विरोध प्रदर्शन कर एस.डी.एम. को सौंपा ज्ञापन
| -Ali Askari Naqvi - Jun 13 2019 5:11PM

अम्बेडकरनगर। पैगम्बर मोहम्मद साहब की बेटी निसाइल आलमीन जनाब फात्मा जहरा की मजार को सऊदी अरब के क्रूर बादशाह अब्दुल अजीज इब्ने अब्दुल रहमान अल-फैसल अल-सऊद द्वारा मात्र इस लिए ढहा दिया गया था कि भारतीय उप महादीप सहित संसार भर से आने वाले जायरीन उक्त मजार की जियारत न कर सकें। यह बात मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना जाफर अली रिजवी ने इमामबारगाह मीरानपुर में बुधवार को कही।

अंजुमन अकबरिया की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए मौलाना जाफर रिजवी ने कहा कि इस्लामी कैलेंडर के दसवें महीने माहे शौव्वाल की आठ तारीख तदानुसार 21 अप्रैल 1925 को यह कष्टदायी घटना घटित हुई थी। उसी समय से पुनर्निमाण की मांग की जा रही है, परन्तु सऊदी अरब हुकूमत के कांन पर जूं नहीं रेंग रही है। मौलाना शाहिद हुसैन रिजवी ने संबोधित करते हुए कहा बीबी फात्मा का रौजा दो बार गिराया गया। पहली बार 1222 हिजरी में और दूसरी बार सन 1925 ईसवी में।

उन्होंने दावा करते हुए कहा जिस दिन उम्मते मुस्लिमा जाग जायेगी उस दिन रौजे का नवनिर्माण हो जायेगा। मौलाना सना अब्बास जैदी ने कहा कि  हमें समवेत स्वर उठाना होगा, क्यों कि यह रसूले अकरम में आस्था रखने वाले सभी वर्गों से जुडा़ हुआ है। मौलाना मोहम्मद अली गौहर ने कहा आपसी मतभेद को अलग रख एक प्लेटफार्म पर आना समय की मांग है।

मौलाना एहतेशाम अब्बास जैदी की अध्यक्षता एवं मौलाना नूरुल हसन रिजवी के संचालन में हुए विरोध प्रदर्शन के मौके पर मौलाना एहतेशाम अब्बास जैदी, मौलाना मोहम्मद अब्बास रिजवी, मौलाना मोहम्मद कमर आब्दी, मौलाना गुलाम मुर्तुजा जैदी, मौलाना आदिल अब्बास, मौलाना इंतजार मेहदी फैजी, मौलाना मोहम्मद असगर शारिब, मौलाना मीसम अली आदि ने भी विचार व्यक्त किया।

उक्त अवसर पर अब्बास रिजवी, हाजी सज्जाद हुसैन, मुम्ताज हुसैन, डा.कासिम हुसैन, इम्तियाज हुसैन, रेहान जैदी, यासिर हुसैन, रेहान अब्बास, अबरार हुसैन, आरिफ अनवर, कमर अब्बास अज्मी, मेहदी रजा, आशू, हसन अब्बास, जियो, मेहदी हसन समेत सैकडो़ं लोग उपस्थित थे।



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