बाइक पर गोंद में बच्चा मतलब तीसरी सवारी
| Rainbow News Network - Sep 14 2019 2:56PM

बदलते वक़्त के साथ ही सभी मोटर वाहन एक्ट में भी बदलाव किया गया है जिससे लोगों को नए नियमों के बारें में जानकारी भी नहीं है। बाइक सवार दंपती अगर गोद मेें बच्चे को लेकर चल रहे हैं, तो वे सावधान रहें। ट्रैफिक पुलिस बच्चे को भी तीसरी सवारी मानकर ट्रिपल राइडिंग का चालान कर सकती है। 1 सितंबर से लागू हुए संशाेधित माेटर वाहन कानून में बाइक पर दाे से ज्यादा सवारी ओवरलाेड मानी जाती हैं। इसमें बच्चाें के लिए छूट का कहीं काेई उल्लेख नहीं है।

बता दें कि मंत्रालय ने इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है लेकिन अभी तक समय सीमा तय नहीं की है पुराने मोटर वाहन कानून में भी बच्चे को तीसरी सवारी माना जाता था। लेकिन अब जुर्माने और सख्ती से लोगों में एक तरह का खौफ पैदा हो गया है। जिससे लोग काफी परेशान है। पुराने मोटर वाहन कानून में भी बच्चे को तीसरी सवारी माना जाता था। लेकिन अब जुर्माने और सख्ती से लोगों में एक तरह का खौफ पैदा हो गया है। जिससे लोग काफी परेशान है।

जानकारी के लिए बता दें कि मोटर वाहन एक्ट में बाइक टू सीटर है। भले ही निर्माता कंपनी ने बाइक काे 200 से 300 किग्रा वजन के अनुसार डिजाइन किया हो और इस पर दो से अधिक सवारी बैठ सकती हाें, लेकिन इसे ओवरलाेड ही माना जाएगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त आयुक्त कन्नन जगदीशन ने बताया कि नए कानून में दाेपहिया पर शिशु या बच्चों के लिए कोई गाइडलाइन नहीं है। ऐसेे में उसे तीसरी सवारी ही माना जाएगा।

आज भी लोग दाेपहिया वाहनों को खूब इस्तेमाल करते हैं। देशभर में कुल वाहनों में से दोे तिहाई दाेपहिया हैं। ख़बरों के अनुसार नया मोटर वाहन कानून लागू होने से पहले भी बच्चा तीसरी सवारी माना जाता था। लेकिन कोई गाइडलाइन नहीं थी। कई संगठनों ने इस बारे में गाइडलाइन जारी करने की मांग की है। ध्यान रहे अब लाेगाें काे ज्यादा जुर्माने के साथ ही लाइसेंस सस्पेंड हाेने का डर है। पहले बाइक ओवरलोड होने पर 100 रु जुर्माना लिया जाता था, अब 2 हजार रुपए जुर्माना लिए जाने का प्रावधान हैं।



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