कब तक होगा उसरहवा की विकट समस्या का समाधान
| Rainbow News - Aug 3 2019 1:35PM

अम्बेडकरनगर। अकबरपुर नगर पालिका के वार्ड 11 मलिन बस्ती उसरहवा में जून महीने के अन्तिम दिनों से अब तक होने वाली बारिश से जलजमाव की स्थिति उत्पन्न है। इस बस्ती में एकत्र पानी में बहता व सड़ता कूड़े का ढेर संचारी बीमारियों को फैलाने लगा है। सड़ान्ध, बदबूदार माहौल में रहने वाले नागरिक विवश होकर कीचड़ व जलप्लावित गलियों से आवागमन कर रहे हैं। उसरहवा मलिन बस्ती का उत्तरी भाग हल्की बारिश में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने की वजह से जलमग्न हो जाता है। 2017 से वार्ड 11 की इस अहम समस्या के बावत ई.ओ. नपाप को अवगत कराया जाता रहा है परन्तु सुरेश कुमार मौर्य की टरकाऊ नीति से मात्र आश्वासन ही मिलता आया है। 

2017-18 में वार्ड 11 उसरहवा मलिन बस्ती की मुख्य गली को उसकी सामान्य ऊँचाई से 2 से 4 फुट तक मिट्टी पटवाकर ब्रिक सोलिंग करा दी गई और इसके दोनों तरफ पानी की निकासी के लिए नालियाँ न बनवाकर उत्तर तरफ एक पुरानी नाली में कहीं-कहीं ईंट रखवाकर उसका जीर्णोद्धार करा दिया गया। मलिन बस्ती के दक्षिण तरफ की आबादी की ढलान इस मुख्य गली के उत्तर उसरहवा कॉलोनी तरफ कर दिया गया। साथ ही पूरी गली की लम्बाई के बीच-बीच में क्रास नालियों का निर्माण करा कर उनपर पटिया रखवा दी गई। अभियन्ता, पर्यवेक्षक, ठेकेदार के मनमाने ढंग से कराये गए निर्माण से उत्पन्न विकट स्थिति इस वार्ड के नागरिकों के लिए अभिशाप साबित हो रही है। 

बीते जून माह से होने वाली बरसात में उसरहवा कॉलोनी और मलिन बस्ती में भयंकर जल भराव हो गया, इसकी सूचना ई.ओ. सुरेश कुमार मौर्य को देते हुए जब भी उनसे समस्या निराकरण के बावत कहा गया तब-तब वे देखा जाएगा, दिखवाते हैं, देखते हैं आदि कह कर अपने दायित्वों की इतिश्री करते चले आ रहे हैं। यही नहीं विगत डेढ़ माह से नपा अकबरपुर के अवर अभियन्ता घनश्याम मौर्य और निर्माण पर्यवेक्षक सुरेश कुमार जैसे जिम्मेदार ओहदेदारों ने इस समस्या को गम्भीरता से नहीं लिया। इन लोगों ने मौके पर जाकर वार्ड के नागरिकों से मिलकर उनकी समस्या जानना और उसका समाधान करना भी उचित नहीं समझा। 

बीते माह वार्ड 11 उसरहवा मलिन बस्ती जलमग्न हो गई तब इस स्थिति से निजात दिलाने के सम्बन्ध में वार्ड के प्रतिनिधि के रूप में रेनबोन्यूज ने अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य से बात किया तो उन्होंने कहा कि रूकिए  बरसात बाद समस्या के स्थाई समाधान का रास्ता ढूंढते हैं। इसी बीच पशु आश्रय केन्द्र मिर्जापुर का जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने औचक निरीक्षण किया जिसमें व्यापक अनियमितताएँ पाई गईं। खबरों के अनुसार जिलाधिकारी ने इसके लिए जिम्मेदार ई.ओ. नपाप अकबरपुर सुरेश कुमार मौर्य का एक माह का वेतन रोकते हुए उनके खिलाफ वांछित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। 

जिलाधिकारी के इस आदेश का असर यह रहा कि सुरेश कुमार मौर्य पिछले एक माह से डिस्टर्ब से होकर रह गये हैं। नगर पालिका सूत्रों के अनुसार जिलाधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई और नगरीय समस्याओं से जूझते नागरिकों के आक्रोश व विरोध का सामना न कर पाने का साहस रखने वाले ई.ओ. मौर्य अब यहाँ से अपनी रूख्सती चाहते हैं जिसके लिए वह सत्ता पक्षीय लोगों व सत्ता के गलियारे में पहुँच रखने वालों से नियमित सम्पर्क कर रहे हैं। इनसे नपा कार्यालय स्थिति इनके चैम्बर में मुलाकात करने के इच्छुक लोग इस समय प्रायः मायूस होकर लौटते देखे जा सकते हैं। इनके लोकेशन के बारे में पूछे जाने पर नपा कर्मचारियों द्वारा अनभिज्ञता प्रकट की जाती है। इनके करीबी मुलाजिम भी बताते हैं कि ई.ओ. मीटिंग में लखनऊ गए हुए हैं। यह तो रही अकबरपुर नपाप के ई.ओ. की बात।

