भूमाफियाओं के गिरफ्त में जकड़ा मीरजापुर का मड़िहान तहसील 
| Santosh Dev Giri - Jun 9 2019 2:06PM

तहसील से गायब है 38 गांवो का नक्शा, सीमांकन समेत कई कार्य बाधित, अधिकारी बने हुए है अनजान

मीरजापुर। जिले के चर्चित मड़िहान तहसील क्षेत्र में तथाकथित कर्मचारियों की मिलीभगत से भू-माफिया गांव के नक्शे में खेल खेल रहे हैं। दबदबा के चलते माफिया  रिकार्ड रूम के अभिलेखों में हेराफेरी करा लेते हैं। डेढ़ दशक पूर्व तहसील क्षेत्र के राहकला गांव में कर्मचारियों की मिलीभगत से करोड़ों की सरकारी सम्पत्ति अपने नाम इंद्राज कराकर हथिया लिया गया था।

मामले का खुलासा हुआ तो कर्मचारियों समेत सवा सौ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया था। राज का राज दबाने के लिए रजिस्ट्रार कानूनगो (आरके) की हत्या को आत्महत्या का रूप दे दिया गया। मड़िहान तहसील में जमीन हेराफेरी के दर्जनों मामले दफन हैं। ऐसा नही है कि किसी को जानकारी नही है। स्थानीय अधिकारियों कर्मचारियों के लिए सुरक्षित चारागाह बना है।

खेतों की तरह बारह महीने जेब हराभरा रहता है। मजे कि बात है कि इतने सब के बाद इस मचले पर न तो कभी किसी जनप्रतिनिधि ने या जिला प्रषासन के अधिकारियों ने छानबीन करने की जहमत उठाई है। जिसका असर यह है कि इस कार्य में संलिप्त भू-माफिया और तहसील कर्मी अपने कार्यो को बखूबी अंजाम देते आ रहे है। जिन पर न तो कोई कार्रवाई हो पा रही है और ना ही उनके से कोई पूछताछ करने का साहस दिखा पा रहा है।

जानकार सूत्रों की माने तो मड़िहान तहसील में जमीनी की हेराफेरी से लेकर तहसील के नक्ष इत्यादि से लेकर रजिस्ट्रार कार्यालय तक एक रैकेट सक्रिय है जो बड़े ही साफगोई से कागजों में हेराफेरी करते हुए नाम हटाने-चढ़ाने से लेकर कागजों की हेराफेरी करता आ रहा है। जिसकी यदि गहराई से जांच कराई जाए तो न केवल कई राजफास होगें वहीं कईयों की संलिप्तता भी उजागर होगी।



Browse By Tags



Other News