भीषण गर्मी में राहत भरी खबर, 16 जून से होगी झमाझम बारिश
| Agency - Jun 15 2019 3:26PM

पूरा उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी से जल रहा है। गर्म लू के थपेड़े और आसमान से बरसती आग के सामने लोग बेबस नजर आ रहे हैं। हालात ये हैं कि घरों के बाहर लोग लू से झुलस रहे हैं और घरों के अंदर उमस उन्हें बैठने नहीं दे रही। शुक्रवार को भी सूर्य भगवान अपने पूरे रंग में नजर आए। शुक्रवार को यूपी के बांदा में सबसे ज्यादा 45 डिग्री तापमान नोट किया गया। वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री रहा जो सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा था। लोगों की निगाहें आसमान की ओर लगी हुई हैं कि कब इंद्र देवता उनके ऊपर मेहरबान होंगे। हालांकि इस झुलसाती गर्मी के बीच मौसम विभाग ने एक बेहद राहत भरी खबर दी है।

लगातार चढ़ रहे गर्मी के पारे के बीच मौसम विभाग एक राहत भरी खबर लेकर आया है। मौसम विभान ने कहा है कि यूपी से सटे उत्तराखंड में अगले एक हफ्ते तक झमाझम बारिश की संभावना है। दरअसल, मौसम विभाग ने उत्तराखंड में 16 जून यानी रविवार से अगले एक हफ्ते तक प्री-मॉनसून बारिश की संभावना जताई है। उत्तराखंड के कई इलाकों में 16 जून से लेकर 19 जून तक झमाझम बारिश हो सकती है। वहीं, 19 जून के बाद इस बारिश में थोड़ी कमी आएगी, लेकिन यह 2-3 दिनों तक जारी रहेगी। यानी मॉनसून से पहले होने वाली यह बारिश गर्मी से बेहाल लोगों को कुछ समय के लिए राहत दिला सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक 16 जून से उत्तराखंड के ज्यादा इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कुछ इलाकों में आंधी और गरज के साथ हल्की बारिश के भी आसार हैं। हालांकि इस बारिश से पहले राज्य में गर्मी का पारा ऊपर चढ़ेगा और लोगों को लू व उमस झेलनी होगी। मौसम विभाग का कहना है कि लगातार 5 दिन तक झमाझम बरसने के बाद 19 जून से बारिश कुछ हल्की पड़ेगी और 21 जून तक काफी कम हो जाएगी। हालांकि यह प्री मॉनसून बारिश है और राज्य में मॉनसून एक्सप्रेस जुलाई के पहले हफ्ते तक ही पहुंचने के आसार हैं। प्री-मॉनसून बारिश से लोगों को झुलसाती गर्मी से हल्की राहत मिल सकती है।

आपको बता दें कि मॉनसून इस बार एक सप्ताह लेट है। हालांकि बीते शनिवार को लंबे इंतजार के बाद मॉनसून ने केरल में दस्तक दी, लेकिन देशभर में इसे सक्रिय होने में अभी समय लगेगा। मौसम विभाग ने बताया कि केरल से मॉनसून की शुरुआत हो गई है और जल्द ही यह अपनी रफ्तार पकड़ लेगा। मौसम विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सामान्य रूप से मॉनसून 29 जून तक दिल्ली-एनसीआर में पहुंच जाता है। चूंकि इसके दक्षिणी भाग में पहुंचने में देरी हुई है, इसलिए मॉनसून के उत्तर-पश्चिम भारत तक पहुंचने में दो तीन दिन ज्यादा लग सकते हैं। कहने का मतलब यह है कि मॉनसून 1 जुलाई तक ही दिल्ली-एनसीआर में पहुंच पाएंगा।

आपको बता दें कि मॉनसून इस बार एक सप्ताह लेट है। हालांकि बीते शनिवार को लंबे इंतजार के बाद मॉनसून ने केरल में दस्तक दी, लेकिन देशभर में इसे सक्रिय होने में अभी समय लगेगा। मौसम विभाग ने बताया कि केरल से मॉनसून की शुरुआत हो गई है और जल्द ही यह अपनी रफ्तार पकड़ लेगा। मौसम विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सामान्य रूप से मॉनसून 29 जून तक दिल्ली-एनसीआर में पहुंच जाता है। चूंकि इसके दक्षिणी भाग में पहुंचने में देरी हुई है, इसलिए मॉनसून के उत्तर-पश्चिम भारत तक पहुंचने में कुछ दिन ज्यादा लग सकते हैं। कहने का मतलब यह है कि मॉनसून 1 जुलाई तक ही दिल्ली-एनसीआर में पहुंच पाएंगा। यानी अभी लोगों को गर्मी से कुछ दिन और जूझना होगा।

हालांकि जहां मध्य और उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्से गर्मी से लोगों को झुलसा रहे हैं, वहीं कश्मीर में हालात बिल्कुल अलग हैं। जून के महीने में भी कश्मीर में जमकर बर्फबारी हो रही है, जिसके चलते लोग भारी ठंड की चपेट में हैं। गुरुवार को कारगिल जिले के बालटाल, सोनमर्ग के हिल स्टेशनों, जोजिला दर्रा और द्रास कस्बे में काफी बर्फबारी हुई। इसके अलावा किश्तवाड़ और उससे सटे आसपास के इलाकों में भी ऐसा ही हाल है। बर्फबारी और बारिश ने इलाके को ठंड के जबरदस्त आगोश में ला दिया है। कश्मीर घूमने गए पर्यटकों को भी इस ठंड के चलते मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लोगों ने ठंड से बचने के लिए बाजार से गर्म कपड़ों की खरीदारी की और ज्यादातर लोग अपने होटलों में ही रुके रहे। मौसम विभाग का कहना है कि कई सालों बाद ऐसी स्थिति आई है, जब जून के महीने में यहां भारी बर्फबारी देखने को मिल रही है।



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