ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बात...
| Rainbow News Network - Jun 17 2019 4:52PM

आजकल उत्तर प्रदेश के हर शहर में सबमर्सिबल का जोर है आप मोटर की दुकान पर जायें और पानी की समस्या के बारे में बात करें तो वो तुरंत आपको इसकी ही सलाह देगा क्योकि इसमें उसका लाभ है, स्थिति यह है बोरिंग करने वाले मिस्त्री मिल नहीं रहे हैं और एक बोरिंग पर 40 से 50 हजार का व्यय आ रहा है| पानी की आवश्यकता है तो ये भी आवश्यक है पर गरीब क्या करेगा जबकि ये समस्या अमीरों की पैदा की हुई है और इसके बाद कोई ये नहीं सोच रहा है कि सबमर्सिबल की नौबत क्यों आई और ये भी कहाँ तक चलने वाली है|

जब साधारण हैण्ड पम्प थे कोई समस्या नहीं आई पर जबसे india mark-2 तथा साधारण मोटर का का प्रचलन हुआ पानी की बर्बादी होना प्रारम्भ हो गया और यह स्थिति आ गयी है, अब जब लोग सबमर्सिबल लगवा लेते हैं तो प्रेशर से वाहनों की धुलाई, फर्श की धुलाई और सुबह साढ़े नौ-दस बजे घर और दुकान के बाहर प्रेशर से ही कूड़े की सफाई और पानी का छिड़काव, इस बात से कोई मतलब नहीं कि कितना पानी बरबाद हो रहा है और धूप में तुरंत सूख जायेगा

व्यापारियों के नौकर भी नवाब हो रहे हैं दुकान के बाहर झाड़ू लगाने से बेइज्जती हो जाएगी इसलिए पाइप से ही कूड़े की सफाई होती है| सुबह के 10 बजे जब धूप तेज हो जाती है घर या दुकान के बाहर दरों पर पानी डालने का क्या अर्थ हो सकता है वो तो 10 मिनट से अधिक रुक ही नहीं सकता| घर में बोरिंग की आवश्यकता नहीं है वहां भी एक दूसरे को देख कर लोग सबमर्सिबल लगवा रहे हैं और अन्धाधुंध बेरहमी से पानी बरबाद कर रहे हैं| वास्तव में जल एक संसाधन है और ये किसी के बाप की बपौती नहीं है कि जितना चाहो बरबाद करो, जमीन का एक टुकड़ा किसी की संपत्ति होने मात्र से उसके नीचे के संसाधनों पर केवल उपयोग भर का अधिकार है न कि बरबाद करने का|

पर इस सम्बन्ध में कोई कानून भी नहीं है और क्यों हो जैसी प्रजा वैसा राजा, जब सत्ता में बैठे लोगों के परिवार वालों का मिनरल वाटर की कम्पनियों में हिस्सा हो तो वो सरकार क्यों नियम-कानून बनाने लगी| हम बिना घी या दूध का सेवन किये जीवन बिता सकते हैं पर पानी के बिना एक भी दिन नहीं पर प्रकृति ने हमें यह उपहार निःशुल्क प्रदान किया है इसलिए हम इसका मूल्य नहीं समझ रहे है| किसी ने कहा था कि प्रकृति अपने साथ किये गए मजाक का बदला भयानक ढंग से लेती है, हमें यह याद रखने की आवश्यकता है|

आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी पीढ़ी पेय जल कितना छोड़कर जायेगी जब हम इतना दोहन कर रहे है उपयोग कम बर्बादी ज्यादा। मेरे व्यक्तिगत विचार है कि हमारे पूर्वजों ने बहुत सोच समझ कर पानी का उपयोग किया और हम है कि इस तरफ ध्यान ही नही ...... जागरूक करती इस पोस्ट पर केवल चिंतन करने की आवश्यकता नही है बल्कि इस पर अमल भी करने की जरुरत है पानी की बर्बादी न हो।



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