अकबरपुर में उपभोक्ता इनकी वजह से झेल रहे हैं बिजली किल्लत....
| Rainbow News - Jul 11 2019 4:36PM

आखिर कब मिलेगी राधेश्याम, आशाराम, दानबहादुर के शटडाउन से निजात

अम्बेडकरनगर। देहाती कहावत है कि ‘‘चाल करै झिंगवाँ, मारा जाय रोहू।’’ यह कहावत वर्तमान में अकबरपुर विद्युत विभाग में चरितार्थ हो रही है। विद्युत वितरण खण्ड अकबरपुर में इस समय तैनात सभी अभियन्ता/अधिकारी युवा, सुशिक्षित एवं कर्मठ होने के साथ-साथ दूरदर्शी हैं फिर भी अकबरपुर उपकेन्द्र से सम्बद्ध क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रायः बाधित रहती है। इसका कारण इन क्षेत्रों में विद्युत बाधा दूर करने के लिए फाल्ट्स को ट्रेस करने और त्वरित ढंग से ठीक करने वाला लाइन स्टाफ बड़ा लापरवाह और गैर जिम्मेदार है। 

स्थाई लाइनमैन, उम्रदराज हैं और खाने-पीने के शौकीन हैं। इन सब ने हेल्पर के रूप में युवा संविदा/ठेका लाइनमैनों को साथ रखा हुआ है। विभागीय लाइनमैन अपने नाम पर फाल्ट्स दूर करने का बहाना बनाकर विद्युत उपकेन्द्र अकबरपुर पर तैनात एस.एस.ओ. ऑन ड्यूटी से शटडाउन लेते हैं। लाइन फाल्ट्स मिलने और उसके ठीक होने में काफी समय लेने की वजह से जब क्षेत्रवासी बिजली बगैर परेशान हो जाता है तब वह अधिशाषी अभियन्ता, एस.डी.ओ. और अवर अभियन्ता तथा उपकेन्द्र पर तैनात एस.एस.ओ. ऑन ड्यूटी से उलझ जाता है। 

इस समय अकबरपुर विद्युत उपकेन्द्र में सर्वश्री राधेश्याम, आशाराम व दानबहादुर आदि पुराने लाइन मैकेनिकों के नाम पर लिए गए शटडाउनों की काफी चर्चा है। ये पुराने विभागीय लाइनमैन लाइन फॉल्ट्स को ट्रेस कर दुरूस्त करने में कई-कई घण्टों का समय लगा देते हैं और हजारों लोगों को विद्युत विहीन कर उन्हें सांसत में डाला करते हैं। सप्लाई ठप होने की स्थिति में प्रतीक्षा करने वाले उपभोक्ता काफी देर तक बिजली का इंतजार करते हुए थक-हार जाते हैं तब यदि उपकेन्द्र अकबरपुर के एस.एस.ओ. ऑन ड्यूटी का फोन मिल जाता है सप्लाई ठप्प होने का कारण पूछने पर प्रायः यह कहा जाता है कि फलां लाइनमैन ने शटडाउन लिया है जब लाइन दुरूस्त हो जाएगी और वह कहेंगे तो बिजली मिलेगी। 

अकबरपुर के एल.आई.सी. फीडर, कम्पोजिट मेन, पटेलनगर, साउथ वेस्ट फीडर में प्रायः विद्युत अनापूर्ति की स्थिति बनी रहती है। कहा जाता है कि लाइन फाल्ट को ठीक करने के लिए क्षेत्र के लाइनमैन द्वारा शटडाउन लिया गया है। अकबरपुर के एल.आई.सी. फीडर क्षेत्र में हमेशा विद्युत बाधित रहती है। इस बावत एस.एस.ओ. ऑन ड्यूटी स्पष्ट का कहना होता है कि राधेश्याम, आशाराम, दानबहादुर आदि लाइनमैन ने शट डाउन लिया हुआ है। जब वापस करेंगे तब बिजली बहाल होगी। एल.आई.सी. फीडर से सम्बद्ध अकबरपुर के लोग साल के बारहो महीने इन स्थाई विभागीय लाइनमैनों के शटडाउन की वजह से घोर विद्युत संकट का सामना करते हैं।  

