अकबरपुर: सफाई कर्मियों की लापरवाही से नरक बना उसरहवा
| Rainbow News Network - Jul 9 2019 5:21PM

अम्बेडकरनगर। नगर पालिका क्षेत्र अकबरपुर के सभी 25 वार्डों में इधर-उधर फैले कूड़े कचरे के ढेर, बजबजाती नालियाँ और जल-जमाव को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि यह शहर नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित होता है और उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण जनपद अम्बेडकरनगर का मुख्यालयी शहर है। यह स्थिति उस समय और भी भयावह हो जाती है जब वरूण देव की कृपा से हल्की सी भी बरसात हो जाए। बारिश के दिनों में उसरहवा का आधा हिस्सा जलमग्न हो जाता है।

हालांकि नगर पालिका द्वारा दावा किया गया है कि अकबरपुर नपाप सीमा में आने वाले सभी वार्डों की सफाई के लिए कुल 307 सफाई कर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 32 स्थाई, 52 संविदा और 223 ठेके पर काम करने वाले सफाई कर्मी हैं। पूरे शहर का अवलोकन करने पर अकबरपुर, शहजादपुर उपनगरों के गलियों मोहल्लों में व्याप्त गन्दगी, बदबूदार माहौल से नारकीय स्थिति का सहज ही अन्दाजा लगाया जा सकता है। 

उसरहवा में स्थिति बद से बदतर

सबसे खराब स्थिति वार्ड नम्बर 11 उसरहवा की है। जिसकी वजह यहाँ तैनात सफाईकर्मियों की लापरवाही, मनमानापन और उनकी स्वच्छन्दता बताई जा रही है। अकबरपुर (नपाप) के वार्ड नम्बर 11 उसरहवा में तैनात किए गए सफाई कर्मियों के मनमानेपन और लापरवाही से पूरा वार्ड बदबूदार एवं गन्दा होकर रह गया है। ‘उसरहवा’ मलिन बस्ती और कॉलोनी में गन्दगी का साम्राज्य इस कदर व्याप्त है कि गली में से गुजरना दिक्कत तलब हो गया है। फैले बदबू से लोग नाक पर रूमाल रखकर अपने घरों से आते-जाते हैं। बाहरी लोग जिन्हें नहीं मालूम वे तो अजीब सी मुसीबत में फंस जाते हैं। 

क्या कहते हैं सफाई नायक सुरेश कुमार-

सफाई नायक सुरेश कुमार से जब वार्ड नम्बर 11 उसरहवा की चौपट हुई सफाई व्यवस्था के बारे मे बात किया गया तो उन्होंने कहा कि इस वार्ड में एक स्थाई व 3 ठेका सफाई कर्मी तैनात हैं। एक दशक से ऊपर की अवधि बीत जाने पर ये सभी कर्मी मनबढ़ और लापरवाह हो गए हैं, और अपने सीनियर्स की बातों की अनदेखी करते हैं। 

सुरेश कुमार के अनुसार राम बहाल (नपाप का स्थाई), राम सूरत, अली अहमद और दीपचन्द्र तीनों ठेका कर्मचारी दस सालों से एक छोटे से वार्ड उसरहवा में तैनात रहकर स्वच्छन्द से हो गए हैं। ये लोग सभासद, ठेकेदार और नपाप के जिम्मेदार ओहदेदारों के चहेते भी हैं। इनका वार्ड की गन्दगी व लोगों के स्वास्थ्य से कोई सरोकार नहीं है। सफाई नायक ने यह भी कहा कि जब तक दस सालों से अधिक अवधि से जमे इन सफाई कर्मियों के क्षेत्रों में परिवर्तन नहीं किया जाएग, पूरे नगर की स्थिति नारकीय बनी रहेगी।

सफाई नायक सुरेश कुमार ने कहा कि उसरहवा में जलजमाव का मुख्य कारण मेन गली का काफी ऊँचा होना और पानी के समुचित निकास के लिए नालियों की व्यवस्था न होना है। यह नगर पालिका प्रशासन की जिम्मेदारी है न कि सफाईकर्मी की। सफाईकर्मी निर्माण नहीं करते वह तो वार्ड के गली-मोहल्ले में गन्दगी व चोक हुई नालियाँ ही साफ कर सकते हैं। 



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