ऑपरेशन में तथाकथित बेहोशी चिकित्सक की वजह से मचा हंगामा  
| Rainbow News Network - Sep 12 2019 5:42PM

अम्बेडकरनगर। जिला अस्पताल में प्रसव के लिए ऑपरेशन के दौरान एक चिकित्सक के निजी सहयोगी के पहुंच जाने पर बुधवार 11 सितम्बर 2019 को जिला अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। इससे अस्पताल में घंटों अफरा-तफरी का माहौल रहा। मरीजों व तीमारदारों का आरोप था कि यही शख्स अक्सर बेहोशी का इंजेक्शन लगाता है, जबकि वह अधिकृत नहीं है। सीएमएस ने मामले में जांच का भरोसा दिलाया है।

जिला अस्पताल में शायद ही कोई दिन गुजरता हो जब हंगामा न होता हो। कभी मरीजों के उपचार में मनमानी तो कभी मरीजों से अवैध उगाही के आरोप लगते रहते हैं। मरीजों के उपचार को लेकर तो अक्सर तीमारदारों व चिकित्सकों व कर्मियों के बीच विवाद होता रहता है। बुधवार 11 सितम्बर 2019 को भी कुछ ऐसा ही हुआ। दरवेशपुर निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि वह अपने मामा को दिखाने जिला अस्पताल पहुंचे।

उनके मित्र जावेद अहमद आए और बताया कि उनकी पत्नी की तबीयत खराब है, जिन्हें दिखाने आए हैं। उनके साथ वह लेबर रूम पहुंचे। वहां देखा कि ऑपरेशन के लिए डॉ. बी वर्मा अपने सहयोगियों के साथ किसी का इंतजार कर रही थीं। इसी बीच वहां बेहोशी का इंजेक्शन लगाने वाले चिकित्सक का निजी सहयोगी पहुंचा। तीमारदारों से कहा गया कि बेहोशी के चिकित्सक आ गए हैं। अब ऑपरेशन शुरू होगा।

दरवाजा बंद होते ही धर्मेंद्र व उनके साथियों ने आरोप लगाया कि वे बेहोश करने वाले चिकित्सक को पहचानते हैं। उनकी जगह उनका निजी सहयोगी आया है। कहीं वह ही मरीजों को बेहोशी का इंजेक्शन न लगा दे, इसे लेकर जिला अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। इसकी जानकारी सीएमएस को हुई तो वह मौके पर पहुंचे। उनसे तीमारदारों ने बहस शुरू कर दी। सीएमएस ने फोन कर बेहोशी के चिकित्सक को बुलाया।

मौके पर पहुंचे चिकित्सक डॉ. एसडी मिश्र ने बताया कि जिला अस्पताल में तैनात रहे डॉ. एसके चौबे के सेवानिवृत्त होने के बाद से वह अकेले हैं। ऐसे में लेबर रूम ओटी, आर्थों ओटी व दो अन्य सर्जनों की ओटी में उन्हें अकेले ही इंजेक्शन देना होता है। कभी-कभी विलंब हो जाता है। इसमें हंगामा करने की जरूरत नहीं थी। परिजन व रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल की इस मनमानी को रोकने लिए वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करायी जाए, जिससे यह साफ हो जाएगा कि चिकित्सक व उनके स्टाफ की मौजूदगी कब-कब होती है। इससे साफ हो जाएगा कि अस्पताल में इंजेक्शन चिकित्सक ने लगाया या किसी अन्य व्यक्ति ने।

सीएमएस डॉ. एसपी गौतम, ने कहा कि कुछ लोगों ने मामले की मौखिक शिकायत की थी। इसकी जांच करायी जा रही है। फिलहाल किसी ने लिखित शिकायत नहीं दी है। वैसे भी किसी बाहरी व्यक्ति को अस्पताल की ओटी में जाने का अधिकार नहीं है।



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