शाबाश रानू ! बंगभूमि के जादुई आवाज़ की कशिश में डूबी दुनिया
| -Prabhunath Shukla - Sep 3 2019 4:53PM

पश्चिम बंगाल के रानाघाट रेलवे स्टेशन पर कुछ दिन पूर्व गुमनाम सी जिंदगी जिने वाली रानू विकिपीडिया में संगीतकार दर्ज हो गई हैं। दुनिया भर में करोड़ों लोग इंटरनेट पर उसे सर्च कर रहे हैं। एक बेहद गरीब परिवार की महिला अपनी आवाज की बुलंदियों की बदौलत सिनेमाई दुनिया में तहलका मचा दिया है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि वालीवुड का हर नामचीन संगीतकार उसके साथ अपनी आवाज देना चाहता है। स्वर कोकिला लता मंगेसर के गाए गीत एक प्यार का नगमा है ने रानू को बुलंदियों पर पहुंचा दिया।

किस्मत को गढ़ना बेहद मुश्किल है। जिंदगी में कभी-कभी आपकी लाख कोशिश मुकाम नहीं दिला पाती। लेकिन कभी मंजिल आराम से मिल जाती है। उसके लिए कोई अतिरक्त प्रयास भी नहीं करने पड़ते। ऐसा भी होता है जब किस्मत को गढ़ने और तराशने में काफी कुछ लुट जाता है और सबकुछ पीछे छूट जाता है। यह भी सच है कि जब भगवान देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है। हर इंसान की कामयाबी के पीछे एक भगवान छुपा होता है। वह चाहे इंसान के रुप में ही क्यों न हो। इसलिए जिंदगी में रियाज और प्रयास को कभी अलबिदा मत कहिए। पश्चिम बंगाल के रानाघाट की रानू मंडल आज गूगल और इंटरनेट दुनिया की स्टार बन गई हैं। रानाघाट रेलवे स्टेशन पर कुछ दिन पूर्व गुमनाम सी जिंदगी जिने वाली रानू विकिपीडिया में संगीतकार दर्ज हो गई हैं। दुनिया भर में करोड़ों लोग इंटरनेट पर उसे सर्च कर रहे हैं। एक बेहद गरीब परिवार की महिला अपनी आवाज की बुलंदियों की बदौलत सिनेमाई दुनिया में तहलका मचा दिया है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि वालीवुड का हर नामचीन संगीतकार उसके साथ अपनी आवाज देना चाहता है। स्वर कोकिला लता मंगेसर के गाए गीत एक प्यार का नगमा है ने रानू को बुलंदियों पर पहुंचा दिया। कभी वह यही गीत गाकर रानाघाट रेलवे स्टेश पर दो वक्त की रोटी तलाशती थीं। कहते हैं वक्त बदलते देर नहीं लगती। रानू की जिंदगी बदलने में सबसे बड़ा हाथ तो ईश्वर का है। लेकिन असली भाग्य विधाता तो धरती का भगवान साफटवेयर इंजीनियर यतींद्र चक्रवर्ती है जिसने उसका वीडियो वायरल कर हिमेश रेशमिया तक पहुंचाया। 

हिमेश रेशमिया वालीवुड की नामचीन हस्तियों में शुमार हैं। हिंदी फिल्मों में आज उनके गीत और संगीत का जलवा है। सोशलमीडिया पर रानू मंडल का वायरल हुआ वीडियो हिमेश को इतना भया की उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म हैप्पी हार्डी और हीर के लिए दो गाने गवाए। जिसकी वजह से उसकी ख्याति और बढ़ गई। हिमेश की तरफ से लांच किए जाने के बाद अब पूरा वालीवुड उसे हाथों-हाथ लेना चाहता है। संगीतकार ए रहमान और सोनू निगम भी उसके साथ गाना चाहते हैं। इसी को कहते हैं तदग्दीर। कभी मैं अपने हाथों की लकीरों से नहीं उलझा। मुझे मालूम है किस्मत का लिखा भी बदलता है।। मशहूर शायर वशीर वद्र का यह शेर रानू की जिंदगी पर फिट बैठता है। हाथ की सारी लकींरे कभी मिटने के बाद उग आती हैं। शायद रानू मंडल के साथ भी यही हुआ। हालंाकि वालीवुड की दुनिया में उसका कैरियार बहोत लंबा नहीं है क्योंकि रानू जिंदगी के 60 वें मोड़ पर पहुंच चुकी है। वह 1960 में पैदा हुई। उसने कहा भी है कि उसकी जिंदगी में इतने मोड़ हैं उस पर पूरी फिल्म बन सकती है। रानू जब छह माह की थीं तभी उसका साथ माता-पिता से छूट गया। दादी ने किसी तरफ पालन पोषण किया। बाद में उसने अपनी शादी वालीवुड स्टार फिरोज खान के रसोइये बाबू मंडल से कर लिया। जिसके बाद वह मुंबई चली आयी। लेकिन इस शादी के बाद से उसके जीवन का संघर्ष शुरु हो गया। परिवार में दरार बढ़ने लगा। बाद में उसके पति की मौत हो गई और जिंदगी चलाने के लिए उसने रानाघाट को अपनी मंजिल बना लिया। स्टेशन पर रफी साहब के गीत जिसे लता मंगेशकर ने स्वर दिया था। उसी सदाबहार गीत एक प्यार को नगमा है को गाकर आजीतिका चलाने लगी। उसी नगमें ने उसे नगमा बना दिया। 