राधेश्याम, आशाराम, दानबहादुर आदि पुराने लाइमैनों के बारे में एक दशक पूर्व एक अधिशाषी अभियन्ता ने स्पष्ट कहा था कि क्या करें, बिजली विभाग में नई भर्ती नहीं हो रही है यही मजबूरी है वरना वह खुद भी चाहते हैं कि इन सभी लद्धड़ों को विद्युत उपकेन्द्र अकबरपुर पर बैठाकर अन्य विभागीय कार्य करवाया जाए। नए लाइनमैन जो स्मार्ट, तेज-तर्रार और कम चालाक, खाने-पीने की आदत से दूर होते हैं उन्हीं को लाइन फाल्ट्स ठीक करने का जिम्मा दिया जाए। अब जबकि वह वरिष्ठ अभियन्ता यहाँ नहीं हैं तब राधेश्याम, आशाराम, दानबहादुर आदि पुराने लाइनमैनों की गैर जिम्मेदाराना हरकतें और उक्त अभियन्ता की बातें याद आने लगी हैं। 

इस समय अकबरपुर की विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से चले इसके लिए यहाँ तैनात अधिशाषी अभियन्ता विनय कुमार पटेल, उप खण्ड अधिकारी (विद्युत) उपेन्द्र कुमार पटेल और अवर अभियन्ता नगर रमेश कुमार मौर्य (तीनों युवा विद्युत अभियन्ता) हर सम्भव प्रयास कर रहे हैं। जो भी संसाधन अकबरपुर विद्युत विभाग के स्टोर में उपलब्ध है उसी से यान्त्रिक विद्युत त्रुटिया दूर करने का प्रयास करते हैं ताकि विद्युत संकट झेल रहे उपभोक्ताओं की समस्या तात्कालिक रूप से कुछ हद तक दूर की जा सके। जो संसाधन यहाँ नहीं उपलब्ध हैं उसके लिए बिजली विभाग के उच्च ओहदेदारों को अवगत कराते हुए विभागीय लिखा-पढ़ी करते रहते हैं। 

विद्युत उपभोक्ताओं की परेशानियों के बावत सकारात्मक सोचने वाले इन तीनों युवा अभियन्ताओं की सारी मेहतन पर यहाँ के पुराने लाइनमैन पानी फेर रहे हैं। यदि इन सभी कथित लद्धड़, दारूबाज, मुर्गा-बिरयानी उदरस्थ करने वाले पेटू किस्म के पुराने लाइनमैकेनिकों के स्थान पर युवा व नए लाइनमैकेनिकों की तैनाती न की गई तो राधेश्याम, आशाराम, दानबहादुर एवं अन्य पुराने लाइनमैन अकबरपुर/शहजादपुर में अपनी गतिविधियों से नगरजनों और बिजली विभाग के जिम्मेदार उच्च पदस्थ अभियन्ता/अधिकारियों के बीच तिरसठ के बजाए छत्तीस का सम्बन्ध बनाते रहेंगे।

इन्हें दारूबाज व पेटू तथा लद्धड़ इस लिए कहा जाता है क्योंकि पुराने लाइनमैन लाइन फाल्ट्स ठीक करने की अवधि में खाने-पीने की शगल के चलते वे ये भूल जाते हैं कि उनकी इस आदत से विलम्ब हो रहा है और हजारों लोग विद्युत विहीन होकर रह गये हैं। रेनबोन्यूज ने जो देखा, सुना, पाया...........लिखा। ना काहू से दोस्ती न काहू से बैर...........फिलहाल इस समय उक्त तीनों लाइनमैनों द्वारा लिया जाने वाला शटडाउन काफी पीड़ा पहुँचा रहा है। एस.एस.ओ. ऑन ड्यूटी उपभोक्ताओं को इन्हीं लाइनमैनों का नाम लेकर एक सा जवाब चौबीसो घण्टा देते रहते हैं। आखिर कब मिलेगी राधेश्याम, आशाराम, दानबहादुर और अन्य सभी पुराने विभागीय लाइनमैनों के शटडाउन से उपभोक्ताओं को निजात..........? 



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