अम्बेडकरनगर के ए.आर.टी.ओ. के.एन. सिंह किए गए सम्मानित
| Rainbow News - Jul 25 2019 4:39PM

सम्मान समारोह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एल.वेंकटेश्वर लू से प्रशस्ति-पत्र प्राप्त करते ए.आर.टी.ओ.

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन को मानते हैं अपना मूल-मंत्र

अगस्त 2017 से अद्यतन मीडिया में अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहने वाले सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कैलाश नाथ सिंह को अब तक अनेकों प्रशस्ति-पत्र मिले हैं। विभागीय राजस्व में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी करने वाले ए.आर.टी.ओ. को जहाँ परिवहन निदेशालय व क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा अनेकों बार प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया वहीं बीते लोकसभा चुनाव 2019 की समाप्ति उपरान्त अम्बेडकरनगर के निवर्तमान जिलाधिकारी सुरेश कुमार द्वारा यातायात व्यवस्था में अप्रतिम योगदान देने के लिए के.एन. सिंह को व्यक्तिगत रूप से प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जा चुका है। 

दो वर्षो से लगातार जिले के हर आम खास में चर्चा का विषय बने रहने वाले के.एन. सिंह को उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेश्वर लू (आई.ए.एस.) द्वारा सम्मानित किया गया। गुरूवार 25 जुलाई 2019 को राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय (अवध विश्व विद्यालय) अयोध्या के संतकबीर सभागार में आयोजित एक सम्मान समारोह में मण्डलायुक्त फैजाबाद मनोज कुमार मिश्र व जिलाधिकारी अम्बेडकरनगर राकेश कुमार मिश्र की उपस्थिति में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एल. वेंकटेश्वर लू (आई.ए.एस., मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश) द्वारा प्रशस्ति-पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया गया। 

कतिपय मीडिया परसन्स द्वारा उबाऊ, बोरिंग और अंगद का पाँव जैसे विशेषणों से अलंकृत किए जाने वाले ए.आर.टी.ओ. के.एन. सिंह की सेहत पर कोई फर्क नहीं दिख रहा। अपितु वह दिन-प्रतिदिन नये उत्साह के साथ अपने विभागीय दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। दो वर्ष की अवधि को ए.आर.टी.ओ. ने अम्बेडकरनगर में बगैर किसी चिन्ता/फिकर के अपनी स्टाइल में कार्य करके बिता दिया है, और ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अगला एक वर्ष जिसमें वह दीर्घकालीन विभागीय सेवा उपरान्त सेवानिवृत्त होंगे, को भी कुछ इस कदर बितायेंगे जो एक कीर्तिमान ही कहलायेगा। 

यहाँ बताना आवश्यक है कि वर्ष 2017 के अगस्त माह से अपनी तैनाती के बाद ए.आर.टी.ओ. कैलाश नाथ सिंह ने जिले की सभी सड़कों पर सदल-बल चेकिंग अभियान चलाकर डग्गामार वाहनों के संचालन पर नियंत्रण लगाया। बगैर परमिट वाहनों व उपयुक्त डी.एल. के अभाव में अभियान के तहत शमन शुल्क वसूला। विभागीय कार्यालय में पूर्व से चल रहे दलाली प्रथा को समाप्त करने का भी प्रयास किया। ऑटो वाहन परिचालन, नियम-नियमावली से आम-खास को जागरूक करने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया। हेलमेट, सीटबेल्ट एवं स्कूली वाहनों की फिटनेस के साथ-साथ सभी नये, पुराने वाहनों के स्वामियों को पंजीयन शुल्क ससमय जमा करने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ व्यवसायिक तरीके से उन पर दबाव बनाया, यह क्रम अब भी जारी है। 

ई-रिक्शा, टैम्पो, मैजिक, मोटर साइकिल, लग्जरी वाहन व भारी वाहनों (यात्री एवं भाड़ा वाहन) के स्वामियों और चालकों में चर्चित ए.आर.टी.ओ. के.एन. सिंह जनपद गठन के बीते 23 सालों में पहले ऐसे परिवहन अधिकारी हैं जिन्होंने अपनी कार्यशैली से एक अलग पहचान बना लिया है। कभी-कभार जब इस अधिकारी से बात की गई तब इनके मुँह से मीडिया के प्रति कुछ भी ऐसा शब्द नहीं निकला जिसे नकारात्मक कहा जाये। कुछ ज्यादा बात करने पर इनका कहना होता है कि मीडिया में जो भी कुछ प्रकाशित व प्रसारित हो रहा है वह उनका मार्गदर्शन ही करता है, क्योंकि आदमी जन्म से लेकर मृत्यु तक सीखता ही रहता है, कभी भी पूर्ण नहीं होता.........यह उनका सौभाग्य है कि एक अच्छे मार्गदर्शक के रूप में कतिपय मीडिया परसन्स उन्हें सुर्खियों में रखते हैं। 

बीते दिनों यह चर्चा जोरों पर थी कि ए.आर.टी.ओ. के.एन. सिंह को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी व जिला निर्वाचिन अधिकारी/जिलाधिकारी अम्बेडकरनगर द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया है तो हमने कैलाश नाथ सिंह से दूरभाषीय वार्ता किया। उन्हें बधाई एवं शुभकामना जैसी औपचारिकता दिए जाने पर वह कुछ यूँ बोले.............आदमी अपने कर्मों का फल पाता है, मैं तो जिला स्तरीय एक सरकारी संगठन/महकमा का प्रभारी हूँ और द्वापर युग में महाभारत के दौरान धर्नुधर अर्जुन को कुरूक्षेत्र के रणभूमि में गीता का ज्ञान देने वाले योगिराज भगवान श्री कृष्ण द्वारा कहे गये सूत्र वाक्य- ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ में शत-प्रतिशत विश्वास रखता हूँ। कुछ न कुछ बात तो होगी ही....जिसके परिणाम स्वरूप सरकार में बैठे उच्च पदस्थ अधिकारियों द्वारा मुझे प्रशंसित किया जा रहा है।  



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