कैद कर लूं तुम्हें
| -Priyanka Maheshwari - Oct 11 2019 1:40PM

कैद कर लूं तुम्हें क्या...
या...
कुछ उसी तरह से...
जैसे...
बचपन में पकड़ कर रखती थी...
तब तक... जब तक तुम्हारा... रंग..
मेरे हाथों में...
दिखने नहीं लगता था...
या फिर...
कभी पकड़कर...
एकदम से...
छोड़ देती थी... मैं तुम्हें...
मगर...
कैद कर लेना आसान है...
आज फिर...
तुम मेरे पास हो...
पर ..
नहीं कैद करना चाहती तुम्हें...
न बोतल में... न किताबों में..
और...
न बंद हथेलियों में...
मैं चाहती हूँ...
अपनी खूबसूरती बिखेरते हुए
तुम उड़ो उसी तरह...
पंख फैलाकर..
जितना तुम आकाश में...
समा जाओ...



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