...ऐसे हैं अम्बेडकरनगर डूडा के पी.ओ. आदित्य कुमार
| Posted by- Editor - Oct 15 2019 3:30PM

उत्तर प्रदेश सूबे के अम्बेडकरनगर जिले के सरकारी महकमों में तैनात कई ओहदेदारों से सम्बन्धित खबरें मीडिया में प्रकाशित व प्रसारित होकर उन्हें सुर्खियों में रखे हुए हैं। ये अधिकारी मीडिया में अपनी छीछालेदर सम्बन्धी खबरों को नजरन्दाज करते हुए अपना काम बदस्तूर जारी रखे हुए हैं। सोशल मीडिया और प्रिण्ट में अनेकों बार इन सरकारी अहलकारों की कारगुजारियाँ प्रसारित व प्रकाशित हो चुकी हैं। बीच-बीच में मीडिया अपना काम करता रहता है। 

अम्बेडकरनगर में जिला शहरी विकास अभिकरण के मुखिया परियोजना अधिकारी के रूप में तैनात रहे उमेश कुमार सिंह की कारगुजारियों को लेकर मीडिया ने बड़े जोर-शोर से आवाजें बुलन्द किया था, परन्तु हाथी की तरह अपने में मस्त पी.ओ. यू.के. सिंह पर कोई असर नहीं पड़ा था। वह अपना काम पूरे बचाव के साथ करते रहे। सब कुछ झेलते हुए वह अपना काम करते रहे और वर्ष 2019 के उत्तरार्द्ध में उसी पद पर प्रदेश के दूसरे जिले में स्थानान्तरित हो गये। उनका यह तबादला सामान्य ही रहा। इस तबादले पर मीडिया द्वारा उछाली गई खबरों का कोई असर नहीं रहा, ऐसा जानकारों का कहना है। उनके स्थान पर अम्बेडकरनगर में अनुभवी, अत्यन्त निडर, धाकड़ प्रवृत्ति व स्पष्टवादी स्वभाव के अधिकारी आदित्य कुमार वर्तमान में कार्य कर रहे हैं। उनके यहाँ पदभार ग्रहण करने के कुछ दिन तक मीडिया पूर्व की तरह हल्ला गुल्ला कर रहा था। लेकिन अब वह भी शान्त हो चुका है। 

अम्बेडकरनगर में पाँच नगर निकाय है, जिनमें तीन नगर पालिका और दो नगर पंचायतें हैं। अकबरपुर, टाण्डा, जलालपुर जैसी नगर पालिकाओं और इल्तिफातगंज व अशरफपुर किछौछा नगर पंचायतों के पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुँचाने के लिए आदित्य कुमार (पी.ओ. डूडा) ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा है। इनका कहना है कि पूर्ववर्ती ने क्या किया, इससे उनका कोई लेना-देना नहीं वह क्या कर रहे हैं मायने यह रखता है। उनका यह दमदार कथन सुनकर बहुत अच्छा लगता है। हालांकि काजल की कोठरी में कितना ही अक्लमन्द व्यक्ति प्रवेश करे कहीं न कहीं उसे कालिख लग ही जाती है। और जानकारों द्वारा कहा जाता है कि- डूडा एक ऐसा महकमा बन गया है जो भ्रष्टाचार और लूट खसोट में अपना प्रमुख स्थान रखता है। ऐसे महकमे का हाकिम अपनी वाणी से भले ही खुद को ईमानदार घोषित करे परन्तु वास्तव में कहीं न कहीं कालिख की छींटे उसके दामन पर भी पड़ी दिख सकती हैं। 