रानू मंडल की आवाज में गजब की कशिश है। जिस आजवा को अब तक कोई नहीं पढ़ पाया था। उसे यतींद्र चक्रवर्ती ने पढ़ा और वीडियो सूट कर सोशलमीडिया पर वायरल कर दिया। जिस पर हिमेश रेशमिया के साथ कई नामचीन हस्तियों की निगाह पड़ी। लेकिन कहते हैं हीरे की पहचान जौहरी ही करता है। आखिर हिमेश सबसे पहले बाजी मार ले गए। हिमेश के साथ गाए रानू के वीडियो इतने वायरल हुए  िकि वह वालीवुड की स्टार संगीतकार बन गई। जबकि उसका भाग्य विधाता यतींद्र चक्रवर्ती रानू का मैनेजर बन कर उसका कामधाम संभालने लगा है। रानू के पास एक बेटी भी है, लेकिन मां के दिन जब गर्दिश में थे तो उसने भी किनारा कर लिया था। अब तो उसकी जिंदगी और तग्दीर की तस्वीर बदल गई है। अब रानू के लाखों चाहने वाले हो गए हैं। जबकि सप्ताह भर पूर्व उसे कोई पहचानता तक नहीं था। आज उसकी आवाज की कीमत करोड़ों में हो गई है। पूरा वालीवुड उसे हाथों पर लिए फिर रहा है। क्योंकि रानू की आवाज अभी सस्ते में विकेगी और फिल्मी दुनिया के लोग चाहेंगे की जितना अधिक से अधिक हो उसके आवाज की जादू का इस्तेमाल किया जाए। हालांकि रानू की उम्र और पढ़ाई-लिखाई भी कामकाज में बांधा बन सकती है। लेकिन यतींद्र सबकुछ संभाल लेगा। क्योंकि रानू के साथ अब उसका भी भविष्य जुड़ गया है।

फिल्मी दुनिया में रानू की सफलता का रास्ता हिमेश ने खोल दिया है। आइडियल सीजन-10 के विजेता सलमान अली ने भी उसके साथ एक गीत गाया है। वह भी सोशलमीडिया में खूब धमाल मचा रहा है। अब तक उसे करोड़ों लोग देख चुके हैं। टीवी शो सुपर स्टार सिंगर के जजों से मिलने के बाद उसका गया गीत भी तेजी से वायरल हो रहा है। दुनिया भर में उसकी पहचान एक भारतीय संगीतकार के रुप में हो गई है। लोग दिन-रात उसे इंटरनेट पर खोज रहे हैं। युवाओं की वह पहली पसंद बन गई है। वह हर आम और खास के बीच चर्चा का मसला बन गयी है। उसकी आवाज में गजब कि खनक और कशिश है।यूट्यूब पर जो भी व्यक्ति उसकी आजवा एक बार सुन रहा है वह रानू का मुरीद हो जा रहा है। जिसकी वजह से दुनिया भर में इंटरनेट पर उसके फालोवर बढ़ते जा रहे हैं। वह मुंबई में अपना एक घर चाहती है। लेकिन उसकी इस सफलता को देखते हुए पश्चिम बंगाल प्रशासन ने रानाघाट में एक घर उपलब्ध कराया है। उसकी कामयाबी का राज इसी से पता चल सकता है कि वालीबुड के साथ दक्षिण भारतीय और बंग्ला फिल्म उद्योग में उसकी मंाग बढ़ने लगी है। 

रानू मंडल की इस सफलता में भारतीय रेल का भी बड़ा हाथ हैं। अगर उसे रेल की शरण न मिली होती तो शायद यह कामयाबी नहीं मिल पाती। उसकी सफलता की दूसरी सबसे बड़ी वजह सोशलमीडिया है। सोशलमीडिया आज स्थिति में है कि वह चाहे जिसे आम से खास बना दे। सोनू की सफलता में सबसे बड़ा हाथ सोशलमीडिया का है। आज की युवापीढ़ी इसकी तागत को पहचानती है। सोशलमीडिया न होती तो शायद रानू रानाघाट स्टेशन पर ही दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करती दिखती। उसकी प्रतिभा को सामना कैसे होता। लोग उसे कैसे जानते। अगर आपके पास टैंलेंट है तो आप भी सोशलमीडिया का इस्तेमाल कर अपनी प्रतिभा को पूरी दुनिया में नई पहचान दिला सकते हैं। ऐसे लाखों लोग हैं जो सोशलमीडिया का इस्तेमाल कर अपनी जिंदगी को बदल दिया है। यतींद्र चक्रवर्ती जैसे लोगों की कमी भी नहीं है जो रानू मंडल को रातों-रात स्टार बना देते हैं। बस हमें वक्त के साथ अपने नजरिए को बदलना होगा। दुनिया आपके साथ खड़ी है बस एक कदम आगे बढ़ाने की जरुरत है। हालांकि रानू मंडल के सामने अभी बड़ी चुनौतियां हैं। जिसके निपटना आसान नहीं होगा। लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि उसने जिंदगी को नये सिरे से परिभाषित किया है। रानू अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल कर जल्द की भारतीय फिल्म उद्योग में नया मुकाम हासिल करेगी। समाज में उस जैसे लाखों लोग हैं, लेकिन हम अपनी जिंदगी की जद्दोजहद से निकल दूसरों के लिए सोचते हीं नहीं। ऐसी प्रतिभाओं को खोजकर सरकार, समाज के  सामने लाना चाहिए। 



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