अपने निष्कासन पर क्या बोले अच्छन खाँ
| Rainbow News - Jul 23 2019 4:05PM

अम्बेडकरनगर। जिला कांग्रेस सेवादल के पूर्व जिला अध्यक्ष अच्छन खाँ ने उत्तर प्रदेश अनुशासन समित द्वारा पार्टी से निष्कासन की प्रक्रिया को खिसियानी बिल्ली खंभा नोचने जैसी कहावत चरितार्थ होती है बताया। 2019 के लोकसभा चुनाव मे कांग्रेस पार्टी का नामांकन जिले जिम्मेदार नेताओं द्वारा 5 करोड़ रुपया संप्रदायिक शक्तियों  से लेकर पर्चा खारिज करवा दिया। समय रहते कांग्रेस सेवा दल के तथा कांग्रेस के वफादार कार्यकर्ता ने धर्मनिरपेक्ष दल के प्रत्याशी का समर्थन करके संप्रदायिक शक्तियों को मुंह तोड़ जवाब दिया था, नहीं तो यहां का भी चुनाव संप्रदायिक शक्ति जीत जाती।

जिसकी शिकायत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राहुल गांधी और अनुशासन समिति के समक्ष रखा था। अनुशासन समिति के सदस्यों में दोषी नेताओं को बचाते हुए 15 जुलाई 2019 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब 18 जुलाई 2019 को डाक द्वारा तथा व्हाट्सएप द्वारा दे दिया गया था। इसके बावजूद अनुशासन समिति नामांकन प्रक्रिया में दोषी नेताओं को बचाते हुए 6 साल के लिए निष्कासित करने का फरमान जारी कर दिया, यह सरासर गलत तथा पार्टी लोकतंत्र की हत्या है।

जबकि कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी के समर्थन में महीना पहले ही पद से त्यागपत्र दे दिया है और 10 साल से मैं कांग्रेस पार्टी का सदस्य नहीं हूं। केवल एक सेवा दल का कार्यकर्ता हूं। सेवा दल का कार्यकर्ता प्रतिज्ञाबद्ध होता है कि अजीवन निस्वार्थ पार्टी की सेवा करता रहूंगा ना किसी प्रकार का चुनाव लड़ूंगा। अनुशासन समिति के अनुभवहीन सदस्यों का इस बात का ज्ञान होता तो ऐसा काम वो ना करते मेरे बूंद बूंद खून में कांग्रेस बसी हुई है।

कांग्रेस पार्टी किसी के पिता की जागीर नहीं है। यह एक विचारधारा है हमें श्रीमती सोनिया गांधी, श्री राहुल गांधी, बहन प्रियंका गांधी से मोहब्बत है। मैं कांग्रेस छोड़ने वाला नहीं हूं, बल्कि और मजबूती से पार्टी को कमजोर करने वाले दलालो और पार्टी को बेचने वालों के विरुद्ध मेरा संघर्ष जारी रहेगा। अनुशासन समिति द्वारा लिया गया अनुचित फ़ैसले के विरुद्ध शीघ्र हाईकमान को अवगत कराया जाएगा। नामांकन प्रक्रिया में दोषी लोगों के विरुद्ध लखनऊ तथा दिल्ली में धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा।



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