ट्रिपल तलाक : गुलाम नबी आजाद ने सरकार पर लगाया धोखा देने का आरोप
| Agency - Jul 31 2019 2:49PM

ट्रिपल तलाक़ बिल के राज्यसभा में पास होने के बाद विपक्ष के कई सांसदों के सदन से गैरहाजिर रहने को लेकर खूब चर्चा है। बिल का विरोध करने वाले कई दलों का सदन में वोटिंग नहीं करना सरकार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस, टीएमसी और एनसीपी ने बिल के खिलाफ़ वोटिंग की, लेकिन उनके सांसदों का सदन से गैर हाजिर रहना विपक्षी दलों की रणनैतिक चूक को ज़ाहिर करता है।कांग्रेस ने सरकार के सिर फोड़ा ठीकरासबसे पहले बात कांग्रेस की करें तो उसके 4 सांसद प्रताप सिंह बाजवा, रंजीत बिस्वाल, विवेक तनखा और मुकुट मिथि नदारद थे। प्रताप सिंह बाजवा बैंगलोर में जिंदल नेचुरोपैथी में इलाज करा रहे हैं। मुकुट मिथि अरुणाचल प्रदेश में थे और उनका वोटिंग के वक़्त तक आना नामुमकिन था।

बिवेक तन्खा को उम्मीद थी बुधवार को बिल आएगा इसलिए सूचना देकर वो छत्तीसगढ़ गए थे। रंजीत बिसवाल की तबियत ठीक नही होने के चलते आना मुमकिन नही था। हालांकि विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आजाद ने साफ किया कि, सरकार ने जानबूझकर देर रात अगले ही दिन बिल लाने की जानकारी दी। इसलिए इस मामले को राज्यसभा में उठाया, उनका समर्थन टीएमसी एमपी डेरेक ओबेरोन ने भी किया। ट्रिपल तलाक़ बिल के राज्यसभा में पास होने के बाद विपक्ष के कई सांसदों के सदन से गैरहाजिर रहने को लेकर खूब चर्चा है। बिल का विरोध करने वाले कई दलों का सदन में वोटिंग नहीं करना सरकार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

वहीं कांग्रेस, टीएमसी और एनसीपी ने बिल के खिलाफ़ वोटिंग की, लेकिन उनके सांसदों का सदन से गैर हाजिर रहना विपक्षी दलों की रणनैतिक चूक को ज़ाहिर करता है।एनसीपी की मजबूरी या सियासी दांवबात एनसीपी की करें तो खासी दिलचस्प है। खुद एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और उनके करीबी प्रफुल्ल पटेल ही नदारद थे। वजह भले ही आखिरी मौके पर सरकार का बिल लाना बताया जा रहा हो, लेकिन पवार पॉलिटिक्स को विपक्ष के लिए झटका ही माना जा रहा है। सबसे दिलचस्प है टीएमसी सांसद केडी सिंह का। केडी सिंह एक मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे हैं। टीएमसी के अकेले वही सांसद रहे जो सदन में नहीं थे।

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने सांसद महोदय को पूछताछ के लिए आने का नोटिस दिया तो महोदय ने संसद सत्र चलने का हवाला देकर मोहलत मांग ली। लेकिन संसद में जब अहम ट्रिपल तलाक़ बिल आया और टीएमसी ने उसके विरोध में राज्यसभा में वोटिंग भी की। लेकिन सांसद केडी सिंह गैरहाजिर रहे। टीएमसी सूत्रों के मुताबिक, केडी सिंह ने पार्टी को जानकारी दी कि, उनका पेट खराब हो गया है। अब केडी सिंह का ये रुख खुद टीएमसी भी नहीं पचा पा रही है। लेकिन एक्शन लेने के सवाल पर वो खामोश है।

व्यक्तिगत वजहों से दिल्ली से बाहर उनके सांसद सदन में नहीं आ पाए, इसलिए उन पर हम कोई एक्शन नहीं लेने जा रहे। दरअसल, ट्रिपल तलाक बिल जिस दिन राज्यसभा में आया, उसी दिन गांधी परिवार के करीबी और अमेठी राजघराने के सांसद संजय सिंह ने पार्टी के साथ ही राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। जिसके चलते वोटिंग के दौरान चार सांसदों की गैरमौजूदगी ने अफवाहों के बाजार को गर्म कर दिया था।



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