बीते दिनों दूरभाष पर वर्तमान के पी.ओ. आदित्य कुमार से वार्ता का संयोग बना, जिसे हम अपना सौभाग्य भी मानते हैं। वार्ता के क्रम में जब आदित्य कुमार से यह कहा गया कि विभागीय कार्यों का प्रगति विवरण सर्व साधारण की जानकारी हेतु उपलब्ध करायें साथ ही अपना एक फोटो भी दें जिसका उपयोग सम्बन्धित संवाद में किया जा सके तो उन्होंने कहा कि कार्यालय आ जाओ कार्यों का विवरण नोट करा दूंगा। उसको छाप देना रही फोटो की बात तो फोटो नहीं दूंगा। प्रश्न- क्यों.....? के जवाब में आदित्य कुमार ने कहा कि बड़े-बड़े सेलीब्रेटीज/अभिनेता अपनी फोटो खींचने व उसके प्रकाशन की एवज में लाखों/करोड़ों लेतें हैं मुझे क्या मिलेगा...........। (हो सकता है कि यह बात उन्होंने फनी मूड में कहा हो और ऑफ द रिकार्ड हो)। उनकी स्पष्टवादिता सुनकर ऐसा लगा कि यह व्यक्ति जो पी.ओ. डूडा है यहाँ तैनात अन्य सरकारी मुलाज़िमों की अपेक्षा काफी धाकड़ ऑफिसर है। हालांकि यह तो आने वाला समय ही बतायेगा कि वह अपने को कितना ईमानदार, धाकड़ और निडर साबित कर पाते हैं। 

बताना चाहेंगे कि इस तरह की वार्ता मीडिया से वही कर सकता है जो या तो एक दम से शुद्ध, धवल वसनधारी हो या फिर डूडा जैसे फर्टाइल अभिकरण का एक अत्यन्त कमाऊ ओहदेदार। कुछ भी हो आदित्य कुमार की वार्ता शैली ने यह जरूर एहसास कराया कि इन पर मीडिया का प्रभाव कोई मायने नहीं रखता। हो सकता है कि मीडिया से बचाव हेतु ये अपने को एकदम ईमानदार, दूध का धुला प्रदर्शित करते हों जो भी हो पी.ओ. डूडा आदित्य कुमार हैं एक निर्भीक, बहादुर सरकारी मुलाज़िम। यदि ऐसा न होता तो शायद दूरभाष पर अपनी स्टाइल में वे इस तरह बात करने से परहेज करते। हमें ज्ञात हुआ कि इस समय प्रत्येक कार्य दिवस में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय में मीडिया परसन्स की आमदरफ्त कुछ ज्यादा ही रहती है। फिर भी इससे बेखौफ आदित्य कुमार अपना कार्य/दायित्व बखूबी कर रहे हैं। 

गत दिवस रेनबोन्यूज मीडिया ग्रुप के एक सहयोगी ने डूडा कार्यालय जाकर पी.ओ. आदित्य कुमार से मुलाकात किया, और प्रधान मंत्री आवास योजना (शहरी) के बावत कुछ जानकारी हासिल किया। उसके अनुसार जिले की पाँचो नगर पालिकाओं और पंचायतों में कुल स्वीकृत पात्र लाभार्थियों की संख्या 9 हजार 8 सौ 48 है। इनमें से 5 हजार 1 पात्रों को 50 हजार रूपए की प्रथम किश्त और 2 हजार 6 सौ 95 पात्रों को 1 लाख 50 हजार की द्वितीय किश्त व 2 सौ 52 पात्रों को 50 हजार की तृतीय किश्त का धन उनके खाते में भेज दिया गया है। इस तरह जिले के कुल स्वीकृत लाभार्थियों के खाते में प्रथम, द्वितीय और तृतीय किश्त की धनराशि 6669.00 लाख रूपए लाभार्थियों को अवमुक्त किया जा चुका है। इससे ज्यादा जानकारी न तो पी.ओ. डूड ने दिया और न ही आदित्य कुमार से अन्य दूसरे सवाल पूछने की नौबत ही आई। पी.ओ. डूडा अपने कार्यालय में कुछेक मीडिया परसन्स से घिरे रहने के बावजूद भी विभागीय कार्यो को निपटाने में मशगूल रहे।  

नोटः- जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), अम्बेडकरनगर (उत्तर प्रदेश) के पी.ओ. आदित्य कुमार की फोटो व्हाट्सएप्प डी.पी. से ली गई है। 
 



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