अम्बेडकरनगर की सड़कों पर बेखौफ ओवरलोडिंग जारी
| Rainbow News Network - Jun 29 2019 5:46PM
  • भूसे की तरह वाहनों में ठूसे जा रहे हैं यात्री
  • चालकों को ए.आर.टी.ओ. और पुलिस का नहीं है भय

अम्बेडकरनगर जिले की सड़कों पर दौड़ने वाले दो पहिया, तीन पहिया, चार पहिया और इससे भी अधिक पहिया वाले वाहनों की संख्या जो कुछ भी हो परन्तु सड़क मार्ग से होकर यात्रा करने वाले लोगों को अपने गन्तव्य तक पहुँचने के लिए वाहन किल्लत की वजह से बड़ी दुश्वारियों से गुजरना पड़ता है, और यात्रीगण टैक्सी वाहनों में बैठकर, लटकर अगल-बगल खड़े होकर येन-केन-प्रकारेण गन्तब्य तक पहुँचने को विवश होते हैं। टैक्सी में चलने वाले चार पहिया, तीन पहिया आटो वाहनों की ओवर लोडिंग देखकर एक बार तो हर किसी को झिझकना पड़ता है कि ऐसी स्थिति में बैठ, खड़ा होकर या फिर वाहनों के ऊपर बैठकर कैसे यात्रा की जाए। गन्तव्य तक पहुँचना में भी जल्दी है।

परिवहन निगम की कोई बस नहीं, रेलमार्ग नहीं.........तब झख मार कर छोटे वाहनों पर जान जोखिम में डालकर महंगी यात्रा करना लोगों की मजबूरी बन गया है। कौन कहता है कि जिले की सड़कों पर चलने वाले टैक्सी वाहन निर्धारित सवारियाँ बैठाकर ही चलते हैं..........? यदि कोई ऐसा कहता है तो वह सर्वथा झूठ ही बोल रहा होता है। ओवर लोडिंग पर यदि वाहन चालक से प्रतिरोध किया जाए तो स्पष्ट उत्तर मिलता है कि दूर हटो, पैदल आओ, मुझे सवारियों की कमी नहीं है। अभी देखना कितनी सवारियाँ लादता हूँ। सुना गया था कि परिवहन महकमा काफी सख्त है। आए दिन सड़कों पर डग्गामार व ओवर लोड वाहनों की चेकिंग कर आवश्यक कार्रवाई कर रहा है परन्तु सुनी-सुनाई और हकीकत में अन्तर होता है। 

उदाहरण के तौर पर हम यहाँ शहजादपुर स्थित दोस्तपुर चौराहे से दोस्तपुर-कादीपुर मार्ग पर चलने वाले टैक्सी वाहनों के बावत उन बातों का जिक्र कर रहे हैं जिसे 28 जून 2019 को देखा, सुना और अनुभव किया है। समय लगभग 11 पूर्वान्ह। तिपहिया वाहन बजाज मैक्सिमा नम्बर यू.पी. 45 टी. 6866 में बैठकर शहजादपुर से बेवाना (अकबरपुर-दोस्तपुर-कादीपुर सड़क मार्ग) की यात्रा करने का संजोग प्राप्त हुआ। परमिट के अनुसार इस लघु टैक्सी वाहन में यात्रियों की संख्या जो भी निर्धारित की गई हो परन्तु उक्त दिन-दिवस को बजाज मैक्सिमा आटो वाहन में नीचे सीट पर, अगल-बगल, और ऊपर लगभग 25 सवारियाँ लादकर वाहन चालक ने एक विजयी उत्साहित हुंकार भरी और सड़क मार्ग पर चल पड़ा। उसमें बैठे और लटके सभी यात्रियों को मांगलिक कार्यों एवं अन्य जरूरी कार्यक्रमों में शिरकत करना था और उक्त मार्ग पर वाहन की किल्लत होने की वजह से उन्होंने बजाज मैक्सिमा के चालक का विरोध नहीं किया। यही नहीं वाहन चालक ने किराया भी उसी तरह मनमाना वसूला जैसे कहा जाता है कि- चोट का दर्द ज्यों-ज्यों बढ़े, त्यों-त्यों हल्दी का दाम बढ़ता जाता है। 

कुछ जानकार यात्रियों ने चालक से कहा कि ओवरलोडिंग मत करो, वरना ए.आर.टी.ओ. के दस्ते की औचक चेकिंग में चालान कट जाएगा, आगे थाना बेवाना है वहाँ पुलिस चालान कर देगी, इतना किराया क्यों ले रहे हो................। चालक ने इसे अनसुना कर दिया। ऐसा प्रतीत हुआ कि उसे न तो परिवहन महकमें का और न ही पुलिस का भय है। एक युवा यात्री ने कहा कि क्या बात है तुम कोई जवाब नहीं दे रहे हो तो उसने मुँह में लगे ताले को थोड़ा सा खोला कि इस सबकी चिन्ता उसे होती है जो ए.आर.टी.ओ. और पुलिस को खुश करना न जानता हो, हम तो नियमित रूप से इन दोनों महकमों को नजराना देते रहते हैं। यदि मैं गलत बोल रहा हूँ तो फोन करो देखो ए.आर.टी.ओ. या पुलिस से क्यो जवाब मिलता है। बेहतर होगा कि ज्यादा कानून मत बघारो, चुप-चाप देखो सड़क पर तुम्हारा गन्तब्य आया कि नहीं।

इन्हीं बातों में शहजादपुर चौराहे से चला हुआ बजाज मैक्सिमा गौहन्ना, घटकना, सोनगाँव, किशुनपट्टी, रामपुर सकरवारी, हुसैनपुर, सिवरानाली, बेवाना थाना कब क्रास कर गया भूसे की तरह उक्त वाहन में ठूसकर बैठाए गए यात्री नहीं समझ पाये। बेवाना पहुँचते-पहुँचते उक्त टैम्पो लगभग खाली सा हो चुका था और आगे दोस्तपुर की चार किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए पुनः यात्रियों से भर गया। कुल मिलाकर 13 किलो मीटर की दूरी उक्त तिपहिया वाहन बजाज मैक्सिमा-यू.पी.45 टी. 6866 में कथित रूप से बैठकर तय करने वालों की पीड़ा उनके चेहरों पर साफ नजर आई। वे लोग पूरे रास्ते भर अपने-अपने धर्मानुसार अपने अभीष्टों को स्मरण करते रहे। उनके इस कार्य में प्राणलेवा गर्मी कोढ़ में खाज जैसा काम कर रही थी। 



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