पाकिस्तान ने लाहौर में लगी महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा को किया क्षतिग्रस्त
| Rainbow News Network - Aug 12 2019 5:33PM

जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद से पाकिस्तान में बौखलाहट बढ़ती जा रही है। भूख, बेकारी और महंगाई के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इमरान सरकार अपनी आवाम में भारत के खिलाफ जंगी जुनून पैदा करने में लगे हैं। पूरी सरकारी मशीनरी लोगों को भारत के खिलाफ भड़काने में लगी हुई है। इसी का एक ताजा उदाहरण लहौर में देखने को मिला। लाहौर में इसी साल स्थापित की गयी महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति के साथ बेअदबी की गयी है। पाकिस्तानियों ने शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया है।

पहले तो लहौर पुलिस-प्रशासन ने इस बारे में कोई कार्रवाई ही नहीं की, लेकिन जब उन्हें लगा कि अगर कार्रवाई नहीं की गयी तो भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान के सिखों में असंतोष फैल जायेगा तो आनन-फानन में एक एफआईआर दर्ज की गयी और कथित तौर पर दो लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है। इससे पहले इमरान खान की सरकार ने भारत से व्यापारिक तोड़ लिए और कूटनीतिक संबंधों के दर्जे को कम कर दिया।

अब पाकिस्तान की मशीनरी अपने गुर्गों के जरिए भारतीय इतिहास से जुड़ी महान विभूतियों की प्रतिमाओँ का तिरस्कार करवा रहा है। महाराजा रणजीत सिंह की नौ फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण लाहौर किले में जून में ही किया गया था। पुलिस ने इस मामले के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और देश के ईशनिंदा कानून के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का दावा किया है। महाराजा रणजीत सिंह सिख साम्राज्य के उन अधिष्ठाताओं थे जिन्होंने 19 वीं शताब्दी में उपमहाद्वीप के पश्चिमोत्तर में शासन किया था।

रणजीत सिंह परमवीर योद्धा थे और उन्होंने अपने जीते जी अंग्रेजों को कभी अपने क्षेत्र में हावी नहीं होने दिया। लाहौर में हुई इस शर्मनाक घटना को करतारपुर साहब और कश्मीर प्रकरण से भी जोड़कर देखा जा रहा है। भारत ने करतारपुर साहब के संबंध में टेक्निकल कमेटी की बैठक अगस्त में बुलाने का आग्रह किया था, लेकिन पाकिस्तान ने भारत के आग्रह पर रिमाइंडर के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया। ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान के रवैये से करतारपुर कॉरिडोर का मामला भी ठण्डे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है।



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