भूमाफियाओं के चक्रव्यूह में फंसा किसान, 32 वर्षो से लगा रहा फरियाद 
| Santosh Dev Giri - Jun 9 2019 1:59PM

-पिता की मौत होने के बाद बेटा लगा रहा प्रशासन से न्याय की गुहार

-फर्जीवाड़ा कर किसान की जमीन को कर दिया गया नीलाम

मीरजापुर। लालगंज क्षेत्र के संतनगर पुलिस चौकी अर्न्तगत निवासी एक किसान 32 वर्ष से ट्रैक्टर के कर्ज की जालसाजी परेशान है। आरोप है कि उसकी 30 बीघे जमीन बिना आरसी के अमीन के कूट दखलंदाजी से निलाम कर दी गई है। जिसकी जांच व सुनवाई अपर आयुक्त विंध्याचल, चकबंदी सीओ कार्यालय लालगंज में चल रही है। जानकारी के अनुसार देवरी गांव निवासी पीड़ित किसान घुरहू ने 1980 में तत्कालीन बैंक न्यू इंडिया मीरजापुर के माध्यम से 63519 रूपये में ट्रैक्टर लिया था। जिसका कर्ज जमा करने के बाद भी किसान बैंक का बकायेदार बना रहा। पीड़ित किसान का कहना है कि बैंक ने आरसी नहीं भेजी थी।

पता नहीं कैसे हलिया स्टेट बैंक का 72 हजार का कर्जदार दिखाकर 22 फरवरी 1989 में  जमीन को नीलाम कर दिया गया। मजे की बात ये है कि हलिया स्टेट बैंक से स्वर्गीय घुरहू के पुत्र दीनानाथ ने पिता के कर्ज की जानकारी बैंक से प्रश्ननोत्तरी से मांगा तो बैंक ने स्पष्ट किया उनका कोई खाता बैंक में नहीं खुला है और न ही किसी प्रकार के वह बकायेदार है। इस बीच किसान घुरहू की मौत हो गई। इस आधार पर किसान पुत्र ने सदर तहसील मीरजापुर से बैक के आरसी की जानकारी ली। तत्कालीन तहसीलदार ने लिखित में दिया कि घुरहू के नाम से कर्ज वसूली आरसी नहीं जारी की गई है।

वादकारी का तत्कालीन कमिश्नरी वाराणसी अपर आयुक्त वाराणसी ने 11 जुलाई 1990  मुकदमा खरीज कर दिया और उन्होंने फाइल को 17 जुलाई को 1990 मीरजापुर जिलाधिकारी कार्यालय भेज दिया। क्रेता ने 17 जुलाई को ही विक्रय पत्र सहित उपजिलाधिकारी सदर को नामांतरण हेतु प्रार्थना पत्र दिया। जिसके पश्चात तत्कालीन उपजिलाधिकारी सदर द्वारा बिना सुनवाई के ही नामांतरण कर दिया गया। इसके बाद नव सृजित तहसील लालगंज में स्थानांतरित की गई। तहसील लालगंज ने लिखा कि देवरी कटइया तप्पा उपरौध  तहसील लालगंज गलत पता लिखा गया। जबकि देवरी कटईया मड़िहान तहसील के अन्तर्गत आता है।

बता दें कि जारी विक्रय पत्र में बैंक का नाम नही लिखा गया। मजे कि बात है कि किसान किस बैंक का बकायेदार हैं यह बात नहीं लिखी गई और आरसी नंबर व खाता संख्या दर्ज नहीं किया गया है। हाल यह कि लालगंज नायब कार्यालय लिख रहा है कि इसकी कोई फाइल नही है। ऐसे चक्रव्यूह में किसान उलझा हुआ है। वहीं सीओ चकबन्दी (सदर) ने कहा कि प्रकरण गंभीर होने के साथ ही जांच का विषय है। ऐसी दषा में परेषान होकर न्याय के लिए भटकते फिर रहे दीनानाथ ने कहा है कि वह न्याय के लिए मुख्यमंत्री की चौखट पर जाकर गुहार लगायेगें, न्याय न मिलने की दषा में आवष्यकता पड़ी तो वहीं अनषन पर भी बैठेगें।



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