गर्ल्स मार्च टू स्कूल कार्यक्रम का आयोजन
| Rainbow News Network - Oct 12 2019 5:04PM

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर, 100 मिलियन अभियान के तहत अमलतास समाजिक संस्था के तत्वाधान् में कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के सहयोग से इन्दिरा नगर में गर्लस् मार्च टू स्कूल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूल, कॉलेज और समुदाय की लड़कियाँ ने मार्च निकालते हुए 18 साल की उम्र तक मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की आवश्यकता के बारे में एक संगोष्ठी आयोजित की।

इस अवसर पर आरटीआई फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंबरीश राय ने कहा कि बहुत दुख का विषय है कि आज इकीसवीं सदी में भी हमारे देश में हमें बालिकाओं को भ्रूण हत्या, बाल विवाह, यौन शोषण, भेदभाव जैसी समस्याओं से सामना करना पड़ रहा है। लड़कियों के लिये ये बहुत जरुरी है कि वो सशक्त, सुरक्षित और बेहतर माहौल प्राप्त करें। उन्हें जीवन की हर सच्चाई और कानूनी अधिकारों से अवगत होना चाहिये।

उन्हें इसकी जानकारी होनी चाहिये कि उनके पास अच्छी शिक्षा, पोषण, और स्वास्थ्य देखभाल का अधिकार है। जीवन में अपने उचित अधिकार और सभी चुनौतियों का सामना करने के लिये उन्हें बहुत अच्छे से कानून सहित घरेलू हिंसा अधिनियम 2009, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006, दहेज निषेध अधिनियम आदि से अवगत होना चाहिये। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि सरकार यह जिम्मेदारी ले, और पूरे देश में 18 साल तक की उम्र की लड़कियों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था करे।

स्कोर के संयोजक संजीव सिन्हा ने कहा कि कहा कि इस दिवस का प्रमुख उदेश्य बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाना है तथा उन्हें शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सुविधा, कानूनी अधिकार तथा भेदभाव से संरक्षण उपलब्ध करवाना है। जिसमें सभी बालिकाओं को अपनी क्षमताओं को समझने अपने सपनों को बुनने और जीवन में आत्मनिर्भर बनने की संभावनाओं को तलाशने के अवसर दिये जाने की पहल होगी।

अमलतास के सचिव अजय शर्मा ने कहा कि शिक्षा तक पहुंच के अभाव में, एक बुनियादी मानव अधिकार बच्चों, विशेषकर लड़कियों के जीवन को खतरे में डाल दिया जाता है। बालिकाओं को उचित शिक्षा यह सुनिश्चित करेगी कि वे सामाजिक सशक्तिकरण का हिस्सा हैं, जो उन्हें सभी प्रकार के दुर्वयवहारों से लड़ने की हिम्मत देता है। इसके अतिरिक्त यह उन्हें स्वतंत्र होने के लिए सशक्त करेगा और उन्हें अपनी आजीविका कमाने में मदद करेगा। किसी भी देश को सफल बनाने के लिए बालिकाओं का भी कदम से कदम मिलाकर चलना आवश्यक है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्कूलों के बच्चे और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।

Report-वीरेन्द्र त्रिपाठी/ अजय शर्मा



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