दिल्ली पर धुंध का साया, नोएडा में हवा की गुणवत्ता गंभीर 
| Agency - Oct 30 2019 3:11PM

दिल्ली पर धुंध का साया लगातार जारी है और बुधवार को भी राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सुबह 11 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 416 था।सीपीसीबी के अनुसार, मंगलवार को एक्यूआई 414 था, जो सोमवार के एक्यूआई 397 से खराब था।

एक्यूआई अगर 0-50 के बीच है तो उसे ‘अच्छा’ माना जाता है, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘सामान्य’, 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ माना जाता है। अगर एक्यूआई 500 से ऊपर है तो उसे ‘गंभीर और आपातकालीन’ श्रेणी में माना जाता है।

एक्यूआई पांच मुख्य प्रदूषकों को ध्यान में रखता है- 10 माइक्रोमीटर (पीएम10) से कम व्यास वाले पदार्थ, पीएम2.5, ओजोन (ओ3), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ2) और कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ)। एक्यूआई मूल्य जितना अधिक होगा, वायु प्रदूषण का स्तर उतना ही अधिक होगा और स्वास्थ्य की चिंता भी उतनी ही बढ़ जाएगी।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख शहर नोएडा में बुधवार को हवा की गुणवत्ता और ‘‘खराब’’ हो गई। मंगलवार को यहां पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर 439 था जो आज 441 हो गया।उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ अनिल कुमार ने आज यहां बताया कि सुबह नोएडा में एक्यूआई का स्तर 441 था। उन्होंने बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए दीपावली पर हुई आतिशबाजी तथा पंजाब हरियाणा में पराली जलाई जाने को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा कि सर्दी बढ़ने से इसका प्रभाव और बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि एक-दो दिन में हवा तेज चलने का अनुमान है जिसके बाद ही वायु प्रदूषण में कमी आएगी। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने शहर में 44 टैंकरों के माध्यम से जगह-जगह पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है। अन्य उपाय भी किए जा रहे हैं।



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