यह संयोग था कि शनिवार 3 अगस्त 2019 को फोन लाइन पर नपा अकबरपुर के अवर अभियन्ता घनश्याम मौर्य से बात करने का अवसर मिला। उनको वार्ड नम्बर 11 उसरहवा मलिन बस्ती में जलभराव, जलजमाव जैसी विकट समस्या से अवगत कराया गया तो उन्होंने कहा एक हफ्ते में वह मौका-मुआयना करेंगे, तब देखेंगे कि समस्या निराकरण के लिए क्या किया जा सकता है। उनको दिए गए सुझाव पर अमल करने सम्बन्धी बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक हफ्ते रूकिए, पहले मौका-मुआयना कर लूँ तब सुझाव पर अमल किया जाए या नहीं सोच, समझ व मंत्रणा करके बताऊँगा। अब उसरहवा में रहने वाले नागरिक इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि उनकी इस विकट समस्या का समाधान कब तक होगा.........?

....तो बच जाएगी वार्ड नम्बर 11 उसरहवा मलिन बस्ती 

अकबरपुर के वार्ड नम्बर 11 उसरहवा मलिन बस्ती/कॉलोनी में बारिश के पानी का जलभराव/ जल जमाव, नागरिकों के घरों से निकलने वाले गन्दे पानी का अवरोध, यत्र-तत्र-सर्वत्र फैली गन्दगी व चोक हुई नालियाँ, सड़ान्ध युक्त वातावरण, रोग फैलाते विषाणु, जीवाणु, कीटाणु की बढ़ती आबादी की समस्या के समाधान हेतु हम यहाँ कुछ सुझाव दे रहे हैं। यदि नपाप अकबरपुर का प्रशासन उन पर अमल करे तो उसरहवा मलिन बस्ती नम्बर वन में उत्पन्न जानलेवा समस्या की स्थिति से यहाँ के वासिन्दों को निजात मिल सकती है। 

इस सुझाव पर अमल करने से न जल जमाव होगा, न कूडा-कचरा इधर-उधर फैलेगा, लोगों के घरों के गन्दे पानी की समुचित निकासी के साथ-साथ बरसात का पानी भी आसानी से गहरी नालियों से होता हुआ मुख्य नाले के जरिए तमसा में चला जाएगा। यदि ऐसा हुआ तब वार्ड नम्बर 11 उसरहवा के वासिन्दे अपनी इन समस्याओं को लेकर आवाजें भी बुलन्द नहीं करेंगे। 

मुख्य सुझाव- 

1- वार्ड नम्बर 11 उसरहवा मलिन बस्ती में मुख्य सड़क मार्ग से होकर गुजरने वाली चौड़ी गली (सड़क) के दोनों तरफ गहरी और चौड़ी नालियों का निर्माण कराया जाए। इस चौड़ी गली (सड़क) में एक ही संकरी नाली है जो कम चौड़ी और छिछली गहराई वाली है। यह मुख्य कारण है कि पूरी बस्ती में बारहो महीने जलजमाव की स्थिति बनी रहती है, जिससे सड़ान्ध व संचारी रोग फैलने का माहौल बना रहता है। 

2- अकबरपुर-टाण्डा मुख्य सड़क मार्ग से वार्ड नम्बर 11 उसरहवा मलिन बस्ती की मुख्य गली के अन्तिम छोर इल्तिफातगंज रोड स्थित प्रवीण बाल शिक्षा निकेतन के निकट सड़क के नीचे से गुजरने वाले भठे नाले की खुदाई व सफाई जे.सी.बी. से करवाई जाए। ऐसा करने से वार्ड नम्बर 11 का पूरा जल नाले के माध्यम से तमसा नदी में आसानी से चला जाएगा। 

3- मुख्य सड़क मार्ग (अकबरपुर-टाण्डा रोड) पर स्थित शिव मन्दिर से होकर पानी की निकासी के लिए मोड़ी गई नाली को वार्ड नम्बर 11 उसरहवा की छिछली नाली में मोड़ने के बजाए सीधा मुख्य सड़क मार्ग की नाली से जोड़ दिया जाए। 

4- उसरहवा कॉलोनी वार्ड नम्बर 11 की सभी गलियों की ऊँचाई (अप्रेजिंग) मुख्य गली की सड़क के लेबल में कर दी जाए। 

5- समय-समय पर नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार ओहदेदारों द्वारा वार्ड का निरीक्षण किया जाए। ऐसा करने से सफाई कर्मी मुस्तैदी से अपना काम करेंगे और समस्या से जूझ रहे नगर जनों को भी इस बात का एहसास होगा कि उनकी समस्याओं को देखने व सुनने वाला कोई तो है। 



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