...मायावती ने ठुकराया चन्द्रशेखर की अपील
| Rainbow News Network - Nov 8 2019 12:38PM

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भीम आर्मी के चंद्रशेखर के द्वारा बीजेपी के खिलाफ लड़ने के लिए एक साथ आने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. चंद्रशेखर ने मायावती से अपील की थी कि सारे मतभेदों को भुलाकर साथ आएं और बहुजन मूवमेंट की ताकत को बढ़ाएं. इसके जरिए बहुजन विरोधियों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा सके.

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भीम आर्मी के चंद्रशेखर के द्वारा बीजेपी के खिलाफ लड़ने के लिए एक साथ आने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. बसपा ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्र शेखर 'आजाद' द्वारा मायावती को लिखे गए एक पत्र को 'दलितों के मध्य भ्रम पैदा करने वाला' बताया. साथ ही चंद्रशेखर को दलितों को बांटने वाला नेता बताया.

बता दें कि भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने बसपा अध्यक्ष मायावती के नाम चार पेज का खुला खत लिखा था. पत्र के जरिए चंद्रशेखर ने मायावती से अपील की थी कि सारे मतभेदों को भुलाकर साथ आएं और बहुजन मूवमेंट की ताकत को बढ़ाएं. इसके जरिए बहुजन विरोधियों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा सके. साथ ही चंद्रशेखर ने मायावती को कांशीराम का कोर मेंबर बताया और कहा कि आपका अनुभव हमारे व बहुजन मूवमेंट के काम आएगा.

भीम आर्मी की इस अपील को बसपा ने नकार दिया है. साथ ही कहा कि चंद्रशेखर के दुष्प्रचार के जवाब में बसपा उत्तर प्रदेश के दलित बहुल इलाकों में पहले से ही जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है. राज्य और जिला इकाई के नेताओं को निर्देशित किया गया है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को चंद्रशेखर की दलितों को बांटने की योजना के बारे में जागरूक करें.

हालांकि मायावती ने पहले ही इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि यदि भीम आर्मी या कोई भी दलित संगठन वास्तव में समुदाय को सशक्त बनाने के लिए काम करना चाहते हैं, तो उन्हें बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर और बीएसपी के संस्थापक कांशीराम द्वारा शुरू किए गए आंदोलन को बीएसपी की अगुआई में आगे लेकर जाना चाहिए. -आज तक 



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