अकबरपुर नपाप ओहदेदारों की वजह से उसरहवा में बलबा/फौजदारी की स्थिति उत्पन्न
| Rainbow News Network - Jul 8 2019 3:23PM

अम्बेडकरनगर। नगर पालिका के जिम्मेदार ओहदेदारों की नीतियों और रवैय्ये के चलते अकबरपुर, शहजादपुर के लोगों में बैर-भाव बढ़ने लगा है। इनमें आपसी सौहार्द कभी मिशाल के रूप में माना जाता था। कारण क्या है, उसके बारे में जिक्र करते हुए बताना है कि नपाप अकबरपुर सीमा क्षेत्रान्तर्गत सभी 25 वार्डों में निर्मित गली, खड़न्जे व नालियाँ मनमाने तरीके से बनवा दी गई हैं। ये निर्माण आपसी वैमन्स्य का सबब बनने लगे हैं। 

नगर पालिका के जिम्मेदारों के मनमानेपन और धनकमाऊ नीति का परिणाम यह है कि सभी वार्डों के लोग नगरीय सुविधा से सर्वथा वंचित हैं और साल के बारहों महीने ये लोग आपस में ही लड़ते-झगड़ते रहते हैं। मुख्य कारण यह है कि इनके घरों से निकलने वाला गन्दा पानी एक दूसरे के घरों में प्रवेश कर रहा है। उधर नगर पालिका का यह दावा होता है कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था के तहत दर्जनों चौड़े नालों व वार्ड, मोहल्लों में नालियों का निर्माण कराया गया है वह भी सिर्फ कागजों में, जिसको दर्शाकर मनमाने ढंग से लाखों/करोड़ों रूपए स्वहितार्थ उपयोग कर लिए गए। 

वार्ड नम्बर 11 उसरहवा में बलबा-फौजदारी की बनी हुई है स्थिति

वार्ड नम्बर 11 उसरहवा में आए दिन जल निकासी की समस्या से जूझ रहे वार्ड वासी आपस में ही तू-तू, मैं-मैं करते देखे जाते हैं। जिसने चुप्पी मारी वह बच गया, और आमादा फौजदारी वाले लोग स्वयं थक हार कर शान्त हो जाया करते हैं। इस तरह यहाँ नित्य बलबा जैसी अप्रिय, दुःखद घटना घटने की सम्भावनाएँ बनी रहती हैं। वार्ड नम्बर 11 की मुख्य गली को बीते वर्ष काफी ऊँचा करके ब्रिक सोलिंग करवा दी गई, और जलनिकासी के लिए नालियों का निर्माण ही नहीं कराया गया। पूर्व से निर्मित एक संकरी नाली से पूरी आबादी को जोड़ दिया गया है। अब आलम यह है कि बारहो महीने एक मात्र नाली में गन्दे पानी का जल जमाव बना रहता है। जब भी कभी बरसात होती है तब इस वार्ड की हालत और भी बदतर हो जाती है। सड़ान्ध से बीमारियाँ और छुतहा रोग फैलाने वाले विषाणु-कीटाणु की तादात बढ़ जाती है, लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। अस्पतालों में जाकर हजारों रूपए खर्च करके महीनों तक स्वास्थ्य लाभ के लिए बेडरेस्ट लेते हैं। इस तरह वार्ड नम्बर 11 उसरहवा के लोगों का नगरीय सुविधा प्रदान करने वाले जिम्मेदारों द्वारा मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा है। 

इस मलिन बस्ती वार्ड नम्बर 11 में दलितों के अलावा लगभग 20 प्रतिशत आबादी अन्य जातियों की है। ऐसे में गैर दलित काफी संकट की स्थिति में आ जाते हैं। मुख्य गली के दक्षिण पूरी आबादी की ढलान उत्तर तरफ है, उनके घरों का पानी नपाप द्वारा पूर्व में निर्मित एक मात्र नाली में आता रहता है। बरसात के दिनों में वार्ड नम्बर 11 उसरहवा बस्ती की उत्तरी आबादी जलमग्न हो जाती है। ऐसे में लोग अपने-अपने घरों में कैद होकर रह जाते हैं। जलप्लावन की स्थिति में जब भी कभी किसी ने पानी के निकासी के बावत बात किया तो दबंग एवं हैंकड़ प्रवृत्ति के लोगों द्वारा उन्हें अपमानित होना पड़ता है। नगर पालिका प्रशासन से कहने पर कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता है। 

क्या कहते हैं वार्ड नम्बर 11 उसरहवा के सभासद शिवकुमार:-

वार्ड नम्बर 11 आरक्षित वार्ड है, और इसका सभासद दलित जाति का है। इस सभासद के बारे में कहा जाता है कि इसने कमीशन के जरिए अपने तीसरे कार्यकाल तक अकूत धन एवं चल-अचल सम्पत्ति बना लिया है। यह अंग्रेज शासकों के नक्श-ए-कदम पर चलता है। इसने कुछ खास विजातीय प्रभावशाली लोगों से अच्छा सम्बन्ध बना रखा है। दलित जाति के लोग ज्यादा चिल्ल-पों न करें इसके लिए इसने अपने घर के अगल-बगल कुछेक लोगों को सरकारी सुविधा मुहैय्या करा कर उन्हें अपना मुरीद बना रखा है। 

वार्ड नम्बर 11 का सभासद ठेकेदार, अवर अभियन्ता, अधिशाषी अधिकारी और चेयरमैन तक से मधुर सम्बन्ध बनाकर दोनों हाथों से अपनी जेबें भरने में लगा है। जब भी किसी ने इस सभासद से मिलकर उसरहवा वार्ड मुख्य मलिन बस्ती की समस्याओं के बावत बात करके समस्या समाधान चाहा तो इसने स्पष्ट रूप से कहा कि नगर पालिका परिषद अकबरपुर में उसकी कोई सुनवाई नहीं होती है, बेहतर होगा कि लोग अपनी समस्या स्वयं चेयरमैन या ई.ओ. से कहें।

क्या कहते हैं अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य:-

जब-जब इस वार्ड की समस्या के बारे में अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य से बात की गई तब-तब उन्होंने ऐसा प्रदर्शित किया कि यहाँ की समस्या तत्काल प्रभाव से दूर कर दी जाएगी। जब भी इनसे बात की गई तो हर बार इन्होंने कहा कि हम तुरन्त मौके पर लोगों को भेज रहे हैं। जो वहाँ जाकर समस्या और उसके कारणों पर मंथन चिन्तन करेंगे तद्नुसार स्थाई समाधान के लिए कार्य योजना बनाएँगे। परन्तु उनका यह कहना एक दम ढपोरशंखी निकला। 

ई.ओ. मौर्या के दो वर्ष के कार्यकाल में इन्होंने मात्र आश्वासन ही दिया है, कभी भी अपने लग्जरी वाहन में बैठकर नपाप दफ्तर से चन्द कदम की दूरी पर स्थित वार्ड नम्बर 11 उसरहवा मलिन बस्ती की समस्या को देखने की जहमत नहीं उठाई। आश्चर्य ये होता है कि जनाब मौर्या ई.ओ. साहेब मलिन बस्ती के पूर्वी छोर (अकबरपुर-टाण्डा मुख्य सड़क मार्ग) पर आया-जाया करते हैं परन्तु उनका यह आवागमन कथित हाई क्वालिटी की मिठाइयाँ व चाट खाने-खरीदने के लिए ही होती है। 

क्या कहते हैं अवर अभियन्ता घनश्याम मौर्य:-

बीते वर्षो जे.ई मौर्या साहब से दूरभाषीय सम्पर्क बना तो परन्तु कभी भी बात सम्भव नहीं हो सकी। यद्यपि एक बार उन्होंने कहा था कि जिन-जिन लो-लैण्ड गलियों में पानी रूकता है उसका सर्वे करवाया जाएगा और परिषद में प्रस्ताव लाकर निर्माण कार्य करवाया जाएगा। परन्तु अवर अभियन्ता मौर्या साहब का कथन सच्चाई के धरातल पर आज तक नहीं उतर सका। अब जबकि उसरहवा जलप्लावन के हालात से दो-चार हो रहा है तब ऐसे में मौर्या साहब से सम्पर्क सम्भव नहीं हो पा रहा है। 

क्या कहते हैं नपाप अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज गुप्ताः- 

यद्यपि नपाप अकबरपुर की चयनित अध्यक्ष श्रीमती सरिता गुप्ता हैं परन्तु परिषद का सारा कार्य उनके प्रतिनिधि पतिदेव मनोज गुप्ता देखते हैं। यह संयोग था कि उनसे दूरभाषीय सम्पर्क सम्भव हो सका। जब समस्या बताई गई तो उन्होने कहा कि वहाँ नाली तो बनी है, तब समस्या कहाँ है। इतना कहकर उन्होने फोन डिस्कनेक्ट कर दिया। चूँकि वह चेयरमैन प्रतिनिधि हैं इसलिए हमेशा काफी व्यस्त रहते हैं। 

उसरहवा वार्ड में जलनिकासी की विकराल समस्या का समापन कैसे होगा, यह कह पाना कठिन सा है, फिर भी समस्या का सविस्तार उल्लेख जनहितार्थ किया जा रहा है। यदि सभासद, अवर अभियन्ता, ईओ, चेयरमैन प्रतिनिधि और ठेकेदार इस समस्या की थोड़ा भी ध्यान दे दें वार्ड वासी समस्या मुक्त होकर चयन की नींद सो पायेंगे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो संकट से जूझ रहे लोग स्वहित को सर्वोच्च रखते हुए आपस में ही मार-काट, बलबा-फौजदारी जैसी आपराधिक घटनाओं को जन्म देंगे। दंगा-फसाद जैसी अप्रिय घटनाओं में लोगों की जान भी जा सकती है..................इस सबकी जिम्मेदारी किसकी होगी.............जाहिर सी बात है नगर पालिका परिषद अकबरपुर के धनलोलुप, कमीशनखोर और हैंकड़, मदान्ध, अदूरदर्शी, गैर जिम्मेदार ओहदेदारों की। बहरहाल! अन्यथा की स्थिति में अकबरपुर नपाप के वार्ड नम्बर 11 उसरहवा की समस्या के समाधान हेतु जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार के हस्तक्षेप की नितान्त आवश्यकता है। 



Browse By Tags



Other News