अम्बेडकरनगर : मिठाई के नाम पर जहर तो नहीं खा रहे आप...?
| Rainbow News Network - Sep 20 2019 2:32PM

अम्बेडकरनगर। जनपद मुख्यालय अकबरपुर पर बड़ी मिठाइयों की दुकानों पर मौसम बहार, साहू मिष्ठान भंडार, अमृत भोग, जयसवाल मिष्ठान भंडार जैसे बड़े प्रतिष्ठानों पर बेची जा रही हैं रेडीमेड मिठाईयां ₹300 से लेकर ₹3000 प्रति किलो ग्राम तक बेची जा रही है।

मौका किसी खास खुशी का हो अथवा त्योहारों का, मिठाई न हो तो सारा मजा किरकिरा हो जाता है। मिठाई का नाम आते ही मुंह में पानी आना भी स्वाभाविक है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि मिठाई प्रेम की प्रतीक है। इन सबके वर्तमान में यदि आप मिठाई के शौकीन हैं,और खरीदने जा रहे हैं तो थोड़ा सावधान होने की जरूरत है। क्योंकि हो सकता है कि आपकी पसंदीदा मिठाई आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो। खरीदने से पहले यह परखना और जानना जरूरी है कि जो मिठाई आपको आकर्षित कर रही है हो सकता है वह खतरनाक रसायनों से तैयार हो अथवा सिंथेटिक हो।कहीं दुकानदार रेडीमेड मिठाई तो नहीं बेंच रहा है।          

जी हां! आजकल मिठाई की दुकानों पर कुछ ऐसा ही हो रहा है। जहां सिंथेटिक छेना और रेडीमेड मिठाइयों के कारोबार का मकड़जाल बाजार पर हावी हो गया है। ऐसा नहीं कि हम आपको मिठाई न खाने की सलाह दे रहे हैं बल्कि आपके स्वास्थ्य के प्रति आपको आगाह कर रहे हैं। इसी के साथ ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के उन जिम्मेदार अधिकारियों को भी आगाह करने का प्रयास कर रहे हैं जो दुकानों पर सैंपल तो लेते हैं लेकिन स्वार्थ में कार्यवाही करने से गुरेज कर जाते हैं। शायद यही वजह है कि आजकल सिंथेटिक दूध से बने छेने और रेडीमेड मिठाइयों से बाजार पटा पड़ा है। और हम अत्याधुनिक होने की सनक में मिठाई के नाम पर सीधा जहर खरीदने और खाने के आदी होते जा रहे हैं।          

यह भी सही है कि बिना मेहनत के कम पूंजी में अधिक आय के चक्कर में पड़कर अच्छे से अच्छे दुकानदार भी अपने यहां मिठाई न बनवा कर रेडीमेड मिठाइयां सीना तान कर बेंच रहे हैं। ,,वर्तमान में जनपद के साथ-साथ पड़ोसी जनपदों के कुछ व्यापारी जिले को निशाना बनाए हुए हैं। जिला मुख्यालय के अकबरपुर, शहजादपुर सहित टाण्डा, बसखारी, जलालपुर, हंसवर, रामनगर जहांगीरगंज समेत ग्रामीण क्षेत्र की बाज़ारो में मिठाई की दुकानों पर यह कारोबार खूब फल-फूल रहा है।            

बताते हैं कि जिला मुख्यालय पर भी कुछ ऐसी थोक की दुकानें हैं जहां रेडीमेड मिठाइयां मिलती है। छोटे दुकानदार इसे अपने शोरूम में ले जाकर महंगे दामों पर बेच रहे हैं। उदाहरण के तौर पर यदि देखा जाए तो सिंथेटिक और रेडीमेड छेना 80 रुपये में खरीद कर ढाई से 300 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं। इसके अलावा तमाम अन्य तरह की मिठाइयां भी रेडीमेड और सिंथेटिक मिल रही है। जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक साबित हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन मिठाइयों से धीरे-धीरे शरीर खोखला हो जाता है।               

सबसे बड़ी बात यह कि ऐसे खाद्य पदार्थों को बाजार में पहुंचने से रोकने के लिए बकायदा टीम की बनी है। जो समय-समय पर दुकानदारों के यहां जाकर सैंपलिंग भी करती है। बावजूद इसके यह गोरखधंधा पूरी तरह बाजार पर हावी है। शर्मनाक पहलू यह कि विभागीय अधिकारी सेम्पल तो लेते हैं लेकिन दुकानदारों पर कार्यवाही क्या होती है यह कहना बहुत मुश्किल है।



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