लोक मंगल की पत्रकारिता करते थे गणेश शंकर विद्यार्थी : नवनीत मिश्र
| Rainbow News Network - Oct 29 2019 12:15PM

गोरखपुर। लोक मंगल की पत्रकारिता करते थे गणेश शंकर विद्यार्थी। वर्तमान समय की पत्रकारिता सामाजिक सरोकार से विमुख होती जा रही है। आजकल अखबारों में आम आदमी की आवाज के लिए जगह नहीं बची है जिसका कारण बाजारवाद का हावी होना है। मीडिया को पूंजीपतियों ने अपने हाथों में ले लिया है। इसी वजह से मीडिया का पतन हो रहा है। इस पत्रकारिता में गिरावट का एक कारण समाज का रवैया भी है।

इसलिए आज पत्रकारिता को अपना मूल धर्म समझने की जरूरत है और यह लोकमंगल की भावना से ही आ सकता है। विद्यार्थी जी की पत्रकारिता लोक कल्याण पर ही केंद्रित रही। उक्त्त वक्तव्य प्रभा देवी भगवती प्रसाद महाविद्यालय, अनंतपुर द्वारा आयोजित गणेश शंकर विद्यार्थी जी की जयंती पर आयोजित “परिसंवाद समकालीन पत्रकारिता में मूल्यों का पतन” विषय पर बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए सामाजिक कार्यकर्ता, स्वतंत्र पत्रकार नवनीत मिश्र ने कही। 

श्री मिश्र ने आगे कहा कि पत्रकारिता के मूल्य को बनाए रखने के लिए त्याग और बलिदान की जरूरत है।परिसंवाद को संबोधित करते हुए चैनल मैनेजर रीतेश त्रिपाठी ने विद्यार्थी जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।  अध्यक्षता करते हुए डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी के समय की पत्रकारिता और आज की पत्रकारिता में जमीन-आसमान का अंतर है। आज न वैसे पत्रकार हैं न वैसी पत्रकारिता।

डॉ. त्रिपाठी ने  कहा कि पत्रकार को खोजी होना चाहिए क्योंकि वह समाज का आईना होता है। संचालन संदीप पाण्डेय ने किया तथा आभार जी.डी. दुबे ने किया। इसके पूर्व उपस्थित जनों ने विद्यार्थी जी के चित्र पर पुष्पंजलि अर्पित कर व दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया। इस अवसर पर सर्वश्री मनोज राय, मनोरथ यादव, अनिल यादव, सुनील मिश्रा, ममता शुक्ला सहित अनेक लोग उपस्थिति थे।



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