युवराज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया सन्यास
| Rainbow News Network - Jun 10 2019 7:04PM

वर्ल्ड कप 2011 के हीरो और कैंसर को हरा कर वापसी करनेवाले चैंपियन युवराज सिंह ने आखिरकार क्रिकेट से संन्यास ले लिया। आधिकारिक ऐलान से ठीक पहले युवी ने एक भावुक कर देनेवाला विडियो संदेश जारी किया। अपने संन्यास को 'स्टेपिंग आउट' नाम देने वाले युवी ने इस विडियो के जरिए अपने पूरे क्रिकेट सफर को याद किया। इसमें उन्होंने अपने करियर के तीन सबसे खास लम्हे भी बताए। 

युवराज ने जो विडियो शेयर किया उसमें उनके साथ उनके पिता जोगराज सिंह और मां भी दिखीं। विडियो मेसेज की शुरुआत में युवराज अपने पिता के साथ दिखते हैं। इसमें योगराज उन्हें सभी उन जगहों पर लेकर जाते हैं जहां से युवराज का सफर शुरू हुआ। मसलन, पुराना घर जिसे युवराज 'सेमी जेल' बताते हैं। उनका स्कूल और क्रिकेट ग्राउंड जहां से युवी ने क्रिकेट खेलना शुरू किया। 

युवराज ने बताया कि शुरुआत में उन्हें स्केटिंग करना पसंद था। लेकिन उसकी वजह से योगराज उनसे गुस्सा रहने लगे थे। युवी बताते हैं कि एकबार जब वह स्केटिंग में गोल्ड जीतकर लाए तो पिता ने वह मेडल फेंक दिया। जिसपर युवी काफी दुखी हुए थे। फिर बाद में उनके पिता ने उन्हें क्रिकेट की तरफ जाने को कहा। 

तीन खास लम्हे 

युवराज ने विडियो में अपने क्रिकेट करियर के तीन सबसे खास लम्हे भी बताए। इसमें 2011 का वर्ल्ड कप जीतना, छह छक्के लगाना और पहली टेस्ट सेंचुरी लगाना शामिल रहा। युवी ने वानखेड़े स्टेडियम को अपने करियर में सबसे खास बताया। 

कैंसर से कभी नहीं हारा 

मेसेज में वह बताते हैं कि कैंसर से उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वह बोले कि उनके मन में कभी ऐसा ख्याल नहीं आया कि कोई बीमारी उन्हें हरा सकती है। उस दौरान युवी की मां ने ही उन्हें संभाला और दिलासा दिया। युवराज ने बताया कि मां, बाप के अलावा उन्हें गुरु बाबा राम सिंह उनकी जिंदगी में सबसे अहम हैं। 

मां हमेशा साथ रहीं 

विडियो में युवी ने बताया कि उनकी मां हमेशा सपॉर्ट में खड़ी रही। युवी बताते हैं कि मां कभी उनका मैच नहीं देखती थी क्योंकि उन्हें लगता था कि वह जब भी उनका मैच देखती थी तो वह आउट हो जाते थे। 



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