मानसून के लेट होने की वजह
| Rainbow News Network - Jun 19 2019 1:20PM

प्रचंड गर्मी की मार झेल रहे भारत में इस बार मॉनसून पहले से ही लेट आया है और उसके बाद उसकी चाल को चक्रवात 'वायु' ने प्रभावित कर दिया है, जिसकी वजह से इसकी चाल और धीमी हो गई है, भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 12 साल में यह पहली बार है जब मॉनसून देश में इतनी धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, जहां आमतौर पर इस समय तक देश के दो-तिहाई हिस्से तक मॉनसून पहुंच जाता है, वहीं इस बार यह सिर्फ 10-15 प्रतिशत हिस्से तक ही पहुंच पाया है, जिसकी वजह से मॉनसून की बारिश में 44 प्रतिशत कमी आई है।

मॉनसून का लेट आना, मॉनसून का स्लो होना और मॉनसून की बारिश में कमी आने से अन्नदाता परेशान हो गए हैं, मॉनसून की इस कछुआ चाल से किसान काफी चिंता में हैं क्योंकि इसकी देरी से जायद की फसल और जल्द शुरू होने वाली खरीफ की फसल के प्रभावित होने के आसार हैं। एक तो मॉनसून लेट ऊपर से प्री-मॉनसून बरसात न होने से दलहनी फसल पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

चक्रवाती तूफान 'वायु' की वजह से भी मॉनसून प्रभावित हुआ। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, और गोवा में अभी तक 59 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जबकि पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में यह कमी 47 प्रतिशत है। राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अब मॉनसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक साल 2007 से लेकर अब तक के मॉनसून में यह पहली बार है जब 18-19 जून तक मॉनसून इतने धीमे आगे बढ़ा है। साल 2013 में इसकी गति सबसे तेज थी जब 16 जून तक पूरे देश में मॉनसून पहुंच गया था।

महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार में 20 जून के बाद ही मॉनसून के पहुंचने की संभावना है, 25-26 जून तक गुजरात और 23-24 जून तक मध्य प्रदेश के कई इलाकों में मॉनसून पहुंच सकता है, उत्तर प्रदेश-बिहार-एमपी में ये 28-29 जून तक पहुंच सकता है तो वहीं दिल्ली में 1 जुलाई तक मॉनसून सक्रिय हो सकता है।



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