होती है। सही देख-भाल के साथ-साथ मनोचिकित्सकों की राय लेनी चाहिये। उन्होंने बताया कि मानसिक बीमारियों अनुवांशिक होती हैं इनसे घबराने की जरूरत नहीं है। इन बीमारियों से बचाव के लिये हमें अपने अन्दर किसी भी तरह की परेशानी को छुपाकर नहीं रखना चाहिये। सम्भव हो तो अपने आस-पास के लोगों से सलाह लेकर अपने मानसिक दबाव को हल्का कर लेना चाहिये तथा समय-समय पर डाक्टरों एवं मनोचिकित्सकों की सलाह लेते रहना चाहिये। शिविर का संचालन डॉ0 सर्वेश कुमार, जिला समन्वयक, अम्बेडकरनगर द्वारा किया गया। 

शिविर के माध्यम से लोगों को कोर्ट फीस जमा करने हेतु ई-कोर्ट सिस्टम में बारे में जानकारी दी गयी तथा बताया गया कि ई-कोर्ट फीस सिस्टम द्वारा कोई भी व्यक्ति आसानी एवं सुलभता से कहीं से भी अपनी कोर्ट फीस जमा करा सकता है। इस शिविर में डा0 हर्षित गुप्ता, अस्पताल प्रबन्धक, डॉ0 एम0के0 शुक्ला, मानसिक रोग विशेषज्ञ, मंजूलता सिंह, प्रकाश बानो, मनीश सिंह, मो0 अब्बास, आर0सी0 श्रीवास्तव, आत्माराम, गिरीशचन्द्र, अर्चना पाल, अनन्त चतुर्वेदी, के0पी0 उपाध्याय, सचिन कुमार, मोहित चौहान, शोभावती यादव, प्रदीप एंव ओमप्रकाश व अन्य अस्पताल के कर्मचारीगण एवं मीड़ियाकर्मी आदि उपस्थित थे। 



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