मानसिक विकारों से बढ़ रहीं आत्महत्याएं : डा. हरिनाथ यादव
| Rainbow News Network - Sep 2 2019 1:03PM

मानसिक रोग विशेषज्ञ ने कहा- मानसिक बीमारियां हर उम्र, लिंग व जीवनशैली को प्रभावित कर रही

जौनपुर। वर्तमान की भाग-दौड़ भरी जिन्दगी में तनाव एवं अवसाद के चलते मानसिक बीमारियां तेजी से बढ़ती जा रही हैं जिसका सीधा असर लोगों के दैनिक कार्य पर पड़ रहा है। इतना ही नहीं, मानसिक रोगों के बढ़ने की वजह से अधिकांश लोग आत्महत्या जैसा कदम भी उठा ले रहे हैं। उक्त बातें श्री कृष्णा न्यूरो एवं मानसिक रोग चिकित्सालय के संचालक व मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. हरिनाथ यादव ने रविवार को हुई एक अनौपचारिक वार्ता के दौरान कही।

उन्होंने आगे कहा कि युवावस्था में होने वाले गम्भीर मानसिक विकारों का प्रभाव काफी खतरनाक होता है। इन मानसिक विकारों के चलते आगे चलकर रोजगार की संभावनाओं पर प्रभाव पड़ता है। साथ ही ये कम आय व खराब शिक्षा के लिये भी जिम्मेदार हैं। डा. यादव ने कहा कि आजकल मानसिक बीमारियां हर उम्र, लिंग व जीवनशैली के व्यक्ति को प्रभावित कर रही हैं। भारत के मानसिक विकारों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि एक अध्ययन के अनुसार भारत में हर एक लाख की आबादी पर 2443 लोग मानसिक बीमारियों के शिकार हैं।

इतना ही नहीं, हर एक लाख की आबादी पर आत्महत्या करने वालों की संख्या 21.1 प्रतिशत है। डा. यादव ने कहा कि मानसिक विकार के चलते रोजगार में भी काफी आयी है। यह अध्ययन एक्टा साइकियाट्रिक स्कैंडिनेविका नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में यह देखने को मिला है कि जिन लोगों को 25 साल की उम्र से पहले मानसिक विकार के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया, उनमें अन्य लोगों की तुलना में रोजगार की कम संभावनाएं हैं।

अन्त में डा. यादव ने कहा कि मानसिक बीमारियां कई प्रकार की होती हैं जिनमें सबसे ज्यादा घातक अवसाद को माना गया है। अवसाद होने के पीछे वंशानुगतता, बदलाव, सामाजिक अस्थिरता, पारिवारिक झगड़े जैसे अनेक कारण हो सकते हैं। लोग मानसिक रोगों की वजह से कई अन्य बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। मानसिक रोग से ग्रस्त लोगों में दिल की बीमारियों या दौरे की संभावना दोगुनी होती है।



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