फूड सेफ्टी डिपार्टमेन्ट के जिम्मेदारों एक नजर इधर भी....
| Rainbow News - Jun 10 2019 3:08PM

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (7 जून 2019) के अवसर पर उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में खाद्य सुरक्षा महकमे के मुलाजिमों, व्यवसायियों व उपभोक्ताओं की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें एक गोष्ठी का आयोजन हुआ। इस मौके पर उपस्थित सभी ने खाद्य सुरक्षा हेतु कसम खाई। गोष्ठी में सर्वश्री के.के. उपाध्याय (सी.एफ.एस.ओ.), रत्नाकर पाण्डेय, गुलाब चन्द्र गुप्त, भानुप्रताप सिंह, अखिलेश मौर्य, हंसराज प्रसाद तथा चित्रसेन सिंह आदि एफ.एस.ओ. मौजूद रहे। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अन्तिम व्यक्ति तक का हक है तथा इसमें हर परिवार एवं प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता होनी चाहिए। सी.एफ.एस.ओ. के.के. उपाध्याय ने उपस्थित सभीं जिम्मेदार महकमा मलाजिमीनों, व्यवसायियों एवं ग्राहक उपभोक्ताओं को शपथ दिलाई। 

यह तो रही 7 जून 2019 विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस सेलिब्रेशन की फारमैलिटी......उपभोक्ता कितना जागरूक है, व्यापारी/व्यवसाई कितना अक्लमन्द है और विभाग के मुलाजमीन कितने जिम्मेदार हैं.....? इसके बारे में स्पष्ट कह पाना मुश्किल है। सभी सुख-सुविधा सम्पन्न एवं भोगी हैं। क्योंकि ये सब खास हैं, आम तो वे लोग हैं जो कचरा-करकट, आम-घास सब कुछ पैसा देकर खरीद रहे हैं और उदरस्थ कर भयंकर बीमारियों को दावत दे रहे हैं। मजे में व्यवसाई और खाद्य सुरक्षा महकमा के जिम्मेदार ओहदेदार हैं। प्रायोजित निमंत्रण पर तो रोगी, विकलांग भी टिप-टॉप होकर साहेबानों की सोहबत में पहुँचता है। मतलब यह कि इसको डिस्क्राइब करने का कोई मतलब नहीं। 

फिर भी खाद्य सुरक्षा महकमें के कसम खाये जिम्मेदार ओहदेदारों के संज्ञान में महत्वपूर्ण समस्या जनस्वास्थ्य के बारे में कुछ बताते हुए यह अपेक्षा की जाती है कि वे बड़े आकर्षक धन्ना सेठ/बाहुबलियों व प्रभावशाली लोगों के स्वामित्व वाले रेस्तराओं, होटलों और अन्य खाद्य पदार्थ बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों का भले ही निरीक्षण न करें परन्तु ठेला गुमटी, ढाबा, फुटपाथ पर चलने वाले धन कमाने की गरज से जनस्वास्थ्य को पैरालाइज़ कर रहे दुकान व दुकानदारों पर तो नियंत्रण लगा ही सकते हैं। यहाँ बताना आवश्यक है कि ऐसे दुकान देखने में ही छोटे प्रतीत होते हैं परन्तु प्रतिदिन इनके द्वारा हजारों रूपए की अ खाद्य सामग्रियों की बिक्री जोर-शोर से की जाती है। उपभोक्ता ग्राहक इन ठेले व दुकानों पर पंक्तिबद्ध होकर खड़ा होता है और घण्टो प्रतीक्षा करने के उपरान्त अच्छी कीमत अदा कर अपनी डिमाण्ड वाला स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ पाता है। 

अम्बेडकरनगर मुख्यालय के शहर अकबरपुर और शहजादपुर में सैकड़ों की तादात में ठेलों/दुकानों पर चाउमिन, बर्गर, चाट, कचालू, टिक्की, समोसा, अण्डा, आमलेट, बिरयानी, कबाब, एगरोल, चिकन रोल एवं शाकाहारी रोल, मोमोज़ आदि की बिक्री की जा रही है। इन दुकानदारों द्वारा अखाद्य तेल, मक्खन एवं मानक के विपरीत घटिया स्तर के रसायनयुक्त मसालों एवं अन्य निर्माण सामग्रियों का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे अखाद्य एवं मिलावटी पदार्थों के सेवन से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ रहा है। ग्राहक जाने-अनजाने भयंकर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उदर रोग, चर्म रोग जैसे खतरनाक रोगों से ग्रस्त होने वाले चाट-चाउमिन उपभोक्ता स्वयं ही नहीं समझ पा रहे हैं कि इसके पीछे कारण क्या है? 

दोनों उपनगरों के महत्वपूर्ण स्थानों जैसे पटेलनगर, हाइडिल, डाकबंगला, बस स्टेशन अकबरपुर के सामने व अगल-बगल, टाण्डा रोड टैक्सी स्टैण्ड, दूरसंचार केन्द्र अकबरपुर के निकट, रेलवे क्रासिंग पार, साईंप्लाजा तिराहा, रेलवेस्टेशन निकट, पुरानी तहसील तिराहा एवं अगल-बगल, फैजाबाद रोड, फौव्वारा तिराहा, नई सड़क शहजादपुर, पहितीपुर चौराहा, दोस्तपुर चौराहा, मालीपुर रोड आदि पर ठेला एवं स्थाई चाट, चाउमिन कार्नरों पर मिलावटी एवं अखाद्य तेलों, पदार्थों से निर्मित खाद्य सामग्रियों की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है।



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