एक पाती राष्ट्रपिता ‘बापू’ महात्मा गाँधी के नाम
| -Rituparna Dave - Oct 1 2019 1:24PM

प्रिय बापू, 

’इंडिया दैट इज भारत’ से मेरा राम-राम. आज फिर 2 अक्टूबर है. हर बरस आता है. बापू अपुन के दिमाग में एक बात बहुत तेजी से घूम रही है कि आज अगर तू होता तो पूरे 150 बरस का होता. कैसा दिखता, कैसे चलता, क्या खाता खैर बापू ये कल्पना की बात हुई. असल में बापू तेरा भारत यानी मेरा भी बहुत बदल गया है. सुन बापू अपुन को आज समझ में आया कि तू बकरी का दूध क्यों पीता था, गाय का दूध क्यों छोड़ना पड़ा. लेकिन बापू मेरी समझ पर हंसना नहीं तू कैसे जानता था कि गौ माता पन्नी,कागज भी खाने को मजबूर हो जाएगी. शायद इसीलिए तूने बकरी को पसंद किया. मैने खूब कोशिश की उसे भी पन्नी, कागज और अंट, शंट खिलाऊं पर बापू सच्ची बोल रहा हूँ कि वो तेरी असली पुजारी निकली सिवाय पत्ती के कुछ नहीं खाती. 

बापू पूरे देश में स्वच्छता की मुहिम चल रही है और नई खबर बता दूँ आज तेरे जन्म दिन को हम सिंगल यूज प्लास्टिक को अलविदा कहने की कसम खाकर मना रहे हैं. तुझे तो पता भी नहीं होगा कि ये क्या चीज है. तेरे जमाने में तो झोला चलता था बापू खूब नाम कमाया था गाँधी झोले ने अपुन भी बच्चा था तब ये झोला टांगकर घूमने में अच्छा लगता था. लेकिन बापू तरक्की जो कर ली तो पन्नी वन्नी आ गई. अपुन को भी झोला भारी लगने लगा. अब तो गाँधी झोला कहीं भी नहीं दिखता. 

खैर बापू तेरे भारत ने खूब तरक्की कर ली है. गंदगी से तौबा कर ली है. अरे बापू दिल्ली, मुंबई (तेरे जमाने की बंबई) को तो छोड़ पूरे मुल्क के बड़े-छोटे शहर, कस्बे, गाँव, गँवई तक में खूब डस्ट बीन लग गईं वो भी एक नहीं दो-दो. सच्ची कभी तू सरप्राइज विजिट करके चुपचाप देखना. एक सूखे दूसरी गीले कचरे की. लेकिन बापू कसम राम की सच बोलता हूँ. डस्टबीन में कचरा दिखता नहीं सिवाय सड़को और फुटपाथ के. अरे हाँ बापू एक बात जो तुझे बतानी थी पूरे मुलुक में करोड़ों शौचालय गरीब, गुरबा के घरों में बन गए हैं. कोई गाँव नहीं छूटा बापू जहाँ घर-घर शौचालय नहीं हो लेकिन पानी की कैसी किल्लत रहती तू तो जानता है. पर बापू अबकी बार 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस पर तेरा भारत दुनिया में खुले में शौच से मुक्ति की बाजी भी मार सकता है. 

सच्ची बापू अपुन भी तेरे सरीखे झूठ नहीं बोलता. लेकिन अब तो सच बोलने से डर भी लगता है कि कहीं किसी ने सुन लिया तो फालतू का पंगा हो जाएगा. किसी से कहियो मत करोड़ों शौचालय भले ही हों गाँव की भोली भाली जनता को अभी भी जंगल, मैदान और खेत की ओट पसंद है. एक बात और बताऊं बापू, गाँव की छोड़ वो दिल्ली जहाँ तूने आखिरी साँस ली थी जाते समय निजामुद्दीन स्टेशन के पहले तुगलकाबाद और ओखला की रेल लाइनों के किनारे सारी पोल खोल जाती है. लोग लोटा और बॉटल लिए लाइन के किनारे और सुबह तो झुण्ड में दिख जाते हैं. कहते हैं उनका पेट यहीं साफ होता है. अब इस राज को मैं भी नहीं समझ पाया. और, हाँ बापू इन्हीं स्टेशनों के बीच कूड़े के बड़े-बड़े ढ़ेर, उसमें मैले कुचले, फटे, पुराने कपड़े में कबाड़ ढ़ूढते लोग पूछो मत कितनी बदबू के बीच...! हाँ बापू अपुन भी तेरे सरीखे जनरल क्लास वाले हैं. स्वच्छ भारत का नारा भी खूब चला और लगाया पर अपनी सवारी गाड़ी का शौचालय ओह नाक में रूमाल बाँध कर भी बड़ी मजबूरी में...खैर बापू तू भी सोच रहा होगा ये क्या बक-बक कर रहा है. 

चल अब राजनीति की बात हो जाए. सच बापू तुझे समझने में मेरे मुल्क को 70 बरस लग गए. पूरे देश में राम की खूब बात हो रही है. वही भगवान राम जिनका तूने आखिरी वक्त तक में 3 बार नाम लिया था वही अयोध्या वाले राम. सच बापू तू भी भक्त था और वो कितने ताकतवर हैं कि जिनके केवल नाम ने सरकारें बदल दीं फिर भी खुद बेचारे टेण्ट में हैं. चल एक खुशखबरी बता दूँ मुलुक की सबसे बड़ी अदालत ने फिक्स कर दिया है कि राम के जन्म स्थान और जगह का फैसला इस बरस होकर रहेगा. वो भी नवंबर के अंदर. यानी राम को टेण्ट से मुक्ति मिलेगी या जगह से ये तो फैसला आने के बाद पता चलेगा? हाँ बापू राम की बात पर याद आया कि इस पर पूरे देश में खूब हो हल्ला हुआ. लेकिन राम के मंदिर का फैसला होने के पहले ही बड़ी चिन्ता लग रही है कि अब अगले चुनाव में कौन सा मुद्दा रहेगा. अरे बापू तू भी गर्व कर अपने भारत पर कि अयोध्या का मसला निपट भी जाए तो अभी कभी अपना भाई जो साथ था अब अलग हो गया है उससे हर वक्त कुश्ती या नूरा कुश्ती जो भी कह वो पूरे देश के लिए जबरदस्त जोश का टॉपिक है और पता नहीं कब तक रहेगा. 

बापू एक बात और बताऊं तू भूला नहीं? तूने ही विदेशी कपड़ों की होली जलवाई थी. लेकिन आज तेरे देश का विदेशों में जाकर अपना डंका बजा रहा है. नई डील हो रही है. खूब धंधा चमकने वाला है. कई मामलों में तो सौ परसेन्ट एफडीआई की तैयारी है. ओह ये तो बताना भूल गया था बापू तेरा खूब वक्त लिया पर जरूरी बात यह है कि तेरे इस मुल्क का मुखिया तेरे प्रदेश से दोबारा पहले से जबरदस्त ताकत से कुर्सी पर आ गया है और हाँ तू बुरा मन मानियो वो अमरीका का प्रेसीडेण्ट ट्रम्प है न पूरा बिजनेस मैन, सनकी बना रहता है उसने उसे कह दिया फादर ऑफ इण्डिया! बापू अपुन को कुछ समझ नहीं आया मुल्क में भी सन्नाटा छा गया. तुझे पता है कि इतनी बड़ी आबादी में हर तरह के लोग होते हैं अलग-अलग ख्यालों के कुछ को पसंद आया, कुछ को नहीं. लेकिन अपुन तो तुझे फादर ऑफ द नेशन मानता था, है और रहेगा. ये बात बा को मत बतइयो नहीं तो तुझसे जवाब देते नहीं बनेगा. 

खैर छोड़ फिर मैं भटक गया पर सुन ट्रम्प ने गलत नहीं कहा बापू तेरे गुजरात का हमारा प्रधान देश का पहला मुखिया है जिसने आजादी के पहले और आजादी के बाद इतनी दुनिया देखी और घूमा. अभी हाल फिलाहाल पेट्रोल, प्याज और बारिश ने कमर तोड़ दी है. मंदी से बुरा हाल है पर चिन्ता मत करियो क्योंकि थारे भारत भर में नहीं पूरी दुनिया इससे परेशान है. भले ही लाखों नौकरियां चली गईं हों कोई चिन्ता नहीं करियो क्योंकि यहां तो बहुत सारे बैंकों के नाम गायब हो गए हैं बड़े बैंकों में मिला दिए गए क्या पता अब लोगों को खूब कर्जा मिले और नया-नया धंधा खुले. 

आखिर में बापू सुन ले तुझे पिछली चिट्ठी में बताया था हजारों करोड़ रुपए लेकर परदेश में बस गए विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी में कोई भी नहीं लौट पाया है. बापू तेरी तो वहाँ भी खूब बन रही होगी. अब तो तेरे साथ बड़े-बड़े नामी संगत करते होंगे. बस तू तो मुझे इतना भरोसा दे कि तेरा मेरा सोशल मीडिया सरीखे चिट्ठा का ये कनेक्शन बना रहेगा और यहाँ से मैने सेन्ट किया वहाँ तुझे मिल जाएगी. यकीन कर बापू कुछ भी नहीं छुपाउंगा और झूठ मैं बोलता नहीं. चल तेरे राम को टेण्ट वास से मुक्ति की आस के साथ मेरा राम-राम कबूलियो.



Browse By Tags



Other News