पीपुल्स फोरम ने डी.आर.एम. (उ.रे.) से मिलकर छः सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा
| Rainbow News - Jun 17 2019 3:42PM

लखनऊ। लगातार ट्रेनों के निरस्त किये जाने के प्रशन, ट्रेनों के समयानुसार संचालन व अन्य यात्री सुविधाओं की जरूरी मांगो के सन्दर्भ में पीपुल्स फोरम, लखनऊ का सात सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल फोरम के वरिष्ठ सदस्य रामकिशोर के नेतृत्व में उत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबन्धक संजय त्रिपाठी से मुलाकात कर छः सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और मांगों पर अविलम्ब उचित कदम उठाने का अनुरोध करते हुए चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगों पर त्वरित विचार नहीं किया गया तो फोरम यात्रियों को जागरूक एक व्यापक जनआन्दोलन का निर्माण  करेगा। 

प्रतिनिधि मंडल में के के शुक्ल , ओ पी सिन्हा, वीरेन्द्र त्रिपाठी,डी के वर्मा, ज्योति राय,डाॅ सतीश श्रीवास्तव शामिल रहे। पीपुल्स फोरम,लखनऊ के संयोजक वीरेन्द्र त्रिपाठी ने जारी बयान में कहा कि उत्तर रेलवे द्वारा संचालित पैसेंजर एवं मेमू ट्रेनों द्वारा प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री लखनऊ से कानपुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ शाहजहांपुर आदि जगहों पर आते-जाते है।इसमें ज्यादातर यात्री काम करने के लिए,पढ़ाई के लिए ,इलाज के लिए आते-जाते है।यह यात्रा इस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बनायें रखने का सबसे जरूरी आधार है।

इन पैसेंजर/मेमू ट्रेनों की संख्या 30 से अधिक है और लम्बे समय से कोई न कोई कारण बनाकर इन्हें बंद किया जा रहा है।21 मई 2019 से ये सभी ट्रेनें अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई है और रेलवे द्वारा ऐसी कोई सूचना नही मिल रही है कि इन्हें पुनः कब शुरू किया जायेगा। इधर कुछ समय से वीआईपी ट्रेनों को छोड़कर अन्य ट्रेनों को भी समय-समय पर स्थगित करनी की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है।इस व्यवहार का कोई तर्कसंगत कारण समझ में नही आता,रेलवे की लोक कल्याणकारी भूमिका में लगातार गिरावट होती जा रही है। 

वैसे भी हमारे इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में मजदूर व कारीगर ट्रेनों में चढ़कर पूरे देश में काम करने के लिए जाते है।लेकिन अनारक्षित डिब्बों में बोरों की तरह लदकर वे तकलीफ देह यात्रा करते है, उससे सभी वाकिफ है।फिर भी आज तक इनके तकलीफों को कम करने पर ध्यान नही दिया गया है। क्या अब रेलवे का काम सिर्फ अमीरों की सुविधाओं का ही ख्याल रखना हो गया है? क्या उसे आम नागरिकों की समस्याओं से कोई सरोकार नही रह गया है?हम समझते हैं कि रेल सुविधायें सभी के लियें हैं, और इसकी विशेष जिम्मेदारी उन लोगों के प्रति बनती है जिनके मेहनत से पूरा देश चलता है।

प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष रामकिशोर ने जारी बयान में कहा कि रेलवे जानबूझकर सामान्य यात्रियों के मूलभूत सुविधाओं में लगातार कटौती कर रहा है।उन्होंने कहा कि रेलवे का विशाल ढाॅचा हमारे देश के मेहनतकशों के खून पसीने से निर्मित हुआ है और हमारा फोरम मेहनतकशों की गाढ़ी कमाई को बर्बाद नही होने देगा।उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की मंशा रेलवे के पूर्ण निजीकरण करने की है इसलिए फोरम रेलवे के निजीकरण के साजिश के खिलाफ लड़ाई लड़ने को तैयार है।उन्होंने बताया कि हमने अपनी मांगों को पूरा करने का अधिकतम एक माह का समय रेलवे को दिया यदि हमारी मांगे एक माह के अन्दर पूरी नही होती है तो हम आन्दोलन का रास्ता अख्तियार करेगें। 

मांगे -

1- बन्द पैसेंजर ट्रेनों को तत्काल शुरू करवाया जाए।
2- इन ट्रेनों के संचालन में समय का अनुपालन किया जाए।
3- लम्बी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की संख्या देखते हुए अनारक्षित श्रेणी के डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए।
4- दक्षिण की तरफ जाने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाये, क्यों कि इस तरफ जाने वालों की संख्या बहुत बढ़ गई है। 
5- ट्रेनों के संचालन में समय का अनुपालन किया जाए। 
6- सभी स्टेशनों पर निःशुल्क स्वछ पेयजल व अन्य मूलभूत सुविधाओं की उचित व्यवस्था की जाये।


-वीरेन्द्र त्रिपाठी, एडवोकेट

संयोजक, पीपुल्स फोरम, लखनऊ,

मो: 9454073470



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