पैदल चलने वालों का वो शहर जहां गाड़ियों पर लगा है प्रतिबंध
| Rainbow News Network - Nov 5 2019 1:31PM

पोंतेवेद्रा। जलवायु परिवर्तन को लेकर दुनिया का हर देश चिंता जाहिर करता है, लेकिन इसे कम करने के लिए बडे़ कदम कोई नहीं उठाता। दिल्ली शहर में सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए ऑड-ईवन फॉर्मूला अपनाया, जिससे वायु प्रदूषण को कम किया जा सके। लेकिन दुनिया में एक शहर ऐसा भी है, जहां आपको सड़कों पर गाड़ियां ही नहीं मिलेंगी।

हम बात कर रहे हैं स्पेन के शहर पोंतेवेद्रा की। ये दुनिया का ऐसा पहला शहर माना जाता है, जहां गाड़ियों पर कई तरह के प्रतिबंध लगे हुए हैं। ये पैदल चलने वालों का शहर बन गया है। गाड़ियों की बता करें तो यहां गिनी चुनी गाड़ियां ही देखने को मिल पाएंगी। यही वजह है कि इस शहर में कार्बन उत्सर्जन 70 फीसदी तक कम हो गया है। इस बात से अन्य देश भी प्रभावित हो रहे हैं।

लोगों को एक साथ लाती हैं सड़कें

यहां की सड़कें लोगों को एक साथ लाती हैं, क्योंकि हर कोई पैदल ही चलता है। माना जाता है कि यहां के मेयर ने 20 साल पहले इस बदलाव को शुरू किया था। जिसका असर अब देखने मिल रहा है। जबकि कुछ साल पहले तक यहां की हालत दुनिया के बाकी हिस्सों जैसी ही थी। भारी ट्रैफिक, बढ़ती दुर्घटना और बढ़ते प्रदूषण से ये शहर अब निजात पा चुका है।

पुलिस रखती है नजर

लोगों को पैदल चलते हुए किसी स्थान पर पहुंचने में परेशानी ना हो, इसके लिए भी पूरे इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए शहर में खास तरह के बोर्ड लगाए गए हैं, जिनसे पता चलता है कि एक जगह से दूसरी जगह पैदल जाने में कितना समय लगता है। यहां पार्किंग के लिए जगह की कमी है। जब डिलीवरी देने वाले आते हैं, तो वह भी 15 मिनट से ज्यादा अपनी गाड़ियां पार्क नहीं कर सकते। पुलिस के कैमरे इसपर भी नजर रखते हैं कि कोई वाहन कितनी देर के लिए पार्क किया गया है। या फिर कोई कितनी रफ्तार के साथ चलता है। 30 किमी प्रति घंटा से ज्यादा कोई गाड़ी नहीं चला सकता।

सड़कों पर खेलते हैं बच्चे

यहां की सड़कें इतनी सुरक्षित हैं कि बच्चे सड़कों पर खेलते हैं। माना जाता है कि यहां बीते 8 साल से एक भी घातक दुर्घटना नहीं हुई है। उससे पहले यहां साल में ऐसे दो से तीन हादसे होते थे। लोगों ने 90 के दशक में वामपंथी विचारधारा वाले नेता मिगुएल लोरेजप्रादो को अपने मेयर के तौर पर चुना था और तभी से ये शहर बदल गया। शुरू में कारोबारियों ने इस योजना का विरोध किया था, लेकिन अब सबकी राय बदल गई है। जो लोग पैदल नहीं चलते वो साइकिल का इस्तेमाल करते हैं। ये शहर लोगों के रहने लायक बन चुका है।

बिना किसी डर के सड़कों पर चलते हैं लोग

यहां रहने वाले निवासियों का कहना है कि वह बिना किसी डर के सड़कों पर चलते हैं। किसी को खुद पर गाड़ी चढ़ने का डर नहीं रहता, क्योंकि गाड़ियां ही नहीं हैं। लोग कहते हैं कि यहां प्रदूषण काफी कम हो गया है और शांति भी है। 20 साल से शहर में एक ही मेयर हैं, जिनपर लोग काफी भरोसा करते हैं। हालांकि यहां के मेयर को ड्राइविंग करना काफी पसंद हैं, लेकिन वह मानते हैं कि गाड़ियों की जगह शहरों में नहीं है बल्कि हाईवे या दूर तक फैले देहाती इलाकों में हैं।



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