बिहार के मरीजों के लिए पटना से दिल्ली तक ट्रेन एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध
| Rainbow News - Jul 9 2019 4:16PM

बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए अब मरीजों को अब एयर एंबुलेंस की तरह ट्रेन एंबुलेंस सुविधा भी मुहैया करा दी है। अभी पटना से नई दिल्ली के बीच यह सुविधा शुरू की गई है। ट्रेन एंबुलेंस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस होती है। जो मरीज ट्रेन एंबुलेंस से दिल्ली जाएंगे, उन्हें दिल्ली जंक्शन से अस्पताल तक पहुंचाने की सुविधा भी एजेंसी मुहैया कराएगी। पटना से यह सुविधा एयर एंबुलेंस सेवा देने वाली लाइफ लाइन एयर एंड ट्रेन एंबुलेंस एजेंसी ने शुरू की है। सीट और सपोर्ट सिस्टम लगाने के लिए रेलवे की मदद ली जाती है।

एजेंसी के निदेशक शिवेक कुमार सिंह ने बताया कि राजधानी एक्सप्रेस के एसी-2 कोच की चार सीटों का इस्तेमाल ट्रेन एंबुलेंस के रूप में किया जाता है। इसमें एक डॉक्टर, एक नर्सिंग स्टाफ, मरीज और उसके परिजन रहते हैं। राजधानी एक्सप्रेस में बर्थ नहीं मिल पाने की स्थिति में संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में यह सुविधा दी जाती है। पटना से ट्रेन एंबुलेंस की शुरुआत हाल ही में हुई है। अभी तक 100 से अधिक मरीजों को नई दिल्ली के अस्पतालों में पहुंचाया जा चुका है।

पटना के अस्पताल से निकालने से लेकर नई दिल्ली के अस्पताल तक पहुंचाने में औसत 14 घंटे से 15 घंटे लगते हैं। ट्रेन एंबुलेंस से मरीज को पटना से दिल्ली ले जाने का किराया 50 से 70 हजार रुपये के बीच रखा गया है। मरीज की हालत और उपकरणों की जरूरत के हिसाब से यह तय होता है। इसके लिए कई कागजात की जरूरत पड़ती है। इसमें मरीज के चल रहे इलाज की केस हिस्ट्री, आईडी प्रूफ आदि शामिल हैं।

ये सुविधाएं मिल रही हैं।

1- डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ, वेंटिलेटर, सी-पैप, वाई-पैप, इन्फ्यूजन, मॉनिटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, सेक्शन मशीन आदि। 

2- एयर एंबुलेंस से लगता है चार घंटे का समय। 3- एयर एंबुलेंस से पटना से दिल्ली के अस्पताल में पहुंचने में साढ़े तीन से चार घंटे का समय लगता है। निदेशक ने बताया कि इसका किराया 4 लाख 80 हजार से लेकर 5 लाख 20 हजार रुपये तक होता है। 

4- ट्रेन रुकी तो रोड एंबुलेंस की सेवा कोहरे अथवा किसी अन्य घटना के कारण अगर यह ट्रेन नई दिल्ली के आसपास 40 किमी के क्षेत्र में घंटों रुक जाए तो रोड एंबुलेंस की मदद ली जाती है। यह सब दूरी और मरीज की स्थिति के अनुसार तय किया जाता, यदि ट्रेन गाजियाबाद और इसके आसपास के आठ से 10 किमी तक की दूरी पर हो तो वहां से भी मरीज को अस्पताल तक पहुंचाया जाता है।

5- ट्रेन रुकी तो रोड एंबुलेंस की सेवा कोहरे अथवा किसी अन्य घटना के कारण अगर यह ट्रेन नई दिल्ली के आसपास 40 किमी के क्षेत्र में घंटों रुक जाए तो रोड एंबुलेंस की मदद ली जाती है। यह सब दूरी और मरीज की स्थिति के अनुसार तय किया जाता। यदि ट्रेन गाजियाबाद अथवा इसके आसपास के आठ से 10 किलोमीटर तक की दूरी पर हो तो वहां से भी मरीज को अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। 

6- सुविधा  वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ संपूर्ण क्रांति और राजधानी एक्सप्रेस में है अलग व्यवस्था  एक डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और दो परिजन जाते हैं साथ में । 

7- एयर एंबुलेंस से पटना से दिल्ली के अस्पताल में पहुंचने में साढ़े तीन से चार घंटे का समय लगता है। निदेशक ने बताया कि इसका किराया 4 लाख 80 हजार से लेकर 5 लाख 20 हजार रुपये तक होता है। 